पवित्र आत्मा की छाप क्या है?



प्रश्न: पवित्र आत्मा की छाप क्या है?

उत्तर:
मसीही विश्‍वासी के मनों में पवित्र आत्मा को "जमा," "छाप" और "ब्याने" के रूप में उद्धृत किया गया है (2 कुरिन्थियों 1:22; 5:5; इफिसियों 1:13-14; 4:30)। पवित्र आत्मा उसके लोगों के ऊपर परमेश्‍वर की छाप है, हमारे ऊपर उसके अपने होने का उसका दावा है। इन संदर्भों में "बयाने" का अनुवाद अर्रोहाबोन से हुआ है, जिसका अर्थ "एक प्रतिज्ञा" से है, अर्थात् खरीददारी या सम्पत्ति का एक अंश पहले से ही बची हुई राशि को दिए जाने की सुरक्षा के लिए दे दिया गया है। विश्‍वासियों को आत्मा का वरदान हमारी स्वर्गीय मीरास का बयाना है, जिसकी प्रतिज्ञा मसीह ने की है और जिसे क्रूस के ऊपर हमारे लिए सुरक्षित कर लिया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आत्मा ने हम पर छाप लगा दी है इसलिए हमें हमारे उद्धार का आश्‍वासन है। परमेश्‍वर की इस छाप को कोई भी नहीं तोड़ सकता है।

पवित्र आत्मा विश्‍वासियों को "प्रथम किश्त" के रूप में इस आश्‍वासन के साथ दिया गया है कि परमेश्‍वर की सन्तान होने के नाते हमारी पूरी मीरास को भी हमें दे दिया जाएगा। पवित्र आत्मा हमें इस पुष्टि के साथ दिया गया है कि हम परमेश्‍वर से सम्बन्धित हैं, जो हमें उसके आत्मा को एक वरदान के रूप में प्रदान करता है, ठीक वैसे ही जैसे वह अनुग्रह और विश्‍वास के वरदान को हमें प्रदान करता है (इफिसियों 2:8-9)। आत्मा के वरदान के द्वारा, परमेश्‍वर हमें नवीनीकृत और पवित्र करता है। वह हमारे मनों में उन भावनाओं, आशाओं और इच्छाओं को उत्पन्न करता है, जो यह प्रमाण हैं कि हमें परमेश्‍वर के द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है, यह कि हम उसकी गोद ली हुई सन्तान हैं, यह कि हमारी आशा वास्तविक है, और यह कि हमारा छुटकारा और उद्धार निश्चित रीति से उसी तरीके का है, जैसे कि एक वसीयत या एक समझौते के मुहरबन्द किए जाने की गारंटी होती है। परमेश्‍वर हमें उसका पवित्र आत्मा एक निश्चित प्रतिज्ञा के रूप में देता है कि हम अब सदैव उसके हैं और अन्तिम दिन में बचा लिए जाएँगे । आत्मा की उपस्थिति का हमारे मनों में कार्यरत् होना इसका प्रमाण है, जो पश्चाताप, आत्मा के फल को (गलातियों 5:22-23), परमेश्‍वर के आदेश और इच्छा की पुष्टि को, प्रार्थना और प्रशंसा और उसके लोगों के लिए प्रेम को उत्पन्न करता है। ये बातें प्रमाण हैं कि पवित्र आत्मा ने हमारे मनों को नवीनीकृत कर दिया है और यह कि मसीही विश्‍वासी छुटकारे के दिन के लिए मुहरबन्द कर दिए गए हैं।

इस कारण यह पवित्र आत्मा और उसकी शिक्षाओं और उसकी मार्गदर्शन प्रदान करने वाली सामर्थ्य है, कि हम पर छुटकारे के दिन तक छाप लगाई गई, पाप और कब्र से स्वतन्त्र और पूर्ण किए गए और हमारी पुष्टि की गई है। क्योंकि हमारे मनों में उसके आत्मा की छाप लगाई गई है, इसलिए हम भविष्य में हमारे एक सुरक्षित स्थान के होने के आनन्द के साथ इस विश्‍वास के साथ रह सकते हैं, जो कल्पना से परे की महिमा को थामे हुए है।

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