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प्रश्न

क्या एक मसीही विश्‍वासी को राशिफल जानने के लिए परामर्श लेना चाहिए?

उत्तर


राशिफल का उद्देश्य किसी व्यक्ति के चरित्र और भविष्य की भविष्यवाणी में अन्तर्दृष्टि प्राप्त करना है। ज्योतिष विद्या की मूल मान्यता यह है कि ग्रह और तारे हमारे जीवन के ऊपर प्रभाव डालते हैं। इस विशेष ज्ञान को पाए हुए लोग — ज्योतिषी- एक व्यक्ति के जीवन में घटित होने वाली घटनाओं का अनुमान लगा लगा सकता है। यह चिन्ताजनक विषय है कि अधिकांश प्रमुख समाचार पत्रों में एक राशिफल सम्बन्धी एक कॉलम होता है और इससे भी अधिक चिन्ताजनक विषय यह है कि कई मसीही विश्‍वासी भी अपनी राशि या कुण्डली के विषय में पढ़ते हैं।

बाइबल स्पष्ट रीति से भावीवाद, टोन्हावाद, और गुह्यवाद अर्थात् गुप्त में किए जाने वाली गतिविधियों की मनाही को व्यक्त करती है (व्यवस्थाविवरण 18:10-14)। परमेश्‍वर के लोगों को परमेश्‍वर के ही ऊपर अपने ध्यान को केन्द्रित करना है (व्यवस्थाविवरण 18:15)। निर्देशन, सूचना, या प्रकाशन के किसी भी अन्य स्रोत का पूरी तरह से खण्डन कर दिया जाना चाहिए। (प्रेरितों के काम 16:16-18 को भी देखें)। बाइबल बताती है कि यीशु मसीह ही ध्यान के लिए विश्‍वास का एकमात्र केन्द्र है (प्रेरितों के काम 4:12; इब्रानियों 12:2)। हमारा विश्‍वास केवल परमेश्‍वर में ही होना चाहिए, और हम जानते हैं कि वह हमारे मार्गों को निर्देशित करेगा (नीतिवचन 3:5-6)। परमेश्‍वर के अतिरिक्त किसी में भी विश्‍वास करना गलत है।

ज्योतिष विद्या, इस कारण, कम से कम दो तरीकों से बाइबल की शिक्षा का विरोध करता है : यह ईश्‍वर के अतिरिक्त किसी अन्य बात के ऊपर विश्‍वास किए जाने की वकालत करती है, और यह भविष्य की बात कहने का एक प्रकार है। हम राशिफल के द्वारा अपने जीवन के लिए परमेश्‍वर की इच्छा को निर्धारित नहीं कर सकते। एक मसीही विश्‍वासी के रूप में हमें बाइबल का पठन् करना और ज्ञान और मार्गदर्शन को प्राप्त करने के लिए परमेश्‍वर से प्रार्थना करनी चाहिए। जन्म पत्री या कुण्डली या राशिफल के लिए परामर्श लेना उन तरीकों का उल्लंघन है, जिनमें होकर परमेश्‍वर अपनी सन्तान के साथ संचार करता है। हम दृढ़ता के साथ विश्‍वास करते हैं कि राशिफल को मसीही विश्‍वासियों के द्वारा अस्वीकृत कर दिया जाना चाहिए।

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