क्या मेघारोहण आंशिक रूप से होगा?


प्रश्न: क्या मेघारोहण आंशिक रूप से होगा?

उत्तर:
कुछ ऐसे विश्‍वासी हैं, जिनका विश्‍वास है कि केवल विश्‍वासयोग्य मसीही विश्‍वासियों को ही मेघारोहण अर्थात् बादलों पर हवा में उठा लिया जाएगा, जबकि अविश्‍वासी मसीही विश्‍वासियों को क्लेशकाल के दुखों में होकर जाने के लिए पृथ्वी पर ही छोड़ दिया जाएगा। समस्या यह है कि बाइबल ऐसी किसी भी अवधारणा का समर्थन नहीं करती है। वे सन्दर्भ जो मेघारोहण का वर्णन करते हैं (1 कुरिन्थियों 15:50-57; 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18) वे सभी मसीही विश्‍वासियों, परिपक्व और अपरिपक्व, विश्‍वासयोग्य और अवज्ञाकारी के ऊपर सार्वभौमिक रूप से लागू होते हैं। रोमियों 8:1 और 1 थिस्सलुनीकियों 5:9 जैसे वचन हमें बताते हैं कि परमेश्‍वर मसीही विश्‍वासियों के ऊपर अपने क्रोध को नहीं उण्डेलता है। आंशिक मेघारोहण के लिए बाइबल का कोई प्रमाण अस्तित्व में नहीं है। प्रत्येक विश्‍वासी को मेघारोहण के समय में स्वर्ग में उठा लिया जाएगा।

मत्ती 25:1-13 में यीशु के द्वारा दिए हुए दस कुँवारियों के दृष्टान्त को कुछ लोग आंशिक मेघारोहण के "प्रमाण" के रूप में मानते हैं। यद्यपि, पाँच कुँवारी जिनके मशालों में कोई तेल नहीं था, वे विश्‍वासियों के प्रतीक नहीं हैं; अपितु, वे अविश्‍वासियों को पीछे छोड़ दिए जाने को चित्रित करते हैं। वचन 12 कुँजी वचन है, जहाँ दुल्हा पीछे छोड़ दिए जाने वालों को कहता है, "मैं तुम से सच सच बताता हूँ, मैं तुम्हें नहीं जानता।" जिन्हें यीशु जानता है, वे विश्‍वास करते हैं, चाहे वे सतर्क हैं या नहीं। दृष्टान्त में आवश्यक तत्व मशाल में तेल का होना है — तेल पवित्र आत्मा का प्रतीक है। जिनके पास पवित्र आत्मा उनके मन के भीतर वास कर रहा है, उनका मेघारोहण हो जाएगा क्योंकि वे वास्तव में सच्चे मसीह विश्‍वासी हैं। जो मसीह में विश्‍वास का दावा करते हैं, परन्तु जिनके पास पवित्र आत्मा नहीं है, वे पीछे छोड़ दिए जाएंगे।

हमारे लिए शिक्षा तैयार रहने की है, क्योंकि मसीह एक बार फिर से उसके अपने लोगों के लिए आ रहा है, परन्तु वह "चोर" (1 थिस्सलुनीकियों 5:4) के जैसे — अचानक, अप्रत्याशित रूप से और बिना घोषणा के आ जाएगा। केवल जिनकी मशालों (मन) में तेल (पवित्र आत्मा) है, उन्हें ही उठा लिया जाएगा। शेष बचे हुए, चाहे उन्होंने अंगीकार ही क्यों न किया हो, पीछे छोड़ दिए जाएंगे। यीशु उसके लोगों को जानता है और जब वह हमें बुलाता है, तो हम प्रतिउत्तर देंगे। शेष से वह ऐसे कहेगा कि, "मैं तुम्हें नहीं जानता हूँ।" उद्धार का दिन आज ही है (2 कुरिन्थियों 6:2), और जो लोग मसीह को नहीं जानते वे एक और क्षण की देरी करने की हिम्मत नहीं कर सकते हैं।

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