और पुत्र अर्थात् फिलीक्यू वाक्याँश क्या है?



प्रश्न: और पुत्र अर्थात् फिलीक्यू वाक्याँश क्या है?

उत्तर:
और पुत्र अर्थात् फिलीक्यू वाक्याँश पवित्र आत्मा के सम्बन्ध में कलीसिया में एक विवाद था, और अब भी है। प्रश्‍न यह है, "किस की ओर से पवित्र आत्मा आता है, केवल पिता, या पिता और पुत्र दोनों की ओर से?" शब्द फिलीक्यू का लेटिन में अर्थ "और पुत्र" है। इसे "फिलीक्यू वाक्याँश" कह कर उद्धृत किया गया है क्योंकि वाक्याँश "और पुत्र" नीकिया के विश्वासकथन में यह इंगित करते हुए जोड़ दिया गया था कि पवित्र आत्मा पिता "और पुत्र" की ओर से आता है। इस विषय के ऊपर इतना अधिक विवाद था कि आखिरकार इसने रोमन केथोलिक कलीसिया और ईस्टर्न आर्थोडोक्स कलीसिया के मध्य में 1054 ईस्वी सन् में विभाजन का कार्य किया। यह दो कलीसियाएँ अभी भी और पुत्र अर्थात् फिलीक्यू वाक्याँश के ऊपर आपस में सहमत नहीं हैं।

यूहन्ना 14:26 हमें बताता है, ‌"परन्तु सहायक अर्थात् पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा...।" यूहन्ना 15:26 हमें बताता है, "परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास पिता की ओर से भेजूँगा, अर्थात् सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा।" यूहन्ना 14:16 और फिलिप्पियों 1:19 को भी देखें। पवित्रशास्त्र के यह संदर्भ जान पड़ता है कि यह इंगित कर रहे हैं कि आत्मा को दोनों अर्थात् पिता और पुत्र की ओर से भेजा जाता है। फिलीक्यू वाक्याँश में महत्वपूर्ण विषय पवित्र आत्मा के ईश्वरत्व को बनाए रखने की इच्छा है। बाइबल स्पष्टता से शिक्षा देती है कि पवित्र आत्मा परमेश्‍वर है (प्रेरितों के काम 5:3-4)। वे लोग जो फिलीक्यू वाक्याँश का विरोध करते हैं, वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे विश्वास करते हैं कि पवित्र आत्मा पिता की ओर से आता है और पुत्र पवित्र आत्मा को पिता ओर पुत्र के "अधीन" करता है। वे लोग जो फिलीक्यू वाक्याँश में विश्वास करते हैं, उनकी मान्यता यह है कि पवित्र आत्मा दोनों अर्थात् पिता और पुत्र की ओर से आता है और पुत्र आत्मा को पिता और पुत्र के साथ परमेश्‍वर के तुल्य होने में प्रभावित नहीं करता है।

फिलीक्यू वाक्याँश विवाद में परमेश्‍वर के व्यक्तित्व के एक पहलू के सम्मिलित होने की सम्भावना है जिसे हम कभी भी पूर्ण रीति से आत्मसात् नहीं कर पाएँगे। परमेश्‍वर, जो असीमित है, अन्तत: हमारी सीमित मानवीय बुद्धि की समझ के परे है। पवित्र आत्मा परमेश्‍वर है, और उसे परमेश्‍वर के द्वारा यहाँ इस पृथ्वी पर मसीह के "स्थान" पर भेजा गया है। यह प्रश्‍न कि पवित्र आत्मा केवल पिता, या पिता और पुत्र दोनों की ओर से आता है, का पूर्ण रूप से निर्णय दिए जाने की कोई सम्भावना ही नहीं है, न ही इसे दिए जाने की कोई आवश्यकता है। कदाचित् फिलीक्यू वाक्याँश सदैव एक विवाद ही रहेगा।



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