यीशु ने लोगों को उन आश्‍चर्यकर्मों के बारे में न बताने के लिए क्यों आदेश दिया जो उसने किए थे?


प्रश्न: यीशु ने लोगों को उन आश्‍चर्यकर्मों के बारे में न बताने के लिए क्यों आदेश दिया जो उसने किए थे?

उत्तर:
एक कोढ़ी को चंगा करने के पश्‍चात् (मरकुस 1:41-42), "तब यीशु ने उसे चिताकर तुरन्त विदा किया और उससे कहा, 'देख, किसी से कुछ मत कहना...'" (मरकुस 1:43-44)। हमारी सोचने में ऐसा प्रतीत होता है कि यीशु चाहता था कि उसके आश्‍चर्यकर्मों के बारे में प्रत्येक व्यक्ति जान जाए। परन्तु यीशु जानता था कि इस तरह के आश्‍चर्यकर्मों पर किया गया प्रचार उसके मिशन में बाधा डाल सकता है और अपने सन्देश के प्रति सार्वजनिक ध्यानकर्षण को परिवर्तित कर सकता है। मरकुस लिपिबद्ध करता है कि ऐसा ही हुआ। आश्‍चर्यजनक रूप से चंगा होने के उत्साह में इस व्यक्ति ने आज्ञा की अवहेलना की। परिणामस्वरूप, मसीह ने अपनी सेवकाई को नगरों से हटाते हुए जंगली स्थानों की ओर कर दी (मरकुस 1:45) "परन्तु वह बाहर जाकर इस बात का बहुत प्रचार करने और यहाँ तक फैलाने लगा कि यीशु फिर खुल्‍लमखुल्‍ला नगर में न जा सका, परन्तु बाहर जंगली स्थानों में रहा; और चारों ओर से लोग उसके पास आते रहे।"

इसके अतिरिक्त, मसीह, यद्यपि उसने कोढ़ी को शुद्ध कर दिया था, तौभी उसे उस देश के कानून की आज्ञा मानने की आवश्यकता थी — जो कि एक याजक के पास जाने का थी और उसके चंगा होने के बारे में बातचीत करने से रूकने में देरी नहीं करना था। यह भी सम्भव था कि यदि वह तुरन्त नहीं जाता तो बुरे मन वाले लोग उस से पहले चले जाते और याजक को भ्रमित कर देते और उसके चंगा होने के सत्य की घोषणा को रोक देते क्योंकि इसे यीशु के द्वारा किया गया था। यह और भी अधिक महत्वपूर्ण था कि याजक उसके वास्तविक रूप से चंगे हो जाने उच्चारण करता अर्थात् यहूदियों के मध्य वास्तविक आश्‍चर्यकर्म के होने के विरुद्ध कोई भम्र नहीं था।

अन्त में, यीशु नहीं चाहता था कि लोग उसके द्वारा प्रगट किए गए आश्‍चर्यकर्मों पर ध्यान केन्द्रित करें अपितु वे घोषित किए जा रहे सन्देश और उसकी होने वाली मृत्यु के ऊपर ध्यान लगाएँ। यही आज भी सत्य है। परमेश्‍वर यही चाहता है कि हम चंगाईयों और/या आश्‍चर्यकर्मों पर ध्यान केन्द्रित करने की अपेक्षा यीशु मसीह के माध्यम से उद्धार के आश्‍चर्यकर्म पर ध्यान केन्द्रित करें।

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यीशु ने लोगों को उन आश्‍चर्यकर्मों के बारे में न बताने के लिए क्यों आदेश दिया जो उसने किए थे?