का परमेशुर का असितत्व हई? क परमेशुर क असितत्वक कउनो साबुत हई?



प्रश्न: का परमेशुर का असितत्व हई? क परमेशुर क असितत्वक कउनो साबुत हई?

उत्तर:
परमेशुर का अस्तितव के साबुत य नकर नहि ज सका हई। बाईबल भी या कह हई की हम विसवास के जरिये ई बीचर क मानना लेवे चा ही कि परमेसुर का अस्तितव हई अउर विस्वास बिना ओकरा के खुश् कर क मुसकिल हई , कहे की परमेशुर क पास आवे वालइ का विस्वास करें चाहि ,का उ हई ,{3] अउर अपन खोजें वालइ क परती फल देता हई” ( इब्रानियों 12:6) | यहि से परमेशुर केइ इच्छ रहा ते उ बस यहि पपरकट हों जा रहा अउर पुरे संसार क साबुत क्र देहल कई ओकर असितवव हई । यदि परमेसुर के इसन इच्छा रहा । त फेर विसवास क कउनो जरूरी नहि रहगवा । यीशू उई त कहिस तु मोहिका देखि कई बिस्वासु किएउ हई ,धन्य वईं हई जउन बिनु देखि विस्वास किहिन (यहुन्ना 20:29) |

ई का मतलब नहि कि परमेशुर क अस्तिवव क कउनो साबुत हई नहि । बाईबल घोषणा कहिन हई की आकास के महिमा क बाखंन कर रहल हई अउर आकस मा उकी हाथके काम देखि क पारकट कर रहल हई| दिन त दिन बाती करी अउर रात से रात गायन सिखवति हई । न कउनो बोली अउर न कउनो भासा जउन उ सब्द सुनीइ नहि देत हई। उनकै सुर धरती पाइहि गुजि गवा है, अब उनके बचन जगत् केरे छोर तक पहुची गये हई। (भजन सहीता 19:1-4) । तारा के ओर देखि ई बहमण्ड के विशलता क समझइ हई जगत चम्त्कार् पर देवइ रहा, सूरज अशत के सुंदरता क देखि हई यहि साडी चीज एक सिरजनहार परमेशुर क ओर देखवत हई। यहि काफी नहि हई, त हमरा ख़ुद क मन मा परमेशुर क खातीर ऐक साबुत हई । सभोउपदेक 3:11 हम कहिन हई की उई मानई के मन मा अन्आदि अनँगिनत समय क गायन पैदा भइल हई । हमर अपन अन्दर क गहरई माँ इसन कोउन पहचान हई क ई जीवन स पारे कुछ है। अउर ई जगत स पारे भी कउनो हई। हम ई गायन क बौधिक् रूप स झुटला रहल हई पर हम माँ अउर हमरा कुल ओ र परमेसुर क उपस्थि इ त फेर भी साफ साफ बनि रहा हई। इ के बाद मा } बाईबल हमका चेतवनि देति है। की कुछ लोगन फेर परमेसुर क आकर होई अस्वीकार करिह मूरख अपना मन मा कहि हई क कउनो परमेशुर है हई नहि भजन संहिता 14:1| कहे की अब तक क इतिहास मा पूरा साँसकीरत मा सब सभ्यता मा सब महादीपो मा अधिकशन्स लोग क बुहत मत कई परक स परमेशुर क असितवत माँ विसवास रहा है। त ई विसवास का करन कुछ य क़ोई त होइ गवा.

परमेशुर क असितत्व क बाईबल अधारित बिचर क अतिरिक्त य पर बिचरिक बिचर हई। पहले बिचर तत्वों मसि सकरतम हई। तत्व वियान क बिचर क सबसे जादा चर्चाचित रूप स ई बिचर धारा क उपयोग करा ही की परमेशुर क परमेशुर क अस्तित्वक अकर. परमन देवे हई। उई परमेशुर क इ परिभसा शुरू होत हई क़ि उई ऐ तना बडा है की ओइसन बीचर हि नाहई कि जा सकत है । फ़ेर इ बडी बहस उठा होति है। की अस्तित्व (आकर) मा होवे ही अस्तित्व (आकर) मा न होवे से जादा बडा हई, अउर यहि से सबसे बडन कल्पनयि जान क अस्तित्व (आकर)मा होव चाही । यदी परमेसुर क असितत्व(आकर)नहि हईत परमेसुर स बडा कल्पनयि जन नहि हो। सकत है अउर यहि बात परमेसुर क परिभसा क हि तोड़. रहा है।

दूसर बीचर सोद्देश्य वादी हई। सोद्देश्य वादी बीचर यहि घोषणा करत है। की काहेकि बह्मण्ड ऐक इसन अनोखा जनक क प्रदर्शित क रहा हई इ करन उ पर कोनऊ ईशवरीय खाकर न होवे चाही । उदरणन क रूप मा इ धरती विशेष कर सूरज स कुछ् सौ मील नजदिक या दूर होति त उ जीवन व्क उ पारकर मदद करें योग नहि होत जेतना उई आज क समय मा करत हई। यहि हमार बातावरन मा महजूद तत्व यहि तक की मात्र कुछ परितसत अनेकों क होवत हई , त धरती पर कुल सब जीवेत जन मर जिहिए। ऐक एक्ल प्रोटीन क आडा क सांयोग स बनन क़ि सम्भावना हई 10234 मा से 1 हई त हई एकर मतलब है की 10 बाद 24 शून्य क आये क है। ऐक एकल कोशिका लाखो आड़ू से मिल् क बनत हई।

परमेसुर क अस्तित्व (आकर) क बारे मा जउन तिसरी त रकी बिचर हई उ बह्मण्ड सम्बति बीचर हई । हर प्रति फल क पिछे कोये ऐक करन है। यहि बह्मण्ड अउर इसमें के हर बस्तु चीज़ ऐक फ़ल है। कोय न कोय इसन बस्तु होवे चाही जे करन हर चीज अस्तित्व मा आइ हैं। अखिरकार कोय करन रहीत होये चाही ताकि अन्य चीज क असितत्व(आकर)मा आवे क करन बनि। उ करन रहीत चीज ही परमेसुर है। चार वा विचर नैतिक बिचर क रूप मा जनि जति है।। इतिहास मा अब तक ले हार क संस्कृति क पास कोय न कोय परकर के सुबिधा होत अवा है । हर ऐक क पास गलत अउर सही बोध (गायन) है। -हत्या झूठा चोरी अउर अनेतिक क लगभग पुरे जगत मा अस्वीकार कइल होय । सही अउर ग़लत क बोध यदी पवितर परमेसुर क पास स नहि त फेर कहाँ से आवा |

इन सबक बाद बाईबल हमें बतवत है। कि लोग परमेसुरक साफ त अस्वीकार न करें वाला गायन क स्वीकार कर देवे अउर एकरा बहजूद एक जुटा पर विसवास करई । रोमियों 1:25 घोषणा करत है |इहि करन उइ सब क़ रे परमेसुर की सचाई बातन क बदलि कै झूठा बानई दिहिन । अउर उइ सिर्सटी कि पूजा अउर सेवा किन् न की उई सृजनहार की जउन सदा धन्य हई । अमीन। "बाईबल इहि घोषणा कहिन है। कि परमेसुर पर बिस्वास न करें ख़तीर लोग के पास किसी तरह क कोय बहना नहि हैं। काहे त उइ करें अनदेखी गुन मतलब उइ की सन्नतन समर्थ अउर परमेसुत जगत क सिरिटी क समय ते करे कामन ते देखिए मा आवत हई । उइ तक उ निरूक्ततर हई (रोमियों 1:20) |

लोग परमेसुर के अस्तित्व क दावा क अस्वीकार कर देवत है कहेकि उमे वैग्यानिक नहि है या कहैकई इ कोय साबुत नहि है। सच्ची करन उही है। कि ऐक बार लोग स्वविकर करें लते हई कि। परमेसुर त उइ उहि स्वीकार करें पडा कि परमेसुर क परती जिमेवर अउर उन्हे परमेसुर स माफी कि जरुरत हई। रोमिय 3:13, 6:23| यदि परमेसुर क असितत्व है। ते फेर हम्बेऊके परती अपन कामन के परती जबब देह है। अगर परमेसुर क अस्तित्व नहि है त फेर हम जे चहे उ इ बात क पावह न किहिन है के परमेसुर हमरा न्याय करी। इ लिये न ही उन लोग मा स बहूत स जे परमेसुर क असितत्व क इनकार कर देत है। बिकासवाद क नियम मा शक्ति क साथ विसवस करें हई लगे रहे यहि उन ऐक सृस्टि कर्ता परमेसुर म विसवस करें क बदलि म एक राह देत है। परमेसुर है अउर आखिरकार सब जनत हई कि परमेसुर हई। पूरा त तत्य यहि है। की कुछ लोग उई अस्तित्व क असिद्ध करें क इत ना उद्दण्डता भरला प्रायस करें हई यहि ख़ुद माँ उसके असितत्व क होवै दवा ऐक वीचर बन गवा हई।

हम कइसे जनत है। की परमेसुर क असितत्व हई ? मसहि बिसुसि होवे क करन हम जनत है कि परमेसुर का असितत्व है कहेंकि हम रोज रोज उ बात करें हई। हम उइ उचे आवाज मा हमसे बोले हई नहि सुनि हई पर हम उई के महजूदगी क बोध होत है हम उकी अगुआई म मासूस करें है हम उ के प्रेम क जनत है हम ऊब अनुग्रहरह क लालसा ह है। *हमरा जीवन म इसे ही घटना घटित हई गवा है जिनकी बिबरन परमेसुर क अल्वा अउर कउनो नहई करें सकत हई। परमेसुर न हम ही भउत् जादा आत्भू द जनक रूप से बचय है अउर हमार जीवन क इसन परीवर्तन की गवा है की हमें उइ असितत्व क पहचने अउर उकी स्तुति करें क अल्वा कुछ नहि क्र सकत है। इसन मा कोनऊ बीचर अपन आप म केहो क परति नहि करें सकत ज इ बातन क पहचने स एंकर करत ज क पहले से इतनी साफ हई। अन्त मा परमेसुर का अस्तित्व बिस्वस क दवारा स्वविकर करी गवा जना चाही (इब्रानियों 11:6)। परमेसुर पर विसवस आंधी मा उडान नहि है यहि ऐक अच्छाई तरह स रोसन कमरे मा सुरक्षित कदम स पहले ही आधिकन्स लोग क बहमत हई ।



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का परमेशुर का असितत्व हई? क परमेशुर क असितत्वक कउनो साबुत हई?