क्या एक मसीही विश्‍वासी को मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए?



प्रश्न: क्या एक मसीही विश्‍वासी को मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए?

उत्तर:
मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक ऐसे व्यवसायिक लोग हैं जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत् हैं। लोग अक्सर उनकी भूमिकाओं के कारण उलझन में पड़ जाते हैं और उन्हें मनोचिकित्सक, मनोविश्लेषक, या मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाताओं के रूप में कार्यरत् अन्य मानसिक स्वास्थ्य लाभ देने वाले व्यवसायिक लोगों के साथ मिश्रित कर देते हैं। मानसिक स्वास्थ्य व्यवसायिक विशेषज्ञों में बहुत सी भिन्ताएँ पाई जाती हैं जो विभिन्न शैक्षणिक विचारधाराओं में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और कई विभिन्न उपचार पद्धतियों को पालन करते हैं। मनोवैज्ञानिक को मनोविज्ञान में पी एच डी अर्थात् डॉक्टर की डिग्री को प्राप्त किया हुआ होना चाहिए और वह अपने ध्यान को मूल रूप से अनुसंधान के ऊपर केन्द्रित करते हुए, महाविद्यालयी स्तर पर शिक्षण का कार्य करते हुए व्यक्तिगत् परामर्शदान के अभ्यास में कार्यरत् होता है। वे साथ ही कई संज्ञानात्मक और भावनात्मक मूल्यांकनों की जाँच को भी संचालित करते हैं। एक मनोचिकित्सक वास्तव में एक चिकित्सीय डॉक्टर होता है, जो मानसिक विकारों का विशेषज्ञ होता है। मनोचिकित्सक ही एकमात्र ऐसा मानसिक स्वास्थ्य व्यवसायिक विशेषज्ञ है जो औषधि लिख कर देने के लिए योग्य होता है और उसी ने ही केवल मानसिक स्वास्थ्य के लिए औषधीय उपचार में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

जब लोग इस तरह की सेवाओं को चाहते हैं, जैसे कि डिस्लेक्सिया अर्थात् ऐसे मानसिक विकार जिससे पढ़ने लिखने में कठिनाई हो या परामर्शदान की प्राप्ति के लिए जाँच इत्यादि करना, तब वे मनोचिकित्सक के पास जाने के लिए सोच सकते हैं। विशेष रूप से लोगों को मनोचिकित्सक के पास जाने से पहले मनोवैज्ञानिक या अन्य परामर्शदान देने वाले विशेषज्ञों के पास जाने के लिए सलाह दी जाती है। कुछ मनोवैज्ञानिक परामर्शदान का कार्य भी करते हैं, परन्तु अन्य केवल दूसरों को दी जाने वाली औषधि का संचालन और निगरानी चिकित्सा कार्यों को करने वाले विशेषज्ञों के साथ साझेदारी करते हुए करते हैं। जैसे कि किसी भी अन्य व्यवसाय में होता है, कुछ मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक मसीही विश्‍वासी होते हैं, जबकि अन्य नहीं होते हैं।

मसीही विश्‍वासी सामान्य रूप से यह जानने का प्रयास करते हैं, कि कैसे बाइबल इन व्यवसायों से सम्बद्ध होती है। सच्चाई तो यह है, कि न तो मनोविज्ञान और न ही मनोचिकित्सा किसी भी अर्थ में पापपूर्ण है। दोनों ही वैध और सहायतापूर्ण उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए दी गई हैं। किसी भी मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने वाले व्यवसायी के पास इसे समझने की पूर्ण योग्यता नहीं है, कि परमेश्‍वर ने कैसे मानव को निर्मित किया है, कैसे उसका मन कार्य करता है, हम कैसे महसूस करते हैं, और हम किस तरीके से कार्य करते हैं। जबकि यहाँ पर मानसिक और भावनात्मक विषयों के बारे में सांसारिक मनुष्य केन्द्रित सिद्धान्तों की बहुतायत पाई जाती है, ऐसे बहुत से धार्मिक लोग इन व्यवसायों में कार्यरत् हैं, जो मानवीय मन को बाइबल आधारित दृष्टिकोणों से समझने के लिए प्रयासरत् हैं। क्योंकि मसीही विश्‍वासियों के लिए, ऐसे विशेषज्ञ से परामर्श लेना ज्यादा अच्छा है, जो विश्‍वासी के रूप में जाने जाते हैं, जो पवित्र शास्त्र के ज्ञान को व्यक्त कर सकते हैं, और जो ईश्‍वरीय चरित्र को प्रदर्शित करते हैं। हमें प्राप्त होने वाला कोई भी परामर्श पवित्र शास्त्र की दृष्टि में से निकलते हुए होना चाहिए, क्योंकि जो कुछ संसार में पाया जाता है, उसकी हम सत्य और झूठ के रूप में पहचान कर सकें।

एक मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक से सहायता प्राप्त करना गलत नहीं है। तथापि, मानसिक स्वस्थ्य लाभ देने वाले विशेषज्ञ विभिन्न पृष्ठभूमियों और विश्‍वास मान्यताओं से आते हैं। यहाँ तक कि मसीही मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक भी सिद्ध उत्तरों को प्रदान करने में योग्य नहीं होते हैं, या हो सकता है, कि वे कुछ क्षेत्रों में बाइबल के प्रति उनके ज्ञान में कमजोर हों। स्मरण रखें, कि परमेश्‍वर का वचन हमारे सभी तरह के रोगों के लिए सबसे प्रथम उत्तर है। सत्य से अपनी कमर कसना इस समझ की प्राप्ति के लिए अनिवार्य है, कि क्या सहायतापूर्ण है और कौन सी बात हमें दूर ले जा रही है (इफिसियों 6:11-17; 1 कुरिन्थियों 2:15-16)। प्रत्येक विश्‍वासी अपने व्यक्तिगत् जीवन के विकास और समझ की प्राप्ति के लिए बाइबल का अध्ययन करने के लिए स्वयं उत्तरदायी है। पवित्र आत्मा यीशु मसीह के स्वरूप में परिवर्तित करने के लिए उसके वचन का ही उपयोग करेगा, जो सभी मसीही विश्‍वासियों का सर्वोच्च लक्ष्य है (इफिसियों 5:1-2; कुलुस्सियों 3:3)।



हिन्दी के मुख्य पृष्ठ पर वापस जाइए



क्या एक मसीही विश्‍वासी को मनोवैज्ञानिक / मनोचिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए?