संसार के सबसे सामान्य धर्म कौन से हैं?


प्रश्न: राशिफल का उद्देश्य किसी व्यक्ति के चरित्र और भविष्य की भविष्यवाणी में?

उत्तर:
संसार में अँसख्य धर्म पाए जाते हैं, जिनमें अधिकांश धर्म उनके भीतर ही उप-सम्प्रदाय रखते हैं। सामान्य रूप से कहना, सभी धर्मों ने लोगों को इस संसार में अपने उद्देश्य और अस्तित्व को समझने में सहायता करने का प्रयास किया है, उन्होंने यह बताया है कि जीवन के उपरान्त क्या होता है, और यह घोषित किया है कि एक ईश्‍वर है या नहीं, और यदि हैं, तो हम कैसे इस ईश्‍वर से कैसे सम्बन्धित होते हैं। नीचे दी गई सूची में विश्‍व के सात धर्मों के 95% से अधिक धार्मिक अनुयायी सम्मिलित हैं।

रोमन कैथोलिकवाद और ईसाई धर्म
पूरे संसार में लगभग 1.2 अरब लोग रोमन कैथोलिकवाद का अनुसरण करते हैं। यद्यपि रोमन कैथोलिक चर्च को सदैव से ही ईसाई धर्म के साथ पहचाना गया है, तथापि इन दोनों के मध्य में मौलिक अन्तर पाए जाते हैं। रोमन कैथोलिक सामान्यतः स्वयं को ईसाइयों के रूप में पहचानते हैं, परन्तु, मसीही विश्‍वास के दो भागों में विभाजित करने का उद्देश्य यह है कि रोमन कैथोलिक मसीही विश्‍वासी स्वयं को कैथोलिक अनुयायी या ईसाई कहते हैं, जबकि मसीही विश्‍वासी के गैर-कैथोलिक अनुयायियों को मसीहियों के रूप में जाना जाता है। पूरे संसार में लगभग 90 करोड़ लोग रहते हैं, जो स्वयं को गैर-कैथोलिक मसीही विश्‍वासी होने का दावा करते हैं। यह नाम इस तथ्य से लिया गया है कि नासरत के यीशु के आरम्भिक अनुयायियों को मसीही (प्रेरितों 11:26) कहा जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है "छोटे मसीह" से है। यूनानी शब्द "ख्रिस्त" के लिए इब्रानी शब्द मसीहा है जिसका अर्थ "एक अभिषिक्त व्यक्ति" से है। यद्यपि, मसीही विश्‍वासियों को अक्सर विशिष्ट सम्प्रदायों जैसे बैपटिस्ट, मेथोडिस्ट्स, प्रेसबिटेरियन, लूथरन, पेन्टेकोस्टल और नाजरीनवादी के साथ पहचाना जाता है, तथापि, वे भी सार्वभौमिक रूप से स्वयं के लिए मसीही नाम का दावा करते हैं। मसीहियत को कई बार सामूहिक रूप से "चर्च" या कलीसिया कहा जाता है। यह एक अस्पष्ट शब्द है, जिसमें इस शब्द को स्थानीय कलीसियाओं और भवनों के साथ-साथ विशिष्ट सम्प्रदायों के लिए भी उपयोग किया जाता है।

इस्लाम
"इस्लाम" शब्द का शाब्दिक अर्थ है "समर्पण," से है, और, इसलिए ही, एक मुस्लिम "वह है जो ईश्‍वर के अधीन है।" इस्लाम मुख्य रूप से मुहम्मद के लेखों के ऊपर आधारित है, जैसे वे कुरान में लिपिबद्ध हैं। आज संसार में करीब 1.3 अरब मुसलमान हैं। इस्लाम का प्रतिनिधित्व पूरे संसार में पाया जाता है। यद्यपि, अधिकत्तर यह मध्य पूर्व के साथ जुड़ा हुआ है, सबसे बड़ी मुस्लिम जनसँख्या एशिया में है। इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत में बहुत अधिक मुस्लिम जनसँख्या पाई जाती है।

हिन्दू धर्म
हिन्दू धर्म पश्चिमी संसार के द्वारा रचा हुआ एक शब्द है, जो कि भारत के प्रमुख धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था को स्वयं में सम्मिलित करता है। परम्परागत रूप से हम उन लोगों को हिन्दू कहते हैं, जो स्वयं के विश्‍वास को "धर्म" कह कर पुकारते हैं, जिसका अर्थ "मार्ग" या "धर्म" से है। संसार में लगभग 90 करोड़ हिन्दू पाए जाते हैं। स्पष्ट है कि हिन्दूओं की सबसे बड़ी सँख्या भारत में ही स्थित है। क्योंकि भारतीय पूरे संसार में प्रवासित हो गए हैं, तथापि, अन्य देशों में कई हिन्दू समुदाय पाए जाते हैं। भारत में हिन्दूओं की कुल सँख्या कुछ विवादों के अधीन है, क्योंकि इसमें 30 करोड़ "अस्पृश्य" (दलित) सम्मिलित हैं, जिन्हें आधिकारिक रूप से हिन्दू समाज के ढांचे के रूप में गिना तो जाता है, परन्तु जिन्हें हिन्दू धर्म में पूरी तरह से भाग लेने से रोका जाता है।

बौद्ध धर्म
बौद्ध धर्म बुद्ध नामक व्यक्ति की शिक्षाओं पर आधारित है, जिसका अर्थ है "ज्ञानोदीप्त हुए व्यक्ति" से है। इस धर्म की कई भिन्न शाखाएँ हैं, परन्तु बौद्ध धर्म ही एकमात्र उचित, सर्वव्यापी शब्द है, और इसके अनुयायियों, चाहे उनके मान्यताओं में भिन्नता ही क्यों न हो, बौद्ध के रूप में ही जाने जाने से प्रसन्न होते हैं। बौद्ध धर्म के लगभ 36 करोड़ अनुयायी हैं, जो ईसाई धर्म, इस्लाम और हिन्दू धर्म के पश्चात् चौथे स्थान पर हैं। बौद्ध धर्म का उदय भारत में हुआ। यह श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया (थाईलैंड, म्यांमार, लाओस और कम्बोडिया) में अपने अधिक परम्परागत रूपों में प्रमुखता से पाया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह कई अन्य एशियाई देशों, विशेष रूप से तिब्बत, कोरिया, चीन और जापान में विभिन्न रूपों में पाया जाता है। आज, बौद्ध धर्म अक्सर पश्चिमी देशों द्वारा अपनाया जा रहा है, यद्यपि अक्सर इस धर्म के पारम्परिक रूपों के प्रति सच्चाई को छोड़ते हुए ऐसा हो रहा है।

यहूदी धर्म
यहूदी धर्म का नाम यहूदा नामक जनजाति या गोत्र के नाम पर रखा गया है, जो इस्राएल की बारह प्राचीन जनजातियों या गोत्रों में से एक है। इसलिए, शाब्दिक रूप से, यह उन लोगों का धर्म है, जो यहूदा की जनजाति से आते हैं, जिन्हें यहूदी कहते हैं। तथापि, यहूदी होने के नाते एक जातीय पहचान और साथ ही एक विश्‍वास के रूप मे उद्धृत होने पर भी, आज कई यहूदी विश्‍वासी यहूदी धर्म का पालन नहीं करते हैं, चाहे वे यहूदियों के रूप में पहचाने जाने वाले लोग के रूप में जातीय और सांस्कृतिक रूप से प्रसन्न हैं। अनुमान यह लगाया गया है कि आज संसार में लगभग 15 लाख धार्मिक यहूदी हैं, परन्तु इनमें से कई किसी भी धर्म का पालन नहीं करते हैं।

बहाई धर्म
शब्द बहाई का शाब्दिक अर्थ है "बहा के अनुयायी," से है, जो इस धर्म के संस्थापक बहुल्ला को उद्धृत करता है। बहाई धर्म के सात लाख से अधिक अनुयायी हैं। ईरान में उदय होने के साथ ही बहाई धर्म के अनुयायी 200 से अधिक देशों में प्रतिनिधित्व करते हैं, यह केवल ईसाई धर्म (250 से अधिक देशों में) के पश्चात्, परन्तु इस्लाम से बहुत आगे है, जो लगभग 175 देशों में पाया जाता है।

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