अन्त के समय का अपवित्र त्रिएकत्व क्या है?


प्रश्न: अन्त के समय का अपवित्र त्रिएकत्व क्या है?

उत्तर:
शैतान की एक सामान्य रणनीति परमेश्‍वर की तरह प्रकट होने के लिए परमेश्‍वर की बातों की नकल या नकल करना है। प्रकाशितवाक्य 12 और 13 में वर्णित "अपवित्र त्रिएकत्व" को सामान्य रूप से इसका एक मुख्य उदाहरण माना जाता है। पवित्र त्रिएकत्व में परमेश्‍वर पिता, पुत्र (यीशु मसीह) और पवित्र आत्मा सम्मिलित हैं। अपवित्र त्रिएकत्व में शैतान, मसीह विरोधी, और झूठा भविष्यद्वक्ता सम्मिलित हैं। जबकि पवित्र त्रिएकत्व अनन्तकालीन की विशेषता सत्य, प्रेम और भलाई इत्यादि है, अपवित्र त्रिएकत्व धोखे, घृणा और अपर्याप्त बुराई के व्याप्त विपरीत लक्षणों को चित्रित करती है।

प्रकाशितवाक्य 12 और 13 में भविष्यद्वाणियों के ऐसे सन्दर्भ सम्मिलित हैं, जो सात-वर्ष के क्लेशकाल के दूसरे आधे हिस्से के मध्य में सम्मिलित कुछ मुख्य घटनाओं और पात्रों का वर्णन करते हैं। शैतान का वर्णन प्रकाशितवाक्य 12:3 में "एक बड़ा लाल अजगर था, जिसके सात सिर और दस सींग थे और उसके सिर पर सात राजमुकुट थे" के रूप में वर्णित है। रंग लाल भ्रष्ट और हिंसक व्यक्तित्व को इंगित करता है। सात सिर सात दुष्ट साम्राज्यों के प्रतीक हैं, जिन्हें शैतान ने परमेश्‍वर की योजना को आगे बढ़ने से रोकने के प्रयास में अभी तक के इतिहास में उपयोग किया है। जिस समय यूहन्ना ने इस भविष्यद्वाणी को लिखा — तब तक पाँच राज्य — मिस्र, अश्शूर, बेबीलोन या बाबुल, मादै-फारसी और यूनान आ और जा चुके थे। यूहन्ना के दिनों में — रोम में एक साम्राज्य सत्ता में था। और अन्तिम राज्य मसीह विरोधी का होगा। सात मुकुट विश्‍वव्यापी शासन का प्रतिनिधित्व करते हैं और दस सींग मसीह विरोधी के साम्राज्य के दस-टुकड़ों में विभाजन होने का, साथ ही नेबुकदनेस्सर के स्वप्न में दी मूर्ति में दस पैर की उँगलियाँ (दानिय्येल 2:41-43) और दानिय्येल 7:7, 24 में दिए हुए "डरावने" पशु के दस सींग प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रकाशितवाक्य 12 शैतान के बारे में उसके अजगर-जैसे स्वभाव के अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण तथ्यों को इंगित करता है। सबसे पहले आकाश के, "तारों का एक तिहाई" को खींच कर बाहर निकलने का चित्रांकित वर्णन इंगित करता है कि शैतान के विद्रोह के समय स्वर्ग में से एक तिहाई स्वर्गदूतों को बाहर निकाल दिया गया था (प्रकाशितवाक्य 12:4; की तुलना यशायाह 14:12-14 और यहेजकेल 28:12-18 से करें)। कभी-कभी क्लेशकाल के समय, प्रधान स्वर्गदूत मिकाईल और पवित्र स्वर्गदूतों की एक भीड़ शैतान और उसकी दुष्टात्माओं के साथ स्वर्गीय क्षेत्रों में युद्ध करते हैं और शैतान सदैव के लिए स्वर्ग में आने से प्रतिबन्धित कर दिया जाता है (प्रकाशितवाक्य 12:7-9)। अपने पार्थिव राज्य के प्रगट होने के लिए परमेश्‍वर की पूर्ति को रोकने के अपने प्रयास में शैतान एक बार फिर यहूदियों को समाप्त करने का प्रयास करेगा, परन्तु परमेश्‍वर अलौकिक रूप से अन्तिम 42 महीनों (साढ़े तीन वर्ष) में इस्राएल के बचे हुओं को किसी न किसी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगा (प्रकाशितवाक्य 12:6, 13-17; मत्ती 24:15-21)।

अपवित्र त्रिएकत्व का दूसरा सदस्य पशु — या मसीह विरोधी — प्रकाशितवाक्य 13 और दानिय्येल 7 में वर्णित है। यूहन्ना के दर्शन में, पशु समुद्र से बाहर आता है, जिसे बाइबल सामान्य रूप से गैर-यहूदी जातियों के सन्दर्भ में उपयोग करती है। उसे सात सिर और दस सींगों के रूप में वर्णित किया गया है — ठीक अजगर की तरह — जो शैतान से उसके सम्बन्ध को दर्शाता है। दस सींग विश्‍व सरकार की दस सिंहासनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मसीह विरोधी को शक्ति प्रदान करेंगे (दानिय्येल 7:7, 24 से तुलना करें)। इस विश्‍व में एक-ही-सरकार का आगमन मसीह के आने वाले राज्य के विरूद्ध निन्दनीय, लहू की प्यासी, शक्ति-की भूख रखने वाली विकृति की होगी।

प्रकाशितवाक्य 13:3, 12, और 14 इंगित करता है कि क्लेशकाल के मध्य में मसीह विरोधी घायल हो जाएगा, परन्तु शैतान चमत्कारी रूप से अपने घाव को ठीक करेगा। इस भ्रामक चमत्कार के बाद, पूरा संसार मसीह विरोधी से सम्मोहित हो जाएगा और यह मसीह विरोधी और शैतान की दोनों की आराधना करेगा (प्रकाशितवाक्य 13:4-5)। मसीह विरोधी और अधिक साहसी बन जाएगा और पूरे बहाने के साथ एक शान्तिपूर्ण शासक होकर सभी झगड़ों का निपटारा करेगा, वह यहूदियों के साथ अपनी सन्धि को तोड़ देगा, सार्वजनिक रूप से परमेश्‍वर की निन्दा करेगा, सन्तों पर आक्रमण करेगा और पुनर्निर्मित यहूदी मन्दिर को अपवित्र करेगा (दानिय्येल 9:27; प्रकाशितवाक्य 13:4-7; मत्ती 24:15)।

अपवित्र त्रिएकत्व का अन्तिम व्यक्तित्व झूठा भविष्यद्वक्ता है, जो प्रकाशितवाक्य 13:11-18 में वर्णित है। यह दूसरा पशु समुद्र से नहीं, अपितु पृथ्वी से बाहर आता है, सम्भवतः यह इंगित करता है कि वह इस्राएल का एक धर्मत्यागी यहूदी होगा। यूहन्ना उसे सींग और एक अजगर की आवाज के साथ भेड़ के बच्चे के रूप में देखता है (वचन 11)। यद्यपि वह स्वयं को एक नम्र, हल्के और उदार व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करेगा, सींग उसकी शक्ति को इंगित करते हैं। और उसका भाषण शैतान का है। झूठा भविष्यद्वक्ता लोगों को परमेश्‍वर से दूर करने और मसीह विरोधी और शैतान की आराधना को बढ़ावा देने के लिए दृढ़तापूर्वक और भ्रामक तरीके से बोलेगा (प्रकाशितवाक्य 13:11-12)। झूठा भविष्यद्वक्ता स्वर्ग से आग उतारने के चिन्ह और आश्‍चर्य को उत्पन्न करने में सक्षम होगा (प्रकाशितवाक्य 13:13)। वह मसीह विरोधी की मूर्ति को खड़ा करेगा, मूर्ति को जीवन देगा और सभी लोगों से उस मूर्ति की पूजा की मांग करेगा (प्रकाशितवाक्य 13:14-15)। पशु की मूर्ति, झूठे भविष्यद्वक्ता के द्वारा सशक्त की हुई होगी जो, "जितने लोग उस पशु की मूर्ति की पूजा नहीं करेंगे, उन्हें मरवा डालेगी" (वचन 15)।

झूठा भविष्यद्वक्ता भी प्रत्येक व्यक्ति को मसीह विरोधी की भक्ति दिखाने के लिए किसी तरह का चिन्ह प्राप्त करने के लिए मजबूर कर देगा। जो लोग चिन्ह प्राप्त करेंगे वे परमेश्‍वर के रूप में मसीह विरोधी को स्वीकार करेंगे और मसीह विरोधी की कार्य-सूची को प्रस्तुत करेंगे। विश्‍व की अर्थव्यवस्था में सम्मिलित होने के लिए चिन्ह लेना आवश्यक होगा। पवित्रशास्त्र कहता है कि पशु के चिन्ह को प्राप्त करने से एक व्यक्ति अनन्तकालीन मृत्यु के लिए ठहरा दिया जाएगा (प्रकाशितवाक्य 14:9-10)। क्लेशकाल में रहने वाले सन्तगण चिन्ह को प्राप्त करने से मना कर देंगे और परिणामस्वरूप सताए जाएंगे।

शैतान परमेश्‍वर-विरोधी है, पशु मसीह-विरोधी है और झूठा भविष्यद्वक्ता आत्मा-विरोधी है। यह अपवित्र त्रिएकत्व विश्‍वासियों को सताएगा और कई अन्य लोगों को धोखा देगा। परन्तु परमेश्‍वर का राज्य ही प्रबल होगा। दानिय्येल 7:21-22 कहता है कि, "फिर मैं ने देखा था कि वह सींग [मसीह विरोधी] पवित्र लोगों के संग लड़ाई करके उन पर उस समय तक प्रबल भी हो गया, जब तक वह अति प्राचीन न आया, और परमप्रधान के पवित्र लोग न्यायी न ठहरे, और उन पवित्र लोगों के राज्याधिकारी होने का समय न आ पहुँचा।"

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