नरक कहाँ पर है? नरक कहाँ पर स्थित है?


प्रश्न: नरक कहाँ पर है? नरक कहाँ पर स्थित है?

उत्तर:
स्वर्ग निश्चित रूप से एक वास्तविक स्थान है। बाइबल बड़े ही अधिक निश्चित रूप से स्वर्ग के अस्तित्व के बारे में बोलती है — और यीशु मसीह पर विश्‍वास के माध्यम से स्वर्ग तक पहुँचा जा सकता है — परन्तु बाइबल का ऐसा कोई वचन नहीं है, जो हमें इसके भौगोलिक स्थान की जानकारी प्रदान करता है। इस प्रश्‍न का संक्षिप्त उत्तर यह है कि, "स्वर्ग वह स्थान है जहाँ परमेश्‍वर वास करता है।" इस प्रश्‍न में उद्धृत स्थान को 2 कुरिन्थियों 12:1-4 में "तीसरा स्वर्ग" और "स्वर्गलोक" कह कर पुकारा गया है, जहाँ पर पौलुस कहता है कि वह एक जीवित व्यक्ति के रूप में था, जो स्वर्ग तक ऊपर "उठा लिया" गया था और वह इसका विवरण देने में असमर्थ था। 1 थिस्सलुनीकियों में भी "उठा लिया" यूनानी शब्द का उपयोग किया गया है, जिसका अनुवाद मेघारोहण का वर्णन करने के लिए किया गया है, जिसमें सभी मसीही विश्‍वासी प्रभु के साथ मिलने के लिए हवा में ऊपर उठा लिए जाएँगे। ये सन्दर्भ इस निष्कर्ष की ओर ले गए हैं कि स्वर्ग इस पृथ्वी के हवा वाले क्षेत्र और सितारों से परे कहीं स्थित है।

यद्यपि, क्योंकि परमेश्‍वर आत्मा है, इसलिए "स्वर्ग" हम से दूर उस स्थान को नहीं दर्शा सकता है, जिसमें वह वास करता है। यूनानी देवताओं को अपने अधिकांश समय को पृथ्वी से बहुत दूर व्यतीत करने के बारे में सोचा गया था, जो कि बहामास नामक देश के क्षेत्र के बराबर माना गया है, परन्तु बाइबल का परमेश्‍वर ऐसा नहीं है। जब भी हम पुकारें वह सदैव हमारे निकट है (याकूब 4:8), और हमें उसके "निकट आने" के लिए उत्साहित किया गया है (इब्रानियों 10:1, 22)। ऐसा माना जाता है कि "स्वर्ग" वह स्थान है, जहाँ पर सन्तों और स्वर्गदूतों को रहने के स्थान के रूप में सोचा गया है, क्योंकि सन्तजन और स्वर्गदूतों को परमेश्‍वर के सृजे हुए प्राणियों के रूप में अन्तरिक्ष और समय में विद्यमान हैं। परन्तु जब सृष्टिकर्ता को "स्वर्ग में" विद्यमान होने के लिए कहा जाता है, तो यह सोचा जाता है कि वह हम से एक भिन्न स्थान की अपेक्षा एक भिन्न तल पर विद्यमान है।

यह कि स्वर्ग में परमेश्‍वर सदैव पृथ्वी पर उसकी सन्तान के निकट है, जिसी अभिव्यक्ति बाइबल में सभी स्थानों पर पाई जाती है। नए नियम में स्वर्ग का उल्लेख बहुत अधिक बार दुहराव के साथ किया गया है। तथापि, इतनी अधिक आवृत्ति होने के पश्चात् भी उसके स्थान का विस्तृत विवरण लुप्त है। कदाचित् परमेश्‍वर ने अपने इस स्थान को जानबूझकर रहस्य में ढक दिया है, क्योंकि हमारे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हम स्थान या विवरण की अपेक्षा स्वर्ग के परमेश्‍वर के ऊपर अपने ध्यान को ज्यादा केन्द्रित करें। "कहाँ" की तुलना में "क्यों" की जानकारी प्राप्त करना अधिक महत्वपूर्ण है। नया नियम स्वर्ग कैसा है और कहाँ पर स्थित है, के स्थान पर स्वर्ग के उद्देश्य के ऊपर अपने ध्यान को अधिक केन्द्रित करता है। हमने देखा है कि नरक दण्ड और पृथकता का स्थान है (मत्ती 8:12; 22:13)। जबकि स्वर्ग दूसरी ओर परमेश्‍वर के सिंहासन के चारों ओर आराधना करते हुए उसकी संगति और अनन्तकाल के आनन्द की प्राप्ति वाला अधिक महत्वपूर्ण स्थान है।

English



हिन्दी के मुख्य पृष्ठ पर वापस जाइए
नरक कहाँ पर है? नरक कहाँ पर स्थित है?