मुझे एक पति को पाने के लिए किन बातों की खोज करनी चाहिए?



प्रश्न: मुझे एक पति को पाने के लिए किन बातों की खोज करनी चाहिए?

उत्तर:
जब एक मसीही स्त्री एक पति की खोज कर रही होती है, तब उसे "परमेश्‍वर के मन के अनुसार" एक पुरूष की खोज करनी चाहिए (प्रेरितों के काम 13:22)। सबसे महत्वपूर्ण सम्बन्ध जो हम में से किसी का भी हो सकता है, वह हमारे प्रभु यीशु मसीह के साथ व्यक्तिगत् सम्बन्ध का होना है। यह सम्बन्ध सभी सम्बन्धों से पहले आता है। यदि परमेश्‍वर के साथ हमारे ऊर्ध्वाधर सम्बन्ध जैसा होना चाहिए वैसा है, तब तो हमारे क्षैतिज सम्बन्ध इस वास्तविकता को प्रतिबिम्बित करेगा। इसलिए, एक सम्भावित पति एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसका ध्यान परमेश्‍वर के वचन की आज्ञाकारिता में चलने में हो और जो ऐसे जीवन का निर्वाह करने की खोज करता है, जिससे परमेश्‍वर को महिमा मिलती है (1 कुरिन्थियों 10:31)।

कौन से कुछ गुण हैं, जिनकी खोज करनी चाहिए? प्रेरित पौलुस 1 तीमुथियुस अध्याय 3 में उन गुणों की सूची देता है जिन्हें हमें एक पति में पाने के लिए देखना चाहिए। इस संदर्भ में एक कलीसिया के अगुवे के लिए दी हुई योग्यताएँ पाई जाती हैं। तथापि, यह गुण किसी भी व्यक्ति के जीवन में पाए जाने चाहिए जो "परमेश्‍वर के मन के अनुसार" जीवन निर्वाह करने के लिए प्रयासरत् है। इन गुणों को इस तरह से विस्तारवर्धक रूप में देखा जा सकता है: एक पुरूष को धैर्यवान् होना चाहिए और उसका उसके स्वभाव के नियंत्रण होना चाहिए, इसे घमण्ड से भरा हुआ नहीं होना चाहिए अपितु इसे नम्र स्वभाव के व्यवहार वाला होना चाहिए, जो अपनी भावनाओं के ऊपर नियंत्रण रखता हो, उसे दूसरों के प्रति दयालु होना चाहिए, धैर्य के साथ शिक्षा देनी चाहिए, पियक्कड़ नहीं होना चाहिए या परमेश्‍वर के किसी दिए हुए वरदान का गलत उपयोग करने वाला नहीं होना चाहिए, उसमें हिंसक प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए, उसमें जीवन की व्याख्याओं के ऊपर ध्यान केन्द्रित करने की अपेक्षा परमेश्‍वर के ऊपर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए, उसे गर्म स्वभाव का नहीं होना चाहिए या फिर बिल्कुल ही नम्र नहीं हो जाना चाहिए, ताकि कोई भी उसे कोई भी बहुत ही आसानी से कमजोर ही समझने लग जाए, और जो कुछ उसे दिया गया, उसके लिए परमेश्‍वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए, इसकी अपेक्षा कि वह दूसरों को मिलने वाले वरदानों के कारण उनसे ईर्ष्या करे।

उपरोक्त गुण उस व्यक्ति का विवरण देते हैं, जो सक्रिय रूप से एक परिपक्व विश्‍वासी बनने की प्रक्रिया में कार्य कर रहा है। यह उस तरह का एक व्यक्ति है, जिसकी चाह एक सम्भावित पति होने के लिए की जानी चाहिए। हाँ, शारीरिक खिचांव, एक जैसी रूचियाँ, पूरक खूबियाँ और कमजोरियाँ, और बच्चों के लिए इच्छा होने के ऊपर ध्यान दिया जा सकता है। यद्यपि, एक स्त्री के लिए ये बातें आत्मिक बातों की तुलना में द्वितीय स्तर पर हैं, जिन्हें उसे एक पुरूष में देखना चाहिए। एक पुरूष जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं, जिस का आप सम्मान कर सकते हैं, और जो ईश्‍वरीय मार्ग पर चलता है, उस व्यक्ति की तुलना में कहीं उत्तम है, जो दिखने में सुन्दर, ख्याति प्राप्त, सामर्थी और धनवान है।

अन्त में, जब एक पति की "खोज" की जा रही होती है, तब हमें स्वयं को हमारे जीवनों के लिए परमेश्‍वर की इच्छा के प्रति समर्पित कर देना चाहिए। प्रत्येक स्त्री उसके "स्वप्नों के राजकुमार" की चाहत रखती है, परन्तु वास्तविकता यह है कि वह कदाचित् ऐसे व्यक्ति से विवाह करे, जिसमें उसकी तरह की बहुत सी कमजोरियाँ हों। तब, परमेश्‍वर के अनुग्रह के द्वारा, वह अपने बाकी के बचे हुए जीवन को एक दूसरे के साथ कैसे साथ निभाना है, कैसे एक दूसरे की सेवा करने की शिक्षा में ही व्यतीत कर देंगे। हमें हमारे जीवन के दूसरे-सबसे-महत्वपूर्ण सम्बन्ध (विवाह) में, न कि भावनाओं के बादलों के अधीन होकर, अपितु अपनी आँखों को पूरा खोलते हुए प्रवेश करना चाहिए। हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता के साथ, हमारा सबसे महत्वपूर्ण सम्बन्ध ही हमारे जीवनों का केन्द्र बिन्दु होना चाहिए।



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