प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में दिए हुए दो गवाह कौन हैं?


प्रश्न: प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में दिए हुए दो गवाह कौन हैं?

उत्तर:
प्रकाशितवाक्य 11:3-12: में दिए हुए दो गवाहों की पहचान पर तीन प्राथमिक दृष्टिकोण पाए जाते हैं: 1) मूसा और एलिय्याह, 2) हनोक और एलिय्याह और 3) दो अज्ञात् विश्‍वासी जिन्हें परमेश्‍वर ने अन्त में अपने गवाह होने की बुलाहट दी है।

मूसा और एलिय्याह को गवाहों को पानी को लहू में परिवर्तित कर देने की सामर्थ्य होने के कारण सम्भावना स्वरूप देखा जाता है (प्रकाशितवाक्य 11:6), जिसके लिए मूसा का पहले से ही पता है (निर्गमन अध्याय 7); और स्वर्ग से उनके द्वारा उतारी हुई आग से लोगों को नष्ट करने की उनकी सामर्थ्य (प्रकाशितवाक्य 11:5), जिसके लिए एलिय्याह जाना जाता है (2 राजा अध्याय 1)। इस दृष्टिकोण को भी बल देने के पीछे यह सच्चाई पाई जाती है कि मूसा और एलिय्याह यीशु के साथ रूपान्तरण में प्रकट हुए थे (मत्ती 17:3-4)। इसके अतिरिक्त, यहूदी परम्परा मूसा और एलिय्याह के भविष्य में लौट आने की अपेक्षा करते थे। मलाकी 4:5 एलिय्याह के आने की भविष्यद्वाणी करता है और कुछ यहूदियों का मानना है कि मूसा की तरह एक भविष्यद्वक्ता को खड़ा करने के लिए परमेश्‍वर की प्रतिज्ञा (व्यवस्थाविवरण 18:15,18) के पूरा होने के लिए मूसा की वापसी का होना भी अवश्य है।

हनोक और एलिय्याह को दो गवाहों की सम्भावित पहचान के रूप में देखे जाते हैं, क्योंकि वे इतिहास में पाए जाने वाले ऐसे दो व्यक्ति हैं, जिन्होंने कभी भी मृत्यु का अनुभव नहीं किया था (उत्पत्ति 5:24; 2 राजा 2:11)। सच्चाई तो यह है कि न तो हनोक और न ही एलिय्याह की मृत्यु हुई थी, जो उन्हें दो गवाहों की मृत्यु और पुनरुत्थान की योग्यता को पूरा करने का अवसर प्रदान करते हैं (प्रकाशितवाक्य 11:7-12)। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का दावा है कि इब्रानियों 9:27 (सभी लोगों का एक बार मरना अवश्य है) मूसा को दो गवाहों में से एक होने से अयोग्य घोषित करता है, क्योंकि मूसा की मृत्यु हो चुकी है (व्यवस्थाविवरण 34:5)। यद्यपि, बाइबल में कई अन्य ऐसे लोग पाए जाते हैं, जो दो बार मरे थे — उदाहरण के लिए, लाजर, दोरकास और याईर की बेटी — इसलिए वास्तव में ऐसा कोई कारण नहीं पाया जाता है कि मूसा को उस आधार पर क्यों हटा दिया जाना चाहिए।

तीसरा दृष्टिकोण अनिवार्य रूप से तर्क देता है कि प्रकाशितवाक्य अध्याय 11 किसी भी प्रसिद्ध नाम से सम्बन्धित करते हुए दो गवाहों को नहीं जोड़ता है। यदि गवाह मूसा और एलिय्याह या हनोक और एलिय्याह थे, तो पवित्रशास्त्र उनकी पहचान के बारे में क्यों चुप रहेगा? परमेश्‍वर दो "साधारण" विश्‍वासियों को लेने और उन्हें मूसा और एलिय्याह के समान चिन्ह और आश्‍चर्यकर्मों को प्रगट करने में सक्षम बना सकता है। प्रकाशितवाक्य 11 में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो हमें दो गवाहों के लिए किसी "प्रसिद्ध" व्यक्ति के साथ सम्बन्धित करने की पहचान का अनुमान देता हो।

कौन सा दृष्टिकोण सही है? हम निश्‍चित रूप से नहीं जानते हैं। पहले दृष्टिकोण की सम्भावित कमजोरी यह है कि मूसा पहले से ही मर चुका है और इसलिए दो गवाहों में से एक नहीं हो सकता है (क्योंकि उसकी मृत्यु इब्रानियों 9:27 के प्रति विरोधाभासी होगी); यद्यपि, इस दृष्टिकोण के समर्थक तर्क देंगे कि बाइबल में आश्‍चर्यजनक रूप से पुनरुत्थान किए गए सभी लोग (उदाहरण के लिए, लाजर) बाद में फिर से मर गए थे। इब्रानियों 9:27 को, यदि "सामान्य नियम" के रूप में, न कि सार्वभौमिक सिद्धान्त के रूप में देखा जा सकता है। एलिय्याह के आने और मूसा की तरह भविष्यद्वक्ता के आने की बाइबल की भविष्यद्वाणियों के लिए, नया नियम स्पष्ट करता है कि उन भविष्यद्वाणियों को क्रमशः बपतिस्मा देने वाले यूहन्ना और यीशु ने स्वयं पूरा किया था।

हनोक और एलिय्याह के दूसरे दृष्टिकोण में कोई स्पष्ट कमजोरियाँ नहीं पाई जाती हैं, क्योंकि यह "एक बार मरने" की समस्या का समाधान करती है। यह समझ में आता है कि परमेश्‍वर ने हनोक और एलिय्याह को बिना किसी विशेष उद्देश्य के लिए मरे बिना ही स्वर्ग में "बचाने" के लिए उठा लिया होगा। तीसरे दृष्टिकोण में भी कोई स्पष्ट कमजोरियाँ नहीं हैं।

सभी तीन दृष्टिकोण व्यावहारिक व्याख्याएँ हैं, परन्तु हम उनमें से किसी के बारे में बिल्कुल निश्‍चित नहीं हो सकते हैं, क्योंकि बाइबल गवाहों की पहचान प्रकट नहीं करती है। इसलिए इस विषय के ऊपर मसीही विश्‍वासियों में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए।

English


हिन्दी के मुख्य पृष्ठ पर वापस जाइए
प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में दिए हुए दो गवाह कौन हैं?