settings icon
share icon
प्रश्न

ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद क्या है?

उत्तर


ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद और युगवादी पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद युगान्तविज्ञान की दो भिन्न पद्धतियाँ हैं। यहां दोनों के मध्य मतभेदों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

• ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद शिक्षा देता है कि कलीसिया पुराने नियम की भविष्यद्वाणी के पूर्व-दर्शन में थी, जबकि युगवादी शिक्षा देता है कि कलीसिया के विषय में पुराने नियम के भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा, यदि ऐसा है तो, कदाचित् ही उल्लेख किया गया है।

• ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद शिक्षा देता है कि पुराने नियम में अनुग्रह के वर्तमान युग की भविष्यद्वाणी की गई थी। युगवाद का मानना है कि वर्तमान युग पुराने नियम में अप्रत्याशित था और इस प्रकार इतिहास में एक "बड़े अन्तर" को प्रस्तुत किया गया है, क्योंकि यहूदियों ने राज्य को अस्वीकृत कर दिया था।

• ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद मसीह के दूसरे आगमन के पश्‍चात् एक सहस्राब्दी की शिक्षा को देता है, परन्तु यह इतिहास के अन्य युगों के वर्गीकरण के प्रति ज्यादा सरोकार को नहीं रखता है। सामान्य रूप से, युगवाद समय के सात विभाजनों की शिक्षा देता है। वर्तमान युग इस तरह का छठा युग है; अन्तिम युग मसीह के दूसरे आगमन के पश्‍चात् एक सहस्राब्दी की आयु का होगी।

• ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद उत्तरक्लेशकालवादी है; जबकि युगवादी पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद सामान्य रूप से पूर्वक्लेशकालवादी दृष्टिकोण को अपनाता है।

अन्त के समय के पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद दृष्टिकोण इस प्रकार दो भिन्न तरीकों: ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद और युगवादी पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद से उन्नत होता हैं। बाइबल में, भविष्य के बारे में नए नियम को सम्मिलित करते हुए यीशु के पृथ्वी पर वापस लौटने के बारे में बड़े पैमाने पर बोलते हुए कई भविष्यद्वाणियाँ की गईं हैं। मत्ती 24, प्रकाशितवाक्य की अधिकांश अंश, और 1 थिस्सलुनीकियों 4:16-18 यीशु के दूसरे आगमन के लिए अधिक महत्वपूर्ण सन्दर्भ हैं।

मसीही युग की पहली तीन शताब्दियों के समय में मसीही विश्‍वासियों के एक बड़े बहुमत के द्वारा ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद को विश्‍वास के अंश के रूप में थामा गया था। इरेनियुस, पापियास, युस्तुस शहीद, तर्तुलियन, हिप्पोलिटस जैसे अन्य कलीसियाई धर्माचार्यों और अन्यों ने यही शिक्षा दी कि मसीह की वापसी के पश्‍चात् पृथ्वी पर परमेश्‍वर का एक दिखाई देने वाला राज्य स्थापित होगा। ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद ने शिक्षा दी कि मसीह विरोधी पृथ्वी पर प्रगट होगा और सात वर्षों का क्लेशकाल आरम्भ होगा। इसके पश्‍चात् मेघारोहण अर्थात् कलीसिया का बादलों पर उठा लिया जाना होगा, और फिर यीशु और उसकी कलीसिया एक हजार वर्षों तक शासन करने के लिए पृथ्वी पर वापस आ जाएंगे। नए यरूशलेम में विश्‍वासयोग्य विश्‍वासी सदैव के लिए अनन्तकाल तक वास करेंगे।

जब चौथी शताब्दी में मसीही विश्‍वास एक धर्म के रूप में रोम का आधिकारिक धर्म बना, उस समय ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद की स्वीकृति सहित कई बातें परिवर्तित होनी आरम्भ हुईं। सहस्त्रवर्षीयहीनवाद शीघ्र ही रोमन कैथोलिक कलीसिया का प्रचलित धर्मसिद्धान्त बन गया।

सबसे प्रभावशाली ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवादियों में से एक जॉर्ज एल्डन लॉड, नए नियम के विद्वान और फुल्लर थियोलॉजिकल सेमिनरी में नए नियम के भाष्याकार और धर्मविज्ञान के प्रोफेसर थे। लॉड के लेखों के माध्यम से ही ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद को बीसवीं शताब्दी के सुसमाचार और धर्मसुधारित धर्मशास्त्रियों के मध्य में विद्वत्तापूर्ण सम्मान और लोकप्रियता प्राप्त हुई है। अन्य प्रसिद्ध ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवादियों में वाल्टर मार्टिन; जॉन वारविक मोंटगोमेरी; जे. बार्टन पायने; एक उल्लेखनीय यूनानी विद्वान हेनरी अलफोर्ड; और थियोडोर जाहन, नए नियम के एक जर्मन विद्वान के रूप में उल्लेखनीय रूप से पाए जाते हैं।

ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद युगान्तविज्ञान की एक पद्धति है, जिसे प्रोटेस्टेंट समुदाय में समर्थन प्राप्त है। सामान्य रूप से, सभी पूर्वसहस्त्रवर्षीयवादी मान्यताएँ यही शिक्षा देती हैं कि जब हम सभी मसीह के अधिकार में रहते हैं, तो क्लेशकाल के 1000 वर्षों के पश्‍चात् शान्ति स्थापित होती है। इसके पश्‍चात्, थोड़े ही समय के भीतर, अन्तिम युद्ध में, शैतान के ऊपर स्थायी रूप से जय को प्राप्त कर लिया जाता है। अन्य घटनाएँ जैसे कि मेघारोहण कब होगा, के सम्बन्ध में ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद और युगवादी पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद के मध्य भिन्नता पाई जाती है।

English



हिन्दी के मुख्य पृष्ठ पर वापस जाइए

ऐतिहासिक पूर्वसहस्त्रवर्षीयवाद क्या है?
इस पृष्ठ को साझा करें: Facebook icon Twitter icon Pinterest icon Email icon
© Copyright Got Questions Ministries