बॉयफ्रेंड/गर्लफ्रेंड के साथ सम्बन्ध टूटने के वैध कारण क्या हैं?


प्रश्न: बॉयफ्रेंड/गर्लफ्रेंड के साथ सम्बन्ध टूटने के वैध कारण क्या हैं?

उत्तर:
उत्तर देने के लिए यह एक कठिन प्रश्‍न है, चाहे जो कुछ भी कहा या किया गया ही क्यों न हो। स्मरण रखने वाली पहली बात यह है कि यीशु ने पतरस को किसी ऐसे व्यक्ति को क्षमा करने के बारे में परामर्श दिया है, जिसने उसके विरोध में पाप किया है: "तब पतरस ने पास आकर उस से कहा, 'हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ? क्या सात बार तक?' यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझ से यह नहीं कहता कि सात बार तक 'वरन् सात बार के सत्तर गुने तक!'" (मत्ती 18:21-22)। सम्बन्ध में दूसरे व्यक्ति को क्षमा करने के लिए पहला कदम उठाते हुए आप यह निर्धारित करते हैं कि क्या करना है।

आप विवाह से पूर्व विवाह के अभ्यास के रूप में विवाह के लिए की जाने वाली प्रेम मुलाकातों अर्थात् डेटिंग/कोर्टिंग अर्थात् प्रणय निवेदन के बारे में सोच सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको उस पहले व्यक्ति के साथ रहना होगा, जिसके साथ आपने प्रेम मुलाकातें/प्रणय निवेदन किए थे और उनसे विवाह करना चाहिए। परमेश्‍वर आपको किसी और के पास ले जाने में अगुवाई दे सकता है, परन्तु क्षमा करना और बातों का समाधान करना सबसे अच्छा प्रयास है, जब तक कि आपको सावधानी, विनम्रता से भरी हुई प्रार्थना के माध्यम से, परमेश्‍वर ने इस सम्बन्ध को छोड़ने की ओर मार्गदर्शन नहीं दिया है। आपको बातों का समाधान करने के ऊपर विचार करना चाहिए, मानो कि जैसा आप विवाह में करेंगे, जब आपके सम्भावित जीवन साथी आपको परेशान करते हैं या आपको पीड़ा देते हैं या आपको ठेस पहुँचाते हैं।

एक बात निश्‍चित रूप से आपको अपने प्रेमी/प्रेमिका के साथ सम्बन्ध तोड़ने के ऊपर विचार करने के लिए एक कारण के रूप में होनी चाहिए। पौलुस हमें 1 कुरिन्थियों 5:9-11 में बताता है कि, "मैं ने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है कि व्यभिचारियों की संगति न करना। यह नहीं कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अन्धेर करनेवालों, या मूर्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता। पर मेरा कहना यह है कि यदि कोई भाई कहलाकर, व्यभिचारी, या लोभी, या मूर्तिपूजक, या गाली देनेवाला, या पियक्‍कड़, या अन्धेर करनेवाला हो, तो उसकी संगति मत करना; वरन् ऐसे मनुष्य के साथ खाना भी न खाना।” यदि आपका प्रेमी या प्रेमिका इन पापों में से किसी एक में सम्मिलित है, तो पौलुस कहता है कि उस से सम्बन्ध तोड़ दिया जाना चाहिए। जिनके जीवन लालच, अनैतिकता, मूर्तिपूजा, इत्यादि के गुणों को लिए हुए हैं, वे विवाह के उचित साथी नहीं हो सकते हैं।

प्रत्येक परिस्थिति के लिए स्थितियाँ भिन्न होती हैं, और किसी को यह बताने में सदैव कठिनाई होती है कि किसी दी गई परिस्थिति में क्या करना होता है। यह स्पष्ट है कि परमेश्‍वर चाहता हैं कि हम सभी परिस्थितियों में क्षमा का प्रदर्शन करें, परन्तु किसी को छोड़ना, सम्बन्ध में किसी समस्या का निपटारा करने का तरीका जानने का एकमात्र तरीका प्रार्थना, ज्ञान, और करुणा के द्वारा ही होता है।

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बॉयफ्रेंड/गर्लफ्रेंड के साथ सम्बन्ध टूटने के वैध कारण क्या हैं?