पेलेजियुसवाद और अर्ध- पेलेजियुसवाद क्या है?



प्रश्न: पेलेजियुसवाद और अर्ध- पेलेजियुसवाद क्या है?

उत्तर:
पेलेजियुस एक सन्यासी था, जो उत्तरोत्तर 300 से आरम्भिक 400वीं ईस्सी सन् में रहा। पेलेजियुस ने यह शिक्षा दी, कि मनुष्य निर्दोष, बिना किसी मूल या विरासत में प्राप्त पाप के दाग से रहित है। उसका विश्‍वास था, कि परमेश्‍वर ने प्रत्येक मनुष्य के प्राण की प्रत्यक्ष रूप से रचना की है और इसलिए प्रत्येक मनुष्य का प्राण पाप से मूल रूप से स्वतंत्र है। पेलेजियुस विश्‍वास करता था, कि आदम के पाप का असर मनुष्य की भविष्य की पीढ़ियों के ऊपर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। इस दृष्टिकोण को पेलेजियुसवाद के नाम से जाना गया।

पेलेजियुसवाद पवित्र शास्त्र के कई वचनों और प्रवित्र शास्त्रीय सिद्धान्तों का विरोधाभासी है। सबसे पहले, बाइबल हमें बताती है, कि हम गर्भ में आने के समय से ही से पापी होते हैं (भजन संहिता 51:5)। इसके अतिरिक्त बाइबल शिक्षा देती है, कि सभी मनुष्य पाप के परिणामस्वरूप मरेंगे (यहेजकेल 18:20; रोमियों 6:23)। जबकि पेलेजियुसवाद कहता है, कि मनुष्य पाप की ओर एक स्वाभाविक झुकाव के साथ जन्म नहीं लेते हैं, बाइबल इसके विपरीत बात करती है (रोमियों 3:10-18)। रोमियों 5:12 स्पष्टता से कहता है, कि आदम का पाप ही वह कारण था, जिसने पूरी बाकी की मनुष्य जाति को पाप से प्रभावित कर दिया। बच्चों का पालन पोषण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस सच्चाई की पुष्टि कर सकता है, कि शिशुओं को व्यवहार करने की शिक्षा दी जानी चाहिए; उन्हें यह शिक्षा नहीं देना पड़ता है, कि पाप कैसे किया जाता है। इस तरह, पेलेजियुसवाद स्पष्टता के साथ पवित्र शास्त्र रहित है और इसलिए इसे अस्वीकार किया जाना चाहिए।

अर्ध-पेलेजियुसवाद अनिवार्य रूप से यह शिक्षा देता है, कि मनुष्य पाप से दूषित तो है, परन्तु उस सीमा तक नहीं, कि हम हमारे स्वयं के प्रयास से परमेश्‍वर के अनुग्रह के साथ सहयोग नहीं कर सकते हैं। अर्ध-पेलेजियुसवाद अपने सार ही में, मनुष्य के पाप से पूर्ण-भ्रष्ट होने की तुलना में आंशिक- भ्रष्टता के साथ पाया जाता है। पवित्र शास्त्र का वही संदर्भ जो पेलेजियुसवाद का खण्डन करता है, वही अर्ध-पेलेजियुसवाद का भी खण्डन करेगा। रोमियों 3:10-18 निश्चित रूप से यह विवरण नहीं देता है, कि मनुष्य केवल पाप से आंशिक रूप से ही दूषित हुआ था। बाइबल स्पष्टता के साथ शिक्षा देती है, कि जब तक परमेश्‍वर हमें उसकी "निकटता" में न ले आए, हम परमेश्‍वर के अनुग्रह के साथ सहयोग करने में सक्षम नहीं हैं। "कोई भी मेरे पास नहीं आ सकता जब तक पिता, जिसने मुझे भेजा है, उसे खींच न ले (यूहन्ना 6:44)। पेलेजियुसवाद की तरह ही, अर्ध-पेलेजियुसवाद भी बाइबल आधारित नहीं है और इसलिए इसे अस्वीकार किया जाना चाहिए।



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