यीशु का जन्म कहाँ हुआ था?


प्रश्न: यीशु का जन्म कहाँ हुआ था?

उत्तर:
बाइबल मत्ती 1:18-25; 2:1-12; लूका 1:26-38; और 2:1-20 में यीशु मसीह के जन्म को लिपिबद्ध करती है। मरियम की गर्भावस्था के समय, औगस्तुस कैसर की ओर से एक आदेश दिया गया कि "सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएँ" (लूका 2:1)। इसका अर्थ यह था कि रोमी क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जनगणना में गिने जाने के लिए अपने पूर्वजों के शहर में वापस जाना आवश्यक था।

यूसुफ उस समय नासरत में रहता था, परन्तु वह यहूदिया के क्षेत्र, "गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया, क्योंकि वह दाऊद के घराने और वंश का था" (लूका 2:4)। स्वाभाविक था कि, यूसुफ अपनी मंगेतर, मरियम, को अपने परिवार के सदस्य के रूप में गिने जाने के लिए साथ ले जाए। इस प्रकार, युवा दम्पत्ति यीशु के जन्म के समय छोटे शहर बैतलहम में पहुँच गए।

यह स्थान मीका के द्वारा पहले से की गई भविष्यद्वाणी के अनुरूप है, जो यह घोषणा करती है कि मसीह का जन्म बैतलहम में होगा: "हे बैतलहम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हज़ारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरुष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करनेवाला होगा; और उसका निकलना प्राचीनकाल से, वरन् अनादि काल से होता आया है" (मीका 5:2)।

क्योंकि कई लोग जनगणना के लिए बैतलहम लौट आए थे, इसलिए यह छोटा शहर लोगों से भर गया था। सराय में मरियम और यूसुफ के लिए कोई स्थान नहीं था, जिसने उन्हें उपलब्ध एकमात्र स्थान पर शरण लेने के लिए मजबूर किया — जो कि जानवरों के लिए एक आश्रयस्थल था। (यद्यपि बाइबल कभी भी मसीह के जन्म के समय जानवरों की उपस्थिति का उल्लेख नहीं करती है, परन्तु लूका का कहना है कि शिशु यीशु को एक चरनी में रखा गया था — और एक चरनी की उपस्थिति का होना जानवरों की उपस्थिति को दृढ़ता समर्थन देता है।)

परम्परा अनुसार, लूका 2:7 में सन्दर्भित "सराय" को एक प्रकार का व्यावसायिक होटल माना जाता है। और जिस स्थान पर मरियम और यूसुफ ने शरण ली, वह आसपास के क्षेत्र में कहीं पर स्थित एक अस्तबल था। तथापि, हम निश्चित रूप से यह नहीं जानते हैं कि वह क्या थी, क्योंकि यूनानी शब्द जिसका अनुवाद "सराय" (काटालुमा) में किया गया है, को "अतिथि कक्ष" के रूप में भी अनुवादित किया जा सकता है। यह अनुवाद हमें मेहमानों से भरे एक व्यक्तिगत् घर में ही परिवार के साथ रहने वाले जानवरों के घर के लिए उपयोग किए जाने वाले एक अलग क्षेत्र की कल्पना के लिए प्रेरित करता है।

कभी-कभी जानवरों के लिए स्थान एक घर के निचले भाग में स्थित होता था, उससे दूर जहाँ लोग रहते थे। इसलिए, जब लूका "काटालुमा में कोई कमरा नहीं था" का सन्दर्भ देता है, तो उसका अर्थ यह हो सकता है कि ऊपरी तले पर कोई कमरा नहीं था, जो पहले से ही सोने वाले मेहमानों या परिवार के अन्य सदस्यों से भरा हुआ था। पुरातत्व सम्बन्धी निष्कर्षों से यह भी पता चला है कि घरों में केवल एक दीवार होती थी, जो घर के आगे के भाग को पीछे के भाग से अलग करती थी, जहाँ जानवरों को सुरक्षित रखा जाता था। ये दोनों तले किसी तरह से घर से जुड़े हुए एक आन्तरिक पशु आश्रय स्थल थे। इतने पर भी, मसीह के जन्म के स्थान पर एक चरनी थी या भोजन खिलाने वाला स्थान था, जिसमें यीशु का जन्म हुआ था और जिसका उपयोग नवजात यीशु के लिए विश्राम स्थल के रूप में किया गया था, जैसा कि लूका 2:7 में कहा गया है।

एक विचारधारा यह भी पाई जाती है कि जिस आश्रय स्थल में यीशु का जन्म हुआ था, वह बैतलहम के उत्तरी भाग में स्थित एक स्थान था, जिसे मिग्दोल एदेर कहा जाता था। यह एक प्रहरीदुर्ग था, जिसके नीचे रहने के लिए स्थान था, जिसमें चरवाहे भेड़ों के प्रजनन काल के समय रहा करते थे, ताकि नए जन्में मेम्नों को आश्रय प्रदान कर सकें, जिन्हें बाद में यरूशलेम के मन्दिर में बलिदान चढ़ाए जाने के लिए उपयोग किया जाता था। भविष्यद्वक्ता मीका, जिसने मसीह के जन्म के स्थान के रूप में बैतलहम की भविष्यद्वाणी की थी, मिग्दोल एदेर का भी उल्लेख किया है: "हे एदेर के गुम्मट [इब्रानी में, मिग्दोल एदेर], हे सिय्योन की पहाड़ी, पहली प्रभुता अर्थात् यरूशलेम का राज्य तुझे मिलेगा" (मीका 4:8)। इस विचारधारा का उपयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि क्यों, जब घोषणा करते हुए स्वर्गदूतों ने संकेत दिया कि बालक "को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा हुआ पाओगे," तो चरवाहों को वास्तव में पता था कि कहाँ देखना है। और यह प्रसंगानुकूल है कि मसीह का जन्म उसी स्थान पर हो जहाँ बलि के मेम्ने जन्म लेते हैं।

क्या यीशु के जन्म का वास्तविक स्थान एक अन्दर बना हुआ पशु आश्रय स्थल था, या एक अलग खलिहान, या एक प्रहरीदुर्ग, जिसका उपयोग भेड़ों के प्रजनन के लिए किया जाता है, चाहे यह कुछ भी क्यों न हो बाइबल स्पष्ट करती है कि यीशु मसीह, परमेश्वर का पुत्र, बैतलहम शहर में एक विनम्र स्थान में जन्म लेता है।

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