परमेश्‍वर ने मृत्यु बिना ही हनोक और एलिय्याह को स्वर्ग में क्यों ले लिया?


प्रश्न: परमेश्‍वर ने मृत्यु बिना ही हनोक और एलिय्याह को स्वर्ग में क्यों ले लिया?

उत्तर:
बाइबल के अनुसार, हनोक और एलिय्याह ही केवल ऐसे दो लोग हैं, जिन्हें स्वर्ग में मृत्यु हुए बिना लिया गया है। उत्पत्ति 5:24 हमें बताती है कि, "हनोक परमेश्‍वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्‍वर ने उसे उठा लिया।" दूसरा राजा 2:11 हमें बताता है कि, "... अचानक एक अग्निमय रथ और अग्निमय घोड़ों ने उनको अलग किया और एलिय्याह बवण्डर में होकर स्वर्ग पर चढ़ गया।" हनोक को ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया है, जो "300 वर्षों तक परमेश्‍वर के साथ साथ चलता रहा था" (उत्पत्ति 5:23)। एलिय्याह पुराने नियम में वर्णित परमेश्‍वर के सभी भविष्यद्वक्ताओं में सबसे सामर्थी था। एलिय्याह के वापस लौट आने के बारे में भविष्यद्वाणियाँ भी पाई जाती हैं (मलाकी 4:5-6)।

परमेश्‍वर ने हनोक और एलिय्याह को क्यों उठा लिया? बाइबल हमें विशेष रूप से इसका कोई उत्तर प्रदान नहीं करती है। कुछ लोग सोचते हैं कि उनका उठाया जाना अन्तिम समय में एक भूमिका के पूरा करने की तैयारी के लिए था, सम्भवतः प्रकाशितवाक्य अध्याय 11:3-12 में वर्णित दो गवाहों की भूमिका को पूरा करने के बारे में। यह सम्भव है, परन्तु स्पष्ट रूप से बाइबल में इसकी कोई शिक्षा नहीं दी गई है। ऐसा हो सकता है कि परमेश्‍वर ने हनोक और एलिय्याह को उसकी सेवा और उसकी आज्ञा मानने में उनके बड़े विश्‍वास के कारण मृत्यु का सामना करने से बचाने की इच्छा के साथ रखा है। जो भी घटना क्यों न रही हो, परमेश्‍वर के पास उद्देश्य है और जबकि हम सदैव परमेश्‍वर की योजनाओं और उद्देश्यों को नहीं समझते हैं, हम जानते हैं कि "उसके मार्ग सिद्ध हैं।" (भजन संहिता 18:30)।

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परमेश्‍वर ने मृत्यु बिना ही हनोक और एलिय्याह को स्वर्ग में क्यों ले लिया?