क्या मुझे विश्‍वास करना होगा कि बचाए जाने के लिए बाइबल अचूक है?



प्रश्न: क्या मुझे विश्‍वास करना होगा कि बचाए जाने के लिए बाइबल अचूक है?

उत्तर:
हम इस बात में विश्‍वास करने के द्वारा नहीं बचाए गए हैं कि बाइबल अचूक है या प्रेरणा प्रदत्त है। हम पापों से बचाए जाने के लिए हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के ऊपर विश्‍वास करने के द्वारा बचाए गए हैं (यूहन्ना 3:16; इफिसियों 2:8–9; रोमियों 10:9–10)। ठीक उसी समय, यद्यपि, यह केवल बाइबल के द्वारा ही सम्भव है कि हम हमारे बदले में दी हुई यीशु मसीह की मृत्यु और उसके जी उठने के बारे में सीखते हैं (2 कुरिन्थियों 5:21; रोमियों 5:8)। हमें बचाए जाने के लिए जो कुछ बाइबल में दिया गया है उस सब के ऊपर विश्‍वास करने की आवश्यकता नहीं है - परन्तु हमें यीशु में विश्‍वास करना अवश्य है, जिसके लिए बाइबल के द्वारा उदघोषणा की गई है। हमें निश्चित रूप से यह थामे रखना है कि बाइबल परमेश्‍वर का बिना किसी चूक वाला वचन है, और हमें पूर्ण रीति से उस सब में विश्‍वास करना जिसे बाइबल सीखाती है, परन्तु कई बार यह उद्धार के पश्चात् आता है, न कि पहले।

जब लोग पहले बचाए जाते हैं, तो वे सामान्य रूप से बाइबल के बारे में बहुत थोड़ा ही जानते हैं। उद्धार एक प्रक्रिया है जिसका आरम्भ हमारी पापपूर्ण स्थिति की समझ के साथ आरम्भ होता है, न कि इस समझ के साथ कि बाइबल अचूक है। हमारा विवेक हमें बताता है कि हम हमारी स्वयं की योग्यताओं के कारण पवित्र परमेश्‍वर के सामने खड़े होने के योग्य नहीं हैं। हम जानते हैं कि हम ऐसा करने के लिए पर्याप्त रूप से धर्मी नहीं है, इसलिए हम उसकी ओर मुड़ जाते हैं और उसके पुत्र का हमारे पापों के लिए क्रूस के ऊपर बलिदान के द्वारा अदा किए हुए मूल्य को स्वीकार करते हैं। हम अपने पूर्ण भरोसे को उसके ऊपर रख देते हैं। उस समय से लेकर, हम पूर्ण रीति से एक नए स्वभाव, शुद्ध और पाप की अशुद्धता से रहित होते हैं। परमेश्‍वर का पवित्र आत्मा हमारे हृदयों में वास करते हुए, हमें शाश्‍वतकाल के लिए मुहरबन्द कर देता है। हम इस स्थान से आगे की ओर, प्रतिदिन अधिक से अधिक परमेश्‍वर को प्रेम करते हुए और उसकी आज्ञा का पालन करते हुए आगे बढ़ते चले जाते हैं। इस "आगे की ओर बढ़ने" का एक हिस्सा उसके वचन से प्रतिदिन भोजन प्राप्त करना और उसके साथ जीवन को व्यतीत करने को सामर्थी बनना होता है। अकेले बाइबल के पास ही हमारे जीवनों में इस आश्चर्यकर्म को प्रगट करने की सामर्थ्य है।

यदि हम प्रभु यीशु मसीह के कार्य और व्यक्तित्व में विश्वास और भरोसा करें, जैसा कि बाइबल में शिक्षा दी गई है, तब हम बचाए जाते हैं। जब हम यीशु मसीह में भरोसा करते हैं, तब यद्यपि, पवित्र आत्मा हमारे हृदयों और मनों में कार्य करता है - और हमें निरूत्तर कर देता है कि बाइबल सच्ची है और इस पर विश्‍वास किया जाना चाहिए (2 तीमुथियुस 3:16-17)। यदि हमारे मनों में पवित्रशास्त्र की अचूकता के बारे में सन्देह हैं, तो इसके निपटारे के लिए सबसे अच्छा तरीका यह प्रार्थना करना है कि परमेश्‍वर हमें उसके वचन के प्रति विश्‍वास और उसके वचन के प्रति आश्‍वासन प्रदान करे। वह उनको उत्तर देने के लिए बहुत अधिक उत्सुक है जो ईमानदारी और अपने पूर्ण मन से उसकी खोज करते (मत्ती 7:7-8)।



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