नूह ने जहाज पर सभी जानवरों को सही तरीके में कैसे रखा?


प्रश्न: नूह ने जहाज पर सभी जानवरों को सही तरीके में कैसे रखा?

उत्तर:
नूह कैसे जहाज के ऊपर सभी जानवरों को सही तरीके से रखा सका? क्या जहाज पर्याप्त रूप से इतना विशाल था कि "जाति के शुद्ध पशुओं में से तो... दो दो लेना, अर्थात् नर और मादा और आकाश के पक्षियों में से सात सात जोड़े, अर्थात् नर और मादा लेना कि उनका वंश बचकर सारी पृथ्वी के ऊपर बना रहे," और इसी प्रकार अन्य जानवरों के सात जोड़े भी लेना? भोजन के बारे में क्या कहा जाए? नूह और उसके परिवार (सभी 8 प्राणी), के सदस्य के अतिरिक्त पशुओं के लिए भी, कम से कम एक वर्ष तक, (उत्पत्ति 7:11; 8: 13-18 को देखें) के लिए पर्याप्त भोजन को संग्रहित करने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए था, जो इस बात पर निर्भर करता था कि वनस्पति को वापस उगने के लिए कितना अधिक समय चाहिए था। यह तो बहुत सारा भोजन हुआ! पीने के पानी के बारे में क्या कहा जाए? क्या यह विश्‍वास करना यथार्थवादी है कि नूह का जहाज एक वर्ष से अधिक समय तक इन सभी जानवरों और इन सभी तरह के खाद्य पदार्थों और पानी के भण्डारण के लिए पर्याप्त रूप से बड़ा था?

उत्पत्ति में दी गई जहाज की लम्बाई चौड़ाई 300 हाथ लम्बी, 50 हाथ चौड़ी और 30 हाथ ऊँची (उत्पत्ति 6:15) होनी चाहिए थी। एक हाथ का माप कितना होता है? एक हाथ माप की एक प्राचीन इकाई है, कोहनी से लेकर सबसे लम्बी उंगली तक की लम्बाई (शब्द क्यूबीट या घन "हाथ" लैटिन शब्द "क्यूबीटुम" से आता है, जिसका अर्थ है "कोहनी" से है। "क्यूबीट" के लिए "अम्माह" इब्रानी शब्द दिया गया है। जैसा कि सभी के हाथ भिन्न होते हैं, इसलिए माप की यह इकाई कुछ लोगों को अस्पष्ट प्रतीत होती है, परन्तु विद्वानों का मानना है कि यह 17 में से 22 इंच (43-56 सेंटीमीटर) के होने का प्रतिनिधित्व करती है। प्राचीन मिस्र का क्यूबिट 21.888 इंच के रूप में जाना जाता है। इस तरह से गणित करने पर,
300 x 22 इंच = 6,600; 50 x 22 इंच = 1,100; 30 x 22 इंच = 660
6,600/12 = 550 फीट; 1100/12 = 91.7 फीट; 660/12 = 55 फीट मिलते हैं।

इस प्रकार, जहाज 550 फीट लम्बा, 91.7 फीट चौड़ा और 55 फीट ऊँचा हो सकता है। ये अतार्किक लम्बाई चौड़ाई नहीं हैं। परन्तु इसमें कितना अधिक भण्डारण हो सकता है? ठीक है, 550 x 91.7 x 55 = 2,773,925 घन फीट (यदि हम क्यूबिट या घन के सबसे छोटे माप, 17 इंच, को लेते हैं, तो हम 1,278,825 घन फीट को प्राप्त करते हैं)। इसमें कोई सन्देह नहीं है कि इसमें सारे स्थान रिक्त नहीं हो सकते हैं। जहाज के भीतर तीन स्तर (उत्पत्ति 6:16) और बहुत सारे कमरों (उत्पत्ति 6:14) थे, जिनकी दीवारों ने स्थान को अपने में लिया होगा। तथापि, यह गणना की गई है कि 2,773,925 घन फीट के आधे से थोड़ा सा अधिक (54.75%) 125,000 भेड़-के-आकार के जानवरों को 1.5 लाख घन फीट रिक्त स्थान को छोड़ते हुए भण्डारण कर सकती है, (देखें- http://www.icr.org /bible/bhta42.html)।

जॉन वुडमोर्पे, नूह का जहाज: एक व्यावहारिक अध्ययन, नामक पुस्तक का लेखक यह अनुमान लगाते हैं कि जहाज में पशुओं का केवल 15% ही एक भेड़ की तुलना में बड़ा था। यह आंकड़ा इस सम्भावना को ध्यान में नहीं रखता है कि परमेश्‍वर नूह के पास "शिशु" पशुओं को लाया होगा, जो वयस्क जानवरों की तुलना में बहुत ही छोटे हो सकते हैं।

जहाज के ऊपर कितने अधिक जानवर थे? वुडमोर्पे का अनुमान 16,000 तरह की "जातियों" का है। एक "जाति" क्या है? "जाति" का पदनाम "प्रजाति" के नाम से अधिक व्यापक माना जाता है। क्योंकि यहाँ तक कि एक प्रजाति (कैनिस फैमिलिएरिस) से सम्बन्धित सभी 400 से अधिक कुत्तों की जातियाँ या नस्लें होती हैं, इतनी सारी प्रजातियाँ एक तरह की हो सकती हैं। । कुछ लोगों का मानना है कि पदनाम "जीनस" या जाति बाइबल आधारित "जाति" के निकट हो सकता है।

तथापि, चाहे हम यह अनुमान ही क्यों न निकालें कि "प्रजाति" का पर्याय "उसी के जैसे" से ही है, वहाँ स्तनधारी, पक्षियों, उभयचर और सरीसृप की बहुत अधिक प्रजातियाँ नहीं थीं। अग्रणी विधिवत् जीवविज्ञानी, अर्नस्ट मेयर, इनकी सँख्या 17,600 के रूप में देता है। जहाज में प्रत्येक की दो प्रजातियों को होने देना, साथ ही जैसा कि कुछ तथाकथित "शुद्ध" प्रजातियों जानवरों में से सात को जोड़ते हैं, साथ ही ज्ञात् विलुप्त प्रजातियों में भी उचित वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि 50,000 जानवरों को जहाज पर नहीं रखा गया था" (मौरिस, 1987)।

कुछ लोगों ने अनुमान लगाया है कि जहाज में 25,000 प्रजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले जानवरों को रखा गया था। यह एक उच्चत्तम-अन्त को प्राप्त किए जाने वाला अनुमान है। प्रत्येक प्रजाति के दो और कुछ के सात के साथ, पशुओं की सँख्या 50,000 से अधिक हो जाएगी, अपेक्षाकृत कहना, यद्यपि बहुत ज्यादा नहीं है। इतना होने पर भी, चाहे वहाँ 16,000 या 25,000 प्रकार के ही जानवर क्यों न थे, इनमें से कुछ में से दो और कुछ सात प्रजाति वाले थे, विद्वान आपस में सहमत हैं कि जहाज में सभी जानवरों के लिए बहुत सारे कमरे थे, साथ ही भोजन और पानी के लिए अतिरिक्त कमरों को छोड़ दिया गया था।

इन सभी जानवरों के द्वारा उत्पन्न की गई गन्दगी के बारे में क्या कहा जाए? कैसे 8 लोगों ने उन सभी जानवरों को खिलाने और प्रतिदिन के आधार पर उत्पन्न होने वाले टनों की सँख्या में मल का निपटारा किया? विशेष आहार को खाने वाले जानवरों के बारे में क्या कहा जाए? पौधे-का-जीवन कैसे बच गया? कीड़ों के बारे में क्या कहा जाए? ऐसे ही हजारों प्रश्‍न और भी हैं, जिन्हें किया जा सकता हैं, और ये सभी अच्छे प्रश्‍न हैं। कई लोगों के मन में ऐसा पाया जाता है कि इन प्रश्नों का उत्तर नहीं मिल सकता है। परन्तु वे निश्चित रूप से कुछ नए नहीं हैं। उन्हें सदियों से बार-बार पूछा गया है। और इन सभी समयों शोधकर्ताओं ने उत्तरों की खोज की है। अब कई असँख्य, बहुत ही अधिक विद्वतापूर्ण व्यावहारिक अध्ययन पाए जाते हैं, जिन्होंने नूह और उसके जहाज को जाँच में डाल दिया है।

शैक्षणिक अध्ययन के 1,200 से अधिक विद्वानों के सन्दर्भों के साथ, वुडमोर्पे की पुस्तक "नूह के जहाज से सम्बन्धित कथित कठिनाइयों का एक आधुनिक विधिवत् मूल्यांकन" (जॉन वुडमोर्पे, "ए रिसोर्स फॉर एनर्सिंग द नोहस् आर्क," इम्पक्ट सँख्या 273, मार्च 1996. इंस्टीट्यूट फॉर क्रिएशन रिसर्च, 30 जनवरी 2005 http://www.icr.org/pubs/imp/imp-273.htm)। वुडमोर्पे का दावा है कि वर्षों से विधिवत् रूप से उन सभी प्रश्नों की जाँच करने के पश्चात्, जो पूछा गया है, "जहाज के विरूद्ध किए सभी तर्कों के... उत्तरों को मिलना अभी भी बाकी है। सच्चाई तो यह है कि जहाज-विरोधी तर्कों का एक विशाल बहुमत, सतही रूप से सम्भव होते हुए, आसानी से अमान्य हो जाते हैं।"

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