विश्‍वास का आत्मिक वरदान क्या है?


प्रश्न: विश्‍वास का आत्मिक वरदान क्या है?

उत्तर:
विश्‍वास का आत्मिक वरदान 1 कुरिन्थियों 12 में आत्मा के वरदानों की सूची में पाया जाता है। वचन 9 कहता है कि कुछ लोगों को विश्‍वास का वरदान दिया जाता है, परन्तु विशेष रूप से इस वरदान की व्याख्या नहीं की गई। सभी विश्‍वासियों को परमेश्‍वर के द्वारा उद्धार प्राप्ति के एकमात्र साधन विश्‍वास से ही बचाया गया है (इफिसियों 2:8-9), परन्तु सभी विश्‍वासियों को विश्‍वास का आत्मिक वरदान नहीं दिया जाता है। पवित्र आत्मा के सभी वरदानों की तरह, विश्‍वास का आत्मिक वरदान भी "सभी के भले" के लिए दिया गया था, जिसका अर्थ मसीह की देह को उन्नत करना है (1 कुरिन्थियों 12:7)।

विश्‍वास के वरदान को विशेष वरदान के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिस में पवित्र आत्मा एक विश्‍वासी को परमेश्‍वर की प्रतिज्ञा, सामर्थ्य और उपस्थिति में विश्‍वास करने के लिए असाधारण विश्‍वास प्रदान करता है, ताकि वह कलीसिया में परमेश्‍वर के भविष्य के कार्य के लिए नायक के रूप में खड़ा हो सके। विश्‍वास के आत्मिक वरदान में एक व्यक्ति के द्वारा परमेश्‍वर के वचन और उसकी प्रतिज्ञाओं में एक दृढ़ और अविश्‍वसनीय विश्‍वास को प्रदर्शित किया जाता है। विश्‍वास के वरदान वाले लोगों के उदाहरण इब्रानियों के अध्याय 11 में सूचीबद्ध हैं। इस अध्याय को अक्सर "विश्‍वास का लंगर" कहा जाता है, जो उन लोगों का विवरण देता है, जिनका विश्‍वास असाधारण था, जिसने उन्हें असाधारण, मनुष्य की शक्ति से परे होकर किए जाने वाले कामों के लिए सक्षम किया। इसमें हम नूह को 120 वर्षों तक एक विशाल जहाज का निर्माण करते हुए देखते हैं, उस समय तक वर्षा का कोई अस्तित्व ही नहीं था और अब्राहम का मानना था कि वह एक बच्चे का पिता बनेगा जबकि उसकी पत्नी के पास ऐसा करने की स्वाभाविक क्षमता ही समाप्त हो गई थी। परमेश्‍वर की ओर से मिलने वाले विश्‍वास के विशेष वरदान के बिना ऐसी बातों का घटित होना असम्भव था।

जैसा कि सभी अन्य सभी आत्मिक वरदानों के साथ है, कुछ मसीही विश्‍वासियों को ही विश्‍वास का वरदान दिया जाता है, जो तब इसे दूसरों को मसीह की देह में शिक्षित करने के लिए उपयोग करते हैं। विश्‍वास के वरदान के प्राप्तकर्ता अपने साथी विश्‍वासियों के लिए एक प्रेरणा होते हैं, जो परमेश्‍वर में एक सरल विश्‍वास को प्रदर्शित करते हैं, जो उन बातों में दिखाई देता है, जिसे परमेश्‍वर करने के लिए कहता है। असाधारण रूप से विश्‍वासयोग्य लोग परमेश्‍वर के प्रतिज्ञाओं पर नम्र भक्ति और निर्भरता को दिखाते हैं, जो अक्सर इतनी अधिक होती है कि वे गुप्त रीति से निर्भय और उत्साही होने के लिए जाने जाते हैं। वे इतने अधिक आश्‍वस्त होते हैं कि सुसमाचार और परमेश्‍वर के उद्देश्यों के लिए सभी बाधाओं के ऊपर जय पा लेंगे और इतना अधिक भरोसा करते हैं कि परमेश्‍वर उसके कार्य की प्रगति को सुरक्षित रखेगा, यह कि वे अक्सर सबसे प्रतिभाशाली और विद्वतापूर्ण प्रचारकों की तुलना में परमेश्‍वर के राज्य के विस्तार के लिए कहीं अधिक कार्य करते हैं।

सारांश में कहना, परमेश्‍वर सभी मसीही विश्‍वासियों को बचाए जाने वाले विश्‍वास को देता है। विश्‍वास का आत्मिक वरदान कुछ ही लोगों को दिया जाता है, जो अपने मसीही जीवन में असाधारण मात्रा में विश्‍वास को प्रदर्शित करते हैं और जो, अपने विश्‍वास के द्वारा, दूसरों के लिए एक आनन्द और प्रोत्साहन होते हैं।

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