ईशप्रकाशन क्या है? ख्रिष्टप्रकाशन क्या है?



प्रश्न: ईशप्रकाशन क्या है? ख्रिष्टप्रकाशन क्या है?

उत्तर:
बाइबल में ईशप्रकाशन या दर्शन परमेश्‍वर का ऐसा प्रगटीकरण है, जो मानवीय इन्द्रियों के लिए स्पर्श योग्य है। अपने सबसे अधिक प्रतिबन्धात्मक अर्थ में, यह पुराने नियम के समय में परमेश्‍वर का दृश्य प्रगटीकरण है, परन्तु, सदैव मानव रूप में नहीं। इनमें से कुछ ईश-दर्शन निम्न सन्दर्भों में पाए जाते हैं:

1. उत्पत्ति 12:7-9 – जब अब्राहम उस भूमि पर पहुँचा जिसे परमेश्‍वर ने उसे और उसके वंशज को देने की प्रतिज्ञा की थी, तब परमेश्‍वर ने उस दर्शन दिया।

2. उत्पत्ति 18:1-33 – एक दिन, अब्राहम के पास कुछ पुरूष : दो स्वर्गदूत और स्वयं परमेश्‍वर मुलाकात करने के लिए आए। उसने उन्हें अपने घर में आने का न्यौता दिया, और उसने और सारा ने उनका आतिथ्य सत्कार किया। बहुत से टीकाकार विश्‍वास करते हैं कि यह भी ईश-दर्शन या प्रकाशन, अर्थात् मसीह का देहधारण-पूर्व का प्रगटीकरण हो सकता है।

3. उत्पत्ति 32:22-30 – याकूब उस व्यक्ति के साथ युद्धरत् हुए, जो उसे एक पुरूष जान पड़ा, परन्तु वह वास्तव में परमेश्‍वर था (वचन 28-30)। यह भी ख्रिष्ट-दर्शन या प्रकाशन हो सकता है।

4. निर्गमन 3:2 — 4:17 – परमेश्‍वर मूसा के सामने जलती हुई झाड़ी के रूप में प्रगट होते हुए, उसे सटीकता के साथ जो कुछ वह चाहता है, उसे करने के लिए कहता है।

5. निर्गमन 24:9-11 – परमेश्‍वर मूसा के साथ हारून और उसके सात पुत्रों और सत्तर बुजुर्गों के सामने प्रगट हुआ।

6. व्यवस्थाविवरण 31:14-15 – परमेश्‍वर यहोशू को नेतृत्व पद के स्थानान्तरण के समय मूसा और यहोशू के सामने प्रगट हुआ।

7. अय्यूब 38–42 – परमेश्‍वर ने अय्यूब को तूफान में से उत्तर दिया और अय्यूब के बहुत से प्रश्नों के उत्तर का दिया।

वाक्यांश "यहोवा की महिमा" निरन्तर ईशप्रकाशन को प्रदर्शित करता है, जो कि हम इसे निर्गमन 24:16-18; the "बादल का खम्बा" में देखते हैं, जिसकी गतिविधि निर्गमन 33:9 जैसी ही है। ईशप्रकाशनों का निरन्तर परिचय "यहोवा नीचे उतर आया" जैसे शब्दों में भी दिखाई देता है, जिसे हम उत्पत्ति 11:5; निर्गमन 34:5; गिनती 11:25; और 12:5.

बाइबल के कुछ टीकाकार यह विश्‍वास करते हैं कि जब कभी भी किसी के पास "यहोवा का दूत" मुलाकात करने आया तब यह सच्चाई में देहधारण-पूर्व का मसीह ही था। इन प्रगटीकरणों को उत्पत्ति 16:7-14; उत्पत्ति 22:11-18; न्यायियों 5:23; 2 राजा 19:35; और कई अन्य सन्दर्भों में देखा जा सकता है। अन्य टीकाकार यह विश्‍वास करते हैं कि ये वास्तव में स्वर्गदूतीय प्रकाशन, या स्वर्गदूतों के प्रगटीकरण थे। जबकि पुराने नियम में निर्विवाद रूप से कोई भी ख्रिष्टप्रकाशन नहीं मिलता है, तथापि, प्रत्येक ईशप्रकाशन जिसमें परमेश्‍वर मनुष्य के स्वरूप को धारण करता है, मसीह के देहधारण की प्रतिछाया है, जिसमें परमेश्‍वर ने ईम्मानुएल, "परमेश्‍वर हमारे साथ" के रूप में हमारे मध्य रहने के लिए मनुष्य के रूप को धारण किया (मत्ती 1:23)।

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