क्या मेघारोहण के पश्चात् उद्धार के लिए दूसरा अवसर मिलेगा है?


प्रश्न: क्या मेघारोहण के पश्चात् उद्धार के लिए दूसरा अवसर मिलेगा है?

उत्तर:
बाइबल के कुछ व्याख्याकार यह विश्‍वास करते हैं कि मेघारोहण अर्थात् हवा में उठा लिए जाने के पश्चात् उद्धार के लिए बिल्कुल भी अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। तथापि, बाइबल में ऐसा कोई सन्दर्भ नहीं पाया जाता है, जो ऐसा होने के लिए कहता या किसी तरह का कोई सुराग देता है। ऐसे बहुत से लोग होंगे जो मसीह के पास क्लेश काल में आएँगे। 144,000 यहूदी गवाह (प्रकाशितवाक्य 7:4) यहूदी विश्‍वास से आए हुए विश्‍वासी हैं। यदि क्लेशकाल में कोई भी मसीह के पास नहीं आएगा, तब क्यों लोगों के सिर उनके विश्‍वास के कारण काट दिए गए हैं (प्रकाशितवाक्य 20:4)? पवित्रशास्त्र का कोई भी सन्दर्भ मेघारोहण के पश्चात् उद्धार के लिए अवसर प्रदान किए जाने के विरूद्ध तर्क नहीं देता है। बहुत से सन्दर्भ इसके विपरीत संकेत देते हैं।

एक अन्य दृष्टिकोण यह है कि जिन्होंने मेघारोहण से पहले सुसमाचार को सुना और इसका इन्कार कर दिया, बचाए नहीं जा सकते हैं। जो क्लेशकाल के समय में बचाए गए हैं, तब, वे लोग हैं, जिन्होंने कभी भी मेघारोहण से पहले सुसमाचार को नहीं सुना था। इस दृष्टिकोण के लिए "मूलपाठ का प्रमाण" 2 थिस्सलुनीकियों 2:9-11 है, जो यह कहता है कि मसीह विरोधी "नाश होने वाले" को धोखा देने के लिए आश्चर्यकर्म करेगा और यह कि परमेश्‍वर स्वयं उनके अविश्‍वास में उनकी पुष्टि के लिए "एक भटका देने वाली सामर्थ्य" को भेज देगा। इसका कारण यह दिया गया है कि "उन्होंने सत्य से प्रेम नहीं किया जिससे उनका उद्धार होता" (वचन 10)। यह सत्य है कि जिनका मन मेघारोहण से पहले सुसमाचार की ओर कठोर रहा है, वे ऐसे ही बने रह सकते हैं। और मसीह विरोधी बहुत से लोगों को धोखा दे देगा (मत्ती 24:5)। परन्तु यह अनिवार्य नहीं है कि "सत्य को प्रेम करने से इन्कार करने" वाले ऐसे लोगों के लिए उद्धृत किया गया है, जिन्होंने मेघारोहण से पहले सुसमाचार को सुना है। यह कोई भी ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो पूरे मन से परमेश्‍वर के उद्धार को, किसी भी समय अस्वीकार कर देता है। इसलिए, इस दृष्टिकोण के समर्थन में पवित्र शास्त्र का कई स्पष्ट प्रमाण नहीं पाया जाता है।

प्रकाशितवाक्य 6:9-11 क्लेशकाल में वध किए हुए लोगों के बारे में बात करता है, "जो परमेश्‍वर के वचन के कारण और उस बड़ी गवाही के कारण जो उन्होंने दी थी वध किए गए थे।" यह वध किए हुए लोग सही रीति से उस बात की व्याख्या करेंगे जो उन्होंने क्लेशकाल के समय में देखी हैं और स्वयं सुसमाचार में विश्‍वास करेंगे और अन्यों को पश्चाताप के लिए बुलाहट देंगे और स्वयं भी विश्‍वास करेंगे। मसीह विरोधी और उसके अनुयायी उनके सुसमाचार प्रचार को सहन नहीं करेंगे और उन्हें मार देंगे। ये वध किए हुए सभी ऐसे लोग हैं, जो मेघारोहण से पहले जीवित थे, परन्तु इसके पश्चात् तक विश्‍वासी नहीं थे। इसलिए, उनके पास मेघारोहण के पश्चात् मसीह में विश्‍वास करने के लिए अवश्य ही अवसर प्राप्त होगा।

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