मैं कैसे अपनी मसीही गवाही को साझा करूँ?


प्रश्न: मैं कैसे अपनी मसीही गवाही को साझा करूँ?

उत्तर:
एक प्रभावी गवाही वह है, जो आपके स्वयं के अनुभव और मसीह के सुसमाचार दोनों को व्यक्त करती है, ताकि किसी और को उद्धार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके। (1) स्वयं को बचाए जाने के लिए मसीह में विश्‍वास करने के तरीके के विवरण को लिखकर आरम्भ करें। अपनी सहायता के लिए निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें: क) किसने मुझे मसीह के बारे में बताया? ख) मसीह में भरोसा करने या विश्‍वास करने के लिए कौन सी घटनाएँ हुईं? ग) मुझे मसीह में कब भरोसा हुआ था? घ) जब मैंने पहली बार विश्‍वास किया तो मैं कहाँ था? च) मसीह में विश्‍वास कैसे मुझ पर आशीष है?

(2) इसके पश्‍चात् इसे लिखें ताकि यह एक कहानी के रूप में अच्छी तरह से बहने लगे। यथासम्भव संक्षिप्त करने का प्रयास करें। एक लक्ष्य के रूप में, अपनी गवाही की लम्बाई निर्धारित करने का प्रयास करें, ताकि इसे प्रभावी रूप से तीन मिनट या इस से कम समय में साझा किया जा सके।

(3) सुनिश्‍चित करें कि आपने अपनी गवाही में पवित्रशास्त्र के उचित सन्दर्भों को सम्मिलित किया है। स्मरण रखें कि यह पवित्रशास्त्र है, जो आधिकारिक है, क्योंकि यह परमेश्‍वर का वचन है। एक उदाहरण के रूप में, आपकी गवाही में आपको जागरूक होना चाहिए कि आप अपने पाप के कारण परमेश्‍वर से अलग हो गए थे (रोमियों 3:23), इस बात की पहचान होनी चाहिए कि यदि आप क्षमा नहीं किए जाते हैं, तो आप अनन्त काल में परमेश्‍वर से दूर रहेंगे (रोमियों 6:23), यह समझ होनी चाहिए कि परमेश्‍वर ने अपने एकमात्र सिद्ध पुत्र यीशु को आपके लिए मरने और आपके पाप के लिए दण्ड का भुगतान करने के लिए भेजा (रोमियों 5:8), और अन्त में यह समझ होनी चाहिए पाप के लिए मसीह के द्वारा दण्ड के लिए किए हुए भुगतान में ही एकमात्र भरोसा करके ही क्षमा प्राप्त करना (प्रेरितों 16:31)।

एक उदाहरण के रूप में, नीचे मेरी गवाही दी हुई है कि मैंने मसीह के ऊपर अपने उद्धारकर्ता के रूप में कैसे विश्‍वास किया।

यद्यपि एक बच्चे और किशोरी के रूप में मैंने पास्टर के साथ तीन या चार बार बात की थी कि जब मैं मर जाऊँगा, तो मैं स्वर्ग में कैसे जाऊँगा, परन्तु मैं मसीह के सुसमाचार को तब तक नहीं समझ सका जब तक कि मैं 20 वर्ष का एक युवा वयस्क नहीं हो गया था। नि:सन्देह कुछ वर्षों में, मैंने बाइबल को पढ़ना आरम्भ किया, टेलीविजन पर कुछ अच्छे रूढ़िवादी बाइबल शिक्षकों की कुछ अच्छी बातों को सुनकर, और जो कुछ सुना था उसे अपने कार्यस्थल के ऊपर दूसरों के साथ चर्चा की। इसके माध्यम से, मुझे पता चला कि मैं एक पापी हुँ, जो परमेश्‍वर से अलग था और सदैव से ही परमेश्‍वर से अलग होने के योग्य था। मेरी यह धारणा रोमियों 3:23 पर आधारित थी "सब ने पाप किया है और परमेश्‍वर की महिमा से रहित हैं" और रोमियों 6:23 "पाप की मजदूरी मृत्यु है।" मुझे यह भी समझ गया कि परमेश्‍वर मुझसे इतना अधिक प्रेम करता है कि उसने अपने पुत्र यीशु को भेजा, और यीशु विशेष रूप से मेरे पापों (और पूरे संसार के पापों) के लिए मरने के लिए पृथ्वी पर आया ताकि मुझे क्षमा किया जा सके (रोमियों 5:8; यूहन्ना 3:16)।

अन्त में, मुझे यह समझ आया कि कोई और मार्ग नहीं था, जिस में मैं पर्याप्त रूप से अच्छा हो सकता था या स्वर्ग जाने के लिए स्वयं मार्ग तैयार कर सकता था। रोमियों 3:10 कहता है कि कोई भी धर्मी नहीं, एक भी नहीं और इफिसियों 2:8-10 घोषित करता है कि उद्धार परमेश्‍वर का वरदान है, इसे अर्जित नहीं किया जा सकता है, और यह केवल विश्‍वास के द्वारा ही प्राप्त होता है, जिस के लिए अपने पापों के दण्ड के लिए दिए हुए भुगतान के रूप में मसीह की मृत्यु, उसके गाड़े जाने, और उसके पुनरुत्थान के ऊपर ही केवल भरोसा किया जाना होता है। पवित्रशास्त्र से इन सत्यों को समझने के पश्‍चात्, मुझे आश्‍वासन था कि क्योंकि मैं अपने उद्धार के लिए काम नहीं कर सकता, इसलिए मैं इसे खो नहीं सकता, क्योंकि यह परमेश्‍वर का एक वरदान है।

यह जानकारी मेरे लिए एक बड़ी राहत की भावना को ले आई कि मुझे क्षमा किया गया था और परमेश्‍वर मेरे पक्ष में था और चाहता था और अभी भी इस बात की चाहत रखता है कि मेरे लिए सबसे अच्छी बात क्या है। मसीह के साथ अपना जीवन आरम्भ करने के पश्‍चात्, उसने पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से जो मेरे मन में वास करता है, अपने वचन और उसके द्वारा मेरे जीवन में काम करने के माध्यम से मुझे पवित्र किया है। परमेश्‍वर से प्राप्त यह क्षमा और सुरक्षा जो मेरे पास है, वह आपके पास भी हो सकती है, यदि आप अपने पापों की क्षमा के लिए एकमात्र मसीह के ऊपर ही भरोसा करें।

English


हिन्दी के मुख्य पृष्ठ पर वापस जाइए
मैं कैसे अपनी मसीही गवाही को साझा करूँ?