दूसरी मृत्यु क्या है?


प्रश्न: दूसरी मृत्यु क्या है?

उत्तर:
प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में कई अवसरों पर दूसरी मृत्यु का उल्लेख किया गया है और यह आग की झील का पर्याय बन गई है। यह एक ऐसी "मृत्यु" है, जिसमें परमेश्‍वर, जीवन देने वाले से पृथक होना माना जाता है। इसे "दूसरी" इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह शारीरिक मृत्यु के पश्‍चात् आती है।

प्रकाशितवाक्य 21:8 मृत्यु के सबसे अधिक वर्णन के साथ दूसरी मृत्यु को बताता है: "डरपोकों, और अविश्‍वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों और व्यभिचारियों, और टोन्हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग — उस झील में मिलेगा जो आग और गन्धक से जलती रहती है : यह दूसरी मृत्यु है।"

प्रकाशितवाक्य में तीन अन्य स्थानों में भी दूसरी मृत्यु का उल्लेख है। पहला प्रकाशितवाक्य 2:11 है: "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है। जो जय पाए, उस को दूसरी मृत्यु से हानि न पहुँचेगी।" इस वचन में, यीशु ने प्रतिज्ञा की है कि विश्‍वासीगण ("जय पाए हुए"; 1 यूहन्ना 5:4 को भी देखें) आग की झील का अनुभव नहीं करेंगे। दूसरी मृत्यु विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जिन्होंने मसीह को इन्कार कर दिया है। यह स्थान उनके लिए नहीं है, जो मसीह में विश्‍वास करते हैं, इसलिए उन्हें नहीं डरना चाहिए।

प्रकाशितवाक्य 20:6 एक हजार वर्ष नामक भविष्य की अवधि के सम्बन्ध में दूसरी मृत्यु की बात करती है: "धन्य और पवित्र वह है, जो इस पहले पुनरुत्थान का भागी है। ऐसों पर दूसरी मृत्यु का कुछ भी अधिकार नहीं, पर वे परमेश्‍वर और मसीह के याजक होंगे और उसके साथ हज़ार वर्ष तक राज्य करेंगे।" यह वचन तीन महत्वपूर्ण तथ्यों पर ध्यान आकर्षित करता है। सबसे पहले, जो लोग क्लेशकाल के समय यीशु में अपने विश्‍वास के लिए मर जाते हैं, उन्हें बाद में सहस्राब्दी में प्रवेश करने और उसके साथ रहने के लिए पुनरुत्थित किया जाएगा। दूसरा, शहीद आग या दूसरी मृत्यु की झील से बचेंगे। तीसरा, वे मसीह के साथ राज्य करेंगे।

प्रकाशितवाक्य 20:14-15 में दूसरी मृत्यु का भी उल्लेख किया गया है: "मृत्यु और अधोलोक आग की झील में डाले गए। यह आग की झील दूसरी मृत्यु है; और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया।" समय के अन्त में, मृत्यु और कब्र (हेड्स) को भी आग की झील में फेंक दिए जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीवन की पुस्तक में सम्मिलित न किया हुआ प्रत्येक व्यक्ति को आग की झील में फेंक दिया जाएगा। यह स्थिति अन्तिम होगी; गंतव्य स्थायी है।

संक्षेप में, दूसरी मृत्यु आग की झील का सन्दर्भ है, जहाँ वे अपने पाप के कारण परमेश्‍वर से पृथक होते हुए, अनन्त काल तक रहेंगे। यह न्याय पवित्रशास्त्र में अविश्‍वासियों को यीशु मसीह के द्वारा मुक्ति पाने की चेतावनी के रूप में वर्णित किया गया था। आने वाले न्याय के कारण विश्‍वासियों को भी उनके विश्‍वास को साझा करने के लिए चुनौती दी जाती है। उन लोगों के अन्तिम गंतव्य के बीच में एक बड़ा अन्तर है, जो मसीह को जानते हैं और जो उसे नहीं जानते हैं।

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