पानी का बपतिस्मा किसका प्रतीक है?


प्रश्न: पानी का बपतिस्मा किसका प्रतीक है?

उत्तर:
पानी का बपतिस्मा एक विश्‍वासी के द्वारा प्रभु यीशु मसीह के ऊपर पूर्ण निर्भरता और पूर्ण विश्‍वास किए जाने के साथ ही, उसके द्वारा यीशु के प्रति आज्ञाकारी होने के लिए समर्पण का भी प्रतीक है। यह साथ ही सभी सन्तों की एकता को भी व्यक्त करता है (इफिसियों 2:19), अर्थात्, इस पृथ्वी पर रहने वाले उस प्रत्येक व्यक्ति के साथ, जो मसीह की देह का सदस्य है (गलातियों 3:27–28)। पानी का बपतिस्मा इस और अधिक के आशय को व्यक्त करता है, परन्तु यह वह बात नहीं है, जो हमें बचाती है। इसकी अपेक्षा, हम कामों को छोड़कर, विश्‍वास के द्वारा अनुग्रह से बचाए जाते हैं (इफिसियों 2:8-9)। हम बपतिस्मा इसलिए लेते हैं, क्योंकि इसको लेने की आज्ञा हमें परमेश्‍वर ने दी है: "इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो" (मत्ती 28:19)।

पानी का बपतिस्मा विश्‍वासियों के लिए है। बपतिस्मा लेने से पहले, हमें विश्‍वास करना होता है कि हम उद्धार की आवश्यकता में पापी हैं (रोमियों 3:23)। हमें यह भी मानना चाहिए कि मसीह हमारे पापों की दण्ड को अदा करने के लिए क्रूस पर मर गया, उसे दफनाया गया था और स्वर्ग में हमारे लिए स्थान को आश्‍वस्त करने के लिए उसे पुनरुत्थित किया गया था (1 कुरिन्थियों 15:1-4)। जब हम यीशु की ओर यह कहते हुए मुड़ते हैं, कि वह हमारे पापों को क्षमा करे और हमारा प्रभु और उद्धारकर्ता हो जाए, तो हम फिर से पवित्र आत्मा की सामर्थ्य के द्वारा नया जन्म प्राप्त करते हैं। हमें शाश्‍वतकालीन उद्धार की गारन्टी मिलती है और हम स्वयं के प्रति मरने और मसीह के लिए जीवन यापन करने लगते हैं (1 पतरस 1:3-5)। उस समय हम बपतिस्मा लेने के लिए पवित्र शास्त्र के अनुसार योग्य हो जाते हैं।

पानी का बपतिस्मा हमारे प्रभु ने हमारे लिए जो कुछ किया है, उसका एक सुन्दर चित्रण है। जब हम पूरी तरह से पानी में डूब जाते हैं, तब हम स्वयं को प्रभु के साथ दफन होने या गाड़े जाने को चिन्हित करते हैं; हम क्रूस पर उसकी मृत्यु में बपतिस्मा लेते हैं और अब स्वयं या पाप के दास नहीं रहते हैं (रोमियों 6:3-7)। जब हम पानी से बाहर निकलते हैं, तो हम प्रतीकात्मक रूप से पुनरूत्थित होते हैं — मसीह में अपने जीवन का यापन करने के लिए सदैव के लिए जी उठते हैं, हमारे प्रेमी परमेश्‍वर के परिवार में जन्म ले लेते हैं (रोमियों 8:16)। जब हम बचाए जाते हैं, तब पानी का बपतिस्मा आत्मिक शुद्धता को भी दर्शाता है; ठीक वैसे ही जैसे पानी शरीर को शुद्ध करता है, जब हम मसीह पर भरोसा करते हैं, तो पवित्र आत्मा हमारे मनों को शुद्ध करता है।

सच्चाई तो यह है कि पानी का बपतिस्मा उद्धार प्राप्ति के लिए एक शर्त नहीं है, जो अपनी सर्वोत्तम रूप में एक बचाए गए व्यक्ति — क्रूस पर चढ़े हुए अपराधी के उदाहरण में दिखाई देता है, जिसने पानी के बपतिस्मे को नहीं लिया था (लूका 23:39-43)। इस स्वयं-अंगीकार किए गए पापी ने यीशु के साथ एक क्रूस पर मरते समय उसे अपने प्रभु के रूप में स्वीकार किया था। चोर ने उद्धार को दिए जाने के लिए कहा और उसके पापों को क्षमा कर दिया गया। यद्यपि, उसने पानी के बपतिस्मे का कभी भी अनुभव नहीं किया था, उसी क्षण वह मसीह की मृत्यु में आत्मिक रूप में बपतिस्मे को पाता है और इसके पश्‍चात् वह मसीह के वचन की सामर्थ्य के द्वारा शाश्‍वतकाल के जीवन के लिए पुनरूत्थित हो जाता है (इब्रानियों 1:3)।

मसीहियों को हमारे प्रभु यीशु के प्रति प्रेम और आज्ञाकारिता के लिए बपतिस्मा लेना चाहिए (यूहन्ना 14:15)। डूब के द्वारा पानी का बपतिस्मा ही बाइबल आधारित बपतिस्मे की पद्धति क्योंकि यही मसीह की मृत्यु, गाड़े जाने और उसके जी उठने का प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण है।

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