अदन की वाटिका कहाँ पर स्थित है?


प्रश्न: अदन की वाटिका कहाँ पर स्थित है?

उत्तर:
अदन की वाटिका के स्थान के सम्बन्ध में केवल एक ही बात जिसे बाइबल बताती है, वह उत्पत्ति 2:10-14 में पाई जाती है, "उस वाटिका को सींचने के लिये एक महानदी अदन से निकली और वहाँ से आगे बहकर चार धाराओं में बँट गई। पहिली धारा का नाम पीशोन है, यह वही है जो हवीला नाम के सारे देश को जहाँ सोना मिलता है, घेरे हुए है। उस देश का सोना... दूसरी नदी का नाम गीहोन है; यह वही है जो कूश के सारे देश को घेरे हुए है। और तीसरी नदी का नाम हिद्देकेल है; यह वही है जो अश्शूर के पूर्व की ओर बहती है। और चौथी नदी का नाम फरात है।" पिशोन और गीहोन नदियों की सटीक पहचान अज्ञात् है, परन्तु हिद्देकेल और फरात नदियों को अच्छी तरह से जाना जाता है।

यदि उल्लिखित हिद्देकेल और फरात का उल्लेख उन ही नदियों से हैं, जो आज भी इन्हीं नामों से पाई जाती हैं, तो कदाचित् मध्य पूर्व में कहीं पर, सम्भवत: ईराक में अदन की वाटिका को लगाया गया होगा। यह केवल संयोग नहीं हो सकता है कि मध्य पूर्व क्षेत्र ही वह स्थान है, जहाँ पर इस ग्रह में सबसे अधिक प्रचुरता से वस्तुएँ जाती थीं — यह वही स्थान है, जहाँ पर अदन की वाटिका को लगाया गया था। यदि तेल है, क्योंकि अधिकांश वैज्ञानिक विश्‍वास करते हैं, तो मुख्य रूप से वनस्पति और जानवर इस कारण नष्ट हो जाते हैं, तो यह ऐसा क्षेत्र है, जहाँ हम तेल की सबसे बड़ी भण्डार की हुई मात्रा को प्राप्त करने की अपेक्षा कर सकते हैं। क्योंकि वाटिका पूर्णता की प्रतीक थी, इसलिए यह तर्क दिया जाता है कि पृथ्वी के सबसे सम्पूर्ण और प्रचलित कार्बनिक पदार्थों के अपघटन से पृथ्वी के सर्वश्रेष्ठ तेल के विशाल भण्डार उत्पन्न हुए होंगे।

लोगों ने सदियों से अदन की वाटिका की खोज की है, परन्तु कोई सफलता को प्राप्त नहीं किया है। ऐसे कई स्थान हैं, जहाँ लोग अदन की वाटिका के स्थित होने का दावा करते हैं, परन्तु हम यह सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं। अदन की वाटिका के साथ क्या हुआ है? बाइबल निश्चित रूप से कुछ नहीं बताती है। इस बात की सम्भावना अधिक पाई जाती है कि यह पूर्ण रीति से जल प्रलय के समय में नष्ट हो गई होगी या फिर यह रेत के नीचे तेल में सदियों से गड़ी हुई सड़ गई होगी।

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