बाइबल में एक भविष्यद्वक्ता का क्या अर्थ है?


प्रश्न: बाइबल में एक भविष्यद्वक्ता का क्या अर्थ है?

उत्तर:
सामान्य अर्थों में, भविष्यद्वक्ता वह व्यक्ति होता है, जो दूसरों के लिए परमेश्‍वर के सत्य को बोलता है। यूनानी शब्द भविष्यद्वक्ता का अर्थ "वह जो भविष्य की बात बोलता है" या "अधिवक्ता" हो सकता है। भविष्यद्वक्ताओं को "दर्शी" भी कहा जाता है, क्योंकि उनमें आत्मिक अन्तर्दृष्टि या भविष्य को "देखने" की क्षमता होती है।

बाइबल में, भविष्यद्वक्ताओं में अक्सर शिक्षा और प्रकाशन दोनों को देने की भूमिका पाई जाती है, जो भविष्य के बारे में विवरण प्रकट करते हुए समकालीन विषयों के ऊपर परमेश्‍वर की सच्चाई की घोषणा करते थे। उदाहरण के लिए, यशायाह की सेवकाई ने वर्तमान और भविष्य दोनों को स्पर्श किया है। उन्होंने अपने दिनों के भ्रष्टाचार के विरूद्ध साहसपूर्वक प्रचार किया (यशायाह 1:4) और इस्राएल के भविष्य के भव्य दर्शन प्रदान किए (यशायाह 25:8)।

भविष्यद्वक्ताओं के पास लोगों को परमेश्‍वर के वचन को निष्ठापूर्वक बताने का कार्य था। वे इस्राएल की जाति का मार्गदर्शन करने और कलीसिया की स्थापना करने में सहायक थे। परमेश्‍वर का घराना "प्रेरितों और भविष्यद्वक्‍ताओं की नींव पर, जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु स्वयं ही है, बनाया गया है" (इफिसियों 2:20)।

बाइबल में 133 से अधिक भविष्यद्वक्ताओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें 16 स्त्रियाँ सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, कई अन्य लोगों ने भी भविष्यद्वाणी की, जैसे कि इस्राएल के 70 पुरनिए (गिनती 11:25) और ओबद्याह के द्वारा बचाए गए 100 भविष्यद्वक्ता (1 राजा 18:4)। बाइबल में भविष्यद्वक्ता के रूप में पहला नाम अब्राहम का है। उत्पत्ति 20:7 में परमेश्‍वर ने अबीमेलेक से स्वप्न में बात की, और कहा, “अब, इसलिये अब उस पुरुष की पत्नी को उसे लौटा दे; क्योंकि वह नबी है, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा...।” परमेश्‍वर ने कई अवसरों पर स्वयं को अब्राहम के सामने प्रकट किया था।

याकूब और यूसुफ, अब्राहम के वंशज, दोनों के भविष्य के बारे में स्वप्न थे, जिन्हें भविष्यद्वक्ता के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता था। मूसा को "परमेश्‍वर का जन" कहा जाता था और उसे एक बड़े भविष्यद्वक्ता के रूप में जाना जाता था (व्यवस्थाविवरण 34:10)। यहोशू और कई न्यायियों ने भविष्यद्वक्ताओं के रूप में कार्य किया, अन्तिम न्यायी के रूप में शमूएल ने, एक युवा लड़के के रूप में परमेश्‍वर की आवाज को सुना (1 शमूएल 3:4)। वह बाद में दाऊद का अभिषेक करेगा, जो राजा और भविष्यद्वक्ता दोनों के रूप में सेवा करेगा।

एलिय्याह और एलीशा के समय को उच्च स्तर की भविष्यद्वाणी आधारित गतिविधि के द्वारा चिह्नित किया गया था। वास्तव में, भविष्यद्वक्ताओं के लिए एक विद्यालय उसके जीवनकाल में चलाया गया था (देखें 1 राजा 20:35)। एलिय्याह और एलीशा दोनों ने कई आश्‍चर्यकर्मों भी किए।

नए नियम में, बपतिस्मा देने वाले यूहन्ना ने मसीह के आने के बारे में भविष्यद्वाणी की थी (मत्ती 3:1)। यीशु स्वयं एक भविष्यद्वक्ता, याजक, राजा और मसीह के रूप में आया था, जिसने पुराने नियम की कई भविष्यद्वाणियों को पूरा किया।

आरम्भिक कलीसिया में भविष्यद्वक्ता भी सम्मिलित थे। उदाहरण के लिए, हनन्याह को प्रेरित पौलुस के भविष्य के बारे में भविष्यद्वाणी दी गई थी (प्रेरितों के काम 9:10-18)। प्रेरितों के काम 21:9 में फिलिप्पुस की चार पुत्रियों का वर्णन करती है, जो भविष्यद्वाणी करती थीं। भविष्यद्वाणी को 1 कुरिन्थियों 12 और 14 में एक आत्मिक वरदान के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। अन्त के समय में, दो “गवाह” यरूशलेम से भविष्यद्वाणी करेंगे (प्रकाशितवाक्य 11)।

सामान्य रूप से, परमेश्‍वर के द्वारा भेजे गए भविष्यद्वक्ता नीचा देखा जाता था और उनके सन्देश को अनसुना कर दिया जाता था। यशायाह ने अपनी जाति को "बलवा करनेवाले लोग और झूठ बोलनेवाले लड़के हैं, जो यहोवा की शिक्षा को सुनना नहीं चाहते। वे दर्शियों से कहते हैं, “दर्शी मत बनो; और नबियों से कहते हैं, हमारे लिये ठीक नबूवत मत करो; हम से चिकनी चुपड़ी बातें बोलो, धोखा देनेवाली नबूवत करो'" (यशायाह 30:9-10)। यीशु ने विलाप किया कि यरूशलेम ने लोग उन भविष्यद्वक्ताओं को मार देतें हैं, जिन्हें परमेश्‍वर ने उन तक भेजा था (लूका 13:34)।

इसमें कोई सन्देह नहीं है कि, प्रत्येक जो एक सन्देश की ओर से "बोलता" है, वास्तव में परमेश्‍वर का भविष्यद्वक्ता होता है। बाइबल झूठे भविष्यद्वक्ताओं के विरूद्ध चेतावनी देती है, जो परमेश्‍वर के लिए बोलने का दावा करते हैं, परन्तु जो वास्तव में उन लोगों को धोखा देते हैं, जिनसे वे बोलना चाहते हैं। राजा अहाब, जिसे वह सुनना चाहता था, उसे सुनने के लिए 400 ऐसे झूठे भविष्यद्वक्ताओं को नौकरी पर रखा था (2 इतिहास 18:4-7; की तुलना 2 तीमुथियुस 4:3 से करें)। नए नियम में हमें झूठे नबियों के विरूद्ध कई चेतावनी दी गई हैं। यीशु ने शिक्षा दी है कि, “झूठे भविष्यद्वक्‍ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेस में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में वे फाड़नेवाले भेड़िए हैं” (मत्ती 7:15)। उसने बाद में उल्लेख किया है कि, अन्त के समय में, "क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्‍ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:24)। प्रकाशितवाक्य एक झूठे भविष्यद्वक्ता की बात करता है, जो क्लेशकाल में उठेगा और पूरे संसार के लोगों को धोखा देगा (प्रकाशितवाक्य 16:13; 19:20; 20:10)। भटक जाने से बचने के लिए, हमें सदैव "आत्माओं को परखो कि वे परमेश्‍वर की ओर से हैं कि नहीं" (1 यूहन्ना 4:1)।

परमेश्‍वर का एक सच्चा भविष्यद्वक्ता परमेश्‍वर की सच्चाई को बोलने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। वह कभी भी परमेश्‍वर के प्रकाशित वचन का विरोधाभासी नहीं होगा। एक सच्चा भविष्यद्वक्ता, भविष्यद्वक्ता मीकायाह के साथ अहाब के साथ हुए अपने भयंकर टकराव से ठीक पहले ऐसे कहेगा, "यहोवा के जीवन की शपथ, जो कुछ मेरा परमेश्‍वर कहे वही मैं भी कहूँगा" (2 इतिहास 18:13)।

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