मैं मसीह के ऊपर कैसे ध्यान केन्द्रित कर सकता हूँ?


प्रश्न: मैं मसीह के ऊपर कैसे ध्यान केन्द्रित कर सकता हूँ?

उत्तर:
हमारे तेजी से विकसित होते हुए संसार में, जीवन में अपने सच्चे उद्देश्य – परमेश्‍वर की आराधना से ध्यान हट जाना आसान होता है। प्रत्येक मसीही विश्‍वासी, परमेश्‍वर के ऊपर ध्यान केन्द्रित करने के लिए अपने तरीके से प्रयासरत् रहता/रहती है। प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताएँ भिन्न हैं। हो सकता है कि एक व्यक्ति प्रत्येक सप्ताह पवित्रशास्त्र के वचन को स्मरण करे; दूसरा प्रत्येक सुबह बाइबल का व्यक्तिगत् अध्ययन कर सकता है; तौभी किसी दूसरे व्यक्ति के पास प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक व्यक्ति के साथ सुसमाचार के सन्देश को साझा करने का लक्ष्य हो सकता है। इनमें से प्रत्येक बात एक व्यक्ति के मन में मसीह को प्रथम स्थान पर रखती है।

इसके अतिरिक्त, इनमें से प्रत्येक गतिविधि में एक बात एक जैसी ही है। प्रत्येक में ऐसा कुछ है, जिस पर आधारित हो विश्‍वासी अपने ध्यान को वहाँ केन्द्रित कर सकता है, जहाँ इसे होना चाहिए। यह परमेश्‍वर के प्रति, यीशु मसीह के प्रति — आत्मसमर्पण है। एक व्यक्ति के द्वारा अपने पूरे जीवन की बातों का आत्मसमर्पित करना जैसे कि : आवश्यकताएँ, चिन्ताएँ, पीड़ा, आनन्द, प्रशंसा इत्यादि। शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक, और आत्मिक समर्पण को करना इत्यादि। निम्नलिखित वचनों के ऊपर विचार करें : रोमियों 12:1: "इसलिये हे भाइयो, मैं तुम से परमेश्‍वर की दया स्मरण दिला कर विनती करता हूँ कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्‍वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ — यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। लूका 9:23-24: "उसने सबसे कहा, 'यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आपे से इन्कार करे और प्रतिदिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा।'" रोमियों 6:13: "और न अपने अंगों को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आपको मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्‍वर को सौंपो, और अपने अंगों को धार्मिकता के हथियार होने के लिये परमेश्‍वर को सौंपो।"

एक आत्मसमर्पित जीवन ही विश्‍वास के विषय में सब कुछ होता है। यह इस भरोसे को करना है कि परमेश्‍वर के मन में आपके लिए सर्वोत्तम रूचि पाई जाती है। यह इस भरोसे को करना है कि उसके वचन के ऊपर विश्‍वास किया जा सकता है और उसके अदा किए जाने वाले मूल्य का पता लगाया जा सकता है। यह इस भरोसे को करना है कि आपकी सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। आत्मसमर्पण स्वयं के ऊपर से ध्यान केन्द्र को हटा लेता है और इसे मसीह के ऊपर केन्द्रित करता है, और यह आज्ञाकारिता के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। कैलिफोर्निया के फोरेस्ट लेक में सैडलबैक चर्च के पास्टर रिक वॉरेन ऐसे लिखते हैं कि, "आत्मसमर्पण जीवन यापन करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है; यही जीवन यापन करने का एकमात्र तरीका है। और कोई बात काम नहीं करती है। अन्य सभी दृष्टिकोण निराशा, हताशा और स्वयं इत्यादि विनाश का कारण बनते हैं।" प्रभु और उद्धारकर्ता के प्रति पूरी तरह से ध्यान केन्द्रित रहने के लिए आत्मसमर्पण को छोड़ और कोई भी उत्तम तरीका नहीं है।

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