क्या सुसमाचार के प्रचार के उद्देश्य से डेटिंग करना एक अच्छा विचार है? क्या परमेश्‍वर इसका उपयोग नहीं कर सकता है?


प्रश्न: क्या सुसमाचार के प्रचार के उद्देश्य से डेटिंग करना एक अच्छा विचार है? क्या परमेश्‍वर इसका उपयोग नहीं कर सकता है?

उत्तर:
सुसमाचार के प्रचार उद्देश्य से डेटिंग अर्थात् विवाह के लिए की जाने वाली प्रेम मुलाकातें एक आधुनिक विचार इस सोच के साथ है कि एक मसीही किसी गैर मसीही व्यक्ति के साथ उसे विश्‍वास में ले आने के लक्ष्य के साथ डेटिंग कर सकता है। जबकि परमेश्‍वर सुसमाचार प्रचार के लिए इस तरह के सम्बन्धों का उपयोग कर सकता है, तथापि बाइबल का कहना है कि हमारे सबसे महत्वपूर्ण सम्बन्ध हमारे साथी विश्‍वासियों के साथ होना चाहिए।

बाइबल के दृष्टिकोण से सुसमाचार प्रचार को ध्यान में रख कर की जाने वाली विवाह पूर्व मुलाकातों के मूल्यांकन में एक समस्या यह है कि बाइबल के समय में किसी भी प्रकार की डेटिंग का व्यापक रूप से अभ्यास नहीं किया जाता था। अधिकांश विवाहों की व्यवस्था पहले से ही अभिभावकों के द्वारा कर दी जाती थी। तौभी, क्योंकि डेटिंग को आज विवाह के लिए अग्रणी "पथ" के रूप में देखा जाता है, इसलिए विवाह के लिए दिए गए बाइबल के सिद्धान्तों को विवाह के अग्रदूत, डेटिंग के ऊपर लागू किया जा सकता है।

बाइबल एक विश्‍वासी और अविश्‍वासी के बीच विवाह के न होने की शिक्षा देती है। 1 कुरिन्थियों 7:39 में, पौलुस कहता है कि एक विधवा "जिस से चाहे विवाह कर सकती है, परन्तु केवल प्रभु में।" पौलुस का कहना है कि उसका जीवन साथी "प्रभु में" होना चाहिए, यह एक मसीही विश्‍वासी से विवाह करने के लिए एक स्पष्ट निर्देश है।

पौलुस यह भी लिखता है, "अविश्‍वासियों के साथ असमान जूए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता और अधर्म का क्या मेल-जोल? या ज्योति और अन्धकार की क्या संगति?" (2 कुरिन्थियों 6:14)। यहाँ सिद्धान्त यह मिलता है कि अविश्‍वासियों के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध अक्सर समझौता वाले विश्‍वास की ओर ले जाता है। एक अविश्‍वासी के साथ प्रीति वाले अर्थात् रोमांटिक रूप से सम्मिलित होने में परेशानी आ सकती है। "धोखा न खाना, 'बुरी संगति अच्छे चरित्र को बिगाड़ देती है'” (1 कुरिन्थियों 15:33)।

उन घटनाओं के बारे में क्या कहा जाए जिसमें एक मसीही विश्‍वासी ने गैर-मसीही के साथ प्रेम मुलाकातें की, और गैर-मसीही यीशु के ऊपर विश्‍वास ले आया है? हम प्रत्येक व्यक्ति के मन परिवर्तन के लिए प्रभु की स्तुति करते हैं, परन्तु सच्चाई यह है कि परमेश्‍वर ने किसी ऐसे व्यक्ति को बचाने के लिए चुना है, जिसने किसी मसीही विश्‍वासी के साथ प्रेम मुलाकातें की हैं, सामान्य रूप से सुसमाचार प्रचार के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली विवाह पूर्व होने वाली प्रेम मुलाकातों के ज्ञान को प्रमाणित नहीं करती है या यह बाइबल का अभ्यास है। सत्य तो यह है कि, सुसमाचार प्रचार के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली विवाह पूर्व होने वाली प्रेम मुलाकातों की ऐसी बहुत सी घटनाएँ हैं, जिनमें एक मसीही विश्‍वासी ने विश्‍वास के अपने मापदण्डों को बहुत अधिक निम्न स्तर का कर दिया है या अपनी मान्यताओं के साथ समझौता किया है, इसकी अपेक्षा कि किसी मुलाकात में किसी ने गैर-मसीही को मसीह की ओर आने में अगुवाई दी। सर्वोत्तम मंशा के होने के पश्‍चात्, सुसमाचार प्रचार के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विवाह पूर्व की जाने वाली प्रेम मुलाकातें समस्याग्रस्त बनी हुई है, और सुसमाचार प्रचार के इससे कहीं अधिक प्रभावी रूप पाए जाते हैं। बाइबल का संकेत यह है कि विश्‍वासियों को केवल अन्य विश्‍वासियों के साथ ही डेटिंग अर्थात् विवाह पूर्व विवाह को निर्धारित करने के लिए प्रेम मुलाकातें करनी चाहिए।

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क्या सुसमाचार के प्रचार के उद्देश्य से डेटिंग करना एक अच्छा विचार है? क्या परमेश्‍वर इसका उपयोग नहीं कर सकता है?