मसीही दुष्टात्मा सम्बन्धी दृष्टिकोण क्या है?



प्रश्न: मसीही दुष्टात्मा सम्बन्धी दृष्टिकोण क्या है?

उत्तर:
प्रेत-विद्या या पिशाच-विद्या दुष्टात्मा सम्बन्धी अध्ययन है। मसीही विश्‍वास आधारित दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान उन बातों का अध्ययन है, जिसे बाइबल दुष्टात्माओं के बारे में शिक्षा देती है। स्वर्गदूतों सम्बन्धी विज्ञान के साथ निकट का सम्बन्ध होते हुए, मसीही विश्‍वास आधारित दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान दुष्टात्माओं के बारे में शिक्षा देता है कि वे क्या हैं और वे कैसे हम पर आक्रमण करते हैं। शैतान और उसकी दुष्टात्माएँ पृथ्वी पर गिरे हुए स्वर्गदूत, वास्तविक व्यक्तित्व रखने वाले प्राणी हैं, जो परमेश्‍वर, पवित्र स्वर्गदूतों, और मनुष्य के विरूद्ध युद्धरत् हैं। मसीही विश्‍वास आधारित दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान हमें शैतान, उसके सेवकों और उसकी युक्तियों के प्रति जागरूक करने में सहायता प्रदान करता है। यहाँ पर मसीही विश्‍वास आधारित दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण विषयों को दिया गया है:

बाइबल दुष्टात्माओं के बारे में क्या कहती है? बाइबल इंगित करती है कि दुष्टात्माएँ पृथ्वी पर नीचे गिरे हुए स्वर्गदूत हैं — ये ऐसे स्वर्गदूत हैं, जिन्होंने शैतान के साथ मिलकर परमेश्‍वर के विरूद्ध विद्रोह किया है। शैतान और उसकी दुष्टात्माएँ अब उन सभों को धोखा देने और नाश करना चाहती हैं, जो परमेश्‍वर की आराधना करना और उसका अनुसरण करने की इच्छा रखते हैं।

कैसे, क्यों और कब शैतान स्वर्ग से नीचे गिर गया? शैतान स्वर्ग से नीचे इसलिए गिर गया क्योंकि उसमें घमण्ड का पाप आ गया, जिसने उसे परमेश्‍वर के विरूद्ध विद्रोह करने में मार्गदर्शन दिया। पवित्र शास्त्र में उसके नीचे गिरने का वास्तविक समय लिपिबद्ध नहीं किया गया है। हो सकता है कि यह समय से परे घटित हुआ होगा, जैसा कि हम जानते हैं कि समय या स्थान की सृष्टि के होने से पूर्व घटित हुआ होगा।

क्यों परमेश्‍वर ने कुछ स्वर्गदूतों को पाप करने की अनुमति प्रदान की? स्वर्गदूत जो नीचे गिर गए और दुष्टात्माएँ बन गई, के पास भी स्वतन्त्र-इच्छा से निर्णय लेने की शक्ति थी — परमेश्‍वर ने किसी को मजबूर नहीं किया या किसी स्वर्गदूत को पाप करने के लिए उत्साहित नहीं किया। उन्होंने अपनी स्वयं की स्वतन्त्र इच्छा से पाप किया और इसलिए परमेश्‍वर के अनन्तकालीन क्रोध के अधीन हैं।

क्या एक मसीही विश्‍वासी दुष्टात्मा ग्रसित हो सकता है? हम दृढ़ता से विश्‍वास करते हैं कि एक मसीही विश्‍वासी एक दुष्टात्मा से ग्रसित नहीं हो सकता है। हम विश्‍वास करते हैं कि एक दुष्टात्मा से ग्रसित होने और एक दुष्टात्मा से प्रभावित होने या पीड़ित होने में अन्तर है।

क्या आज संसार में शैतानिक आत्माओं की गतिविधियाँ पाई जाती हैं? इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि शैतान "गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए" (1 पतरस 5:8) और यह जानते हुए कि वह सर्वउपस्थित नहीं है, यह अनुमान निकालना तर्कसंगत होगा कि वह अपनी दुष्टात्माओं को इस संसार में उसके कार्यों को पूर्ण करने के लिए भेजता है।

नपीली लोग कौन या क्या थे? क्या नपीली लोग ("गिरे हुए, दानव") परमेश्‍वर के पुत्रों और मनुष्यों की पुत्रियों के साथ हुए यौन सम्बन्धों की सन्तान थी, जैसा कि उत्पत्ति 6:1-4 में मिलता है। यहाँ पर लिपिबद्ध "परमेश्‍वर के पुत्रों" की पहचान के प्रति बहुत अधिक विवाद चल रहा है।

बहुत से लोग विश्‍वास करते हैं कि शैतान और उसकी दुष्टात्माएँ केवल बुराई का ही अवतार हैं। मसीही विश्‍वास सम्बन्धी दुष्टात्माओं का विज्ञान हमें हमारे आत्मिक शत्रु के स्वभाव को समझने में सहायता प्रदान करता है। यह हमें इस शिक्षा को प्रदान करता है कि कैसे हम दुष्ट का सामना कर सकते और उसके और उसकी परीक्षाओं के ऊपर जय प्राप्त कर सकते हैं। हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अन्धकार के ऊपर जय पाने के लिए परमेश्‍वर की प्रशंसा हो! जबकि मसीही विश्‍वासियों को दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान से मन्त्र मुग्ध नहीं होना चाहिए, तथापि, दुष्टात्मा सम्बन्धी विज्ञान की एक स्पष्ट समझ हमारे भय को शान्त करने, हमें सतर्क बनाए रखने और हमारे प्रभु यीशु मसीह के निकट रहने के लिए हमें स्मरण दिलाने में हमें सहायता प्रदान करेगी। हमारे मनों में पवित्र आत्मा का वास है, और "जो तुम में है वह उस से जो संसार में है, बड़ा है" (1 यूहन्ना 4:4)।

दुष्टात्मा सम्बन्धी मसीही विज्ञान से सम्बन्धित पवित्र शास्त्र का एक मुख्य वचन 2 कुरिन्थियों 11:14-15, "यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का रूप धारण करता है। इसलिये यदि उसके सेवक भी धर्म के सेवकों का सा रूप धरें, तो कुछ बड़ी बात नहीं, परन्तु उनका अन्त उनके कामों के अनुसार होगा।"

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