क्या स्वर्ग में वास्तव में सोने की सड़कें होंगे?


प्रश्न: क्या स्वर्ग में वास्तव में सोने की सड़कें होंगे?

उत्तर:
स्वर्ग के सोने की सड़कों को अक्सर गीत और कविताओं में संदर्भित किया जाता है, परन्तु इसकी बाइबल में खोज करना कठिन है। वास्तव में, पवित्रशास्त्र में केवल एक ही ऐसा वचन पाया जाता है, जिसमें सोने की सड़कों का वर्णन किया गया है, और यह पवित्र शहर, नए यरूशलेम में है: "...नगर की सड़क स्वच्छ काँच के समान शुद्ध सोने की थी" (प्रकाशितवाक्य 21:1, 21)। इस तरह से क्या यह वचन ऐसा कहता है कि क्या स्वर्ग में सड़कें वास्तव में सोने की होंगी? और यदि ऐसा है तो सोने की सड़कों की वास्तव में क्या विशेषता और महत्वपूर्णता है?

शब्द "सोने" का अनुवाद यूनानी शब्द क्रूसीओन से किया गया है, जिसका अर्थ "सोने, सोने के गहने या परतों" से हो सकता है। इसलिए इसका अनुवाद "सोना" से ही करना उचित होगा। वास्तव में, व्याख्या करने के कारण परेशानियों अक्सर उठ खड़ी होती हैं, जब लोग यह निर्धारित करने का प्रयास करते हैं कि बाइबल के कौन से हिस्से का शाब्दिक रूप से उपयोग किया जाता है और किन भागों को चित्रांकन के रूप में लेना है। बाइबल का अध्ययन करते समय अनुभव आधारित नियम यह है कि सब कुछ शाब्दिक रूप से लेना चाहिए, जब तक कि यह कोई अन्य अर्थ को प्रदान नहीं करता है। और प्रकाशितवाक्य के इस अध्याय में प्रेरित यूहन्ना बिना सोचे समझे वर्णनात्मक शब्दों को प्रदान नहीं कर रहा है। प्रकाशितवाक्य 21 के आरम्भिक अंशों में उसे शहर को मापने के लिए एक छड़ी प्रदान की गई है (वचन 15), और वह विशेष रूप से स्वर्ग की शहरपनाह को यशब और शहर के निर्माण को सोने से बने हुए होने के रूप में करता है (वचन18)। उसने शहरपनाह की दीवारों की नींवों का भी वर्णन किया है, जिसमें कई विशेष बहुमूल्य पत्थर और जेवरात सम्मिलित हैं (वचन19 -20)। इसलिए, इन विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए सोने की सड़कों का विवरण सही प्रतीत होता है।

यदि स्वर्ग की सड़कें सोने की बनी हुई हैं, तब मुख्य बात क्या है? सबसे पहले, सोने की स्थिति पर ध्यान दें। जब सोना पृथ्वी पर खुला हुआ है, तब यह पसन्द किए जाने वाली स्थिति में नहीं होता है, जिसे कि जौहरी चाहता है। सोने की अशुद्धता को दूर करने के लिए इसे पिघलाना जाना आवश्यक होता है, ताकि इससे शुद्ध सोना प्राप्त हो सके। स्वर्ग में जो कुछ यूहन्ना ने देखा था, वह सोना की ऐसी गुणवत्ता थी, जो इतनी अधिक पारदर्शी प्रतीत होती है कि यह परमेश्‍वर की तेजस्वी महिमा को शुद्धता के साथ प्रकाशित करती है। परमेश्‍वर की क्षमता न केवल सोने को शुद्ध करने की है; अपितु परमेश्‍वर उन सभों को भी शुद्ध करता जो स्वर्ग में यीशु मसीह के लहू के द्वारा स्वर्ग में प्रवेश करेंगे। "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्‍वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9)। परमेश्‍वर का पवित्र शहर न केवल उसकी रूपरेखा के आधार पर पवित्र है, इसी तरह से उस शहर के नागरिक भी पवित्र हैं।

ऐसे कुछ विद्वान हैं, जो इस विचार को नहीं मानते हैं कि स्वर्ग की सड़कें वास्तव में सोने की हैं। तथापि, इस अध्याय को प्रथम दृष्टि में देखने पर परमेश्‍वर ने हमें यूहन्ना के प्रकाशन के मध्य में ही ऐसा सन्दर्भ प्रदान किया है, जिसमें सन्देह करने का कोई कारण नहीं पाया जाता है। तथापि, अनन्त काल में हमारा ध्यान कदाचित् ही पृथ्वी के खजाने के ऊपर केन्द्रित होगा। जहाँ पर मनुष्य पृथ्वी के ऊपर सोने के खजाने का पीछा करते हैं, एक दिन यह स्वर्ग में मसीही विश्‍वासियों के लिए केवल सोने की सड़कों के एक स्रोत से अधिक कुछ ज्यादा नहीं होगा। यह बात कोई अर्थ नहीं रखती है कि चाहे स्वर्ग के निर्माण में कितने भी रत्न या बहुमूल्य वस्तुएँ ही क्यों न लगी हों, परमेश्‍वर की तुलना में यह कभी भी अधिक बढ़कर नहीं होगा, जो हमें प्रेम करता है और हमें बचाने के लिए मर गया है।

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क्या स्वर्ग में वास्तव में सोने की सड़कें होंगे?