आत्मा के आदान प्रदान के बारे में बाइबल क्या कहती है?


प्रश्न: आत्मा के आदान प्रदान के बारे में बाइबल क्या कहती है?

उत्तर:
बाइबल स्पष्ट रूप से मरे हुए लोगों से सम्पर्क स्थापित करने और आत्मा के आदान प्रदान के अभ्यास के प्रति स्पष्ट है। पवित्रशास्त्र में ओझावाद, आत्मा के आदान प्रदान करने के अभ्यास को कभी-कभी भूत साधने वाली धारणा के साथ पर्यावाची के रूप में भी उपयोग किया गया है और भावी कहने वालों के अभ्यासों को अच्छी तरह से लिपिबद्ध किया गया है। लैव्यव्यवस्था 19:31 कहती है: "ओझाओं और भूत साधने वालों की ओर न फिरना और ऐसों की खोज करके उनके कारण अशुद्ध न हो जाना...।" लैव्यव्यस्था 20:6 कहती है: "फिर जो प्राणी ओझाओं या भूतसाधनेवालों की ओर फिरके और उनके पीछे होकर व्यभिचारी बने, तो मैं उस प्राणी के विरूद्ध होकर उसको उसके लोगों के बीच में से नष्ट कर दूँगा।" व्यवस्थाविवरण 18:12 कहता है कि भावी कहने वालों या मृतकों के साथ सम्पर्क करने वाले ओझाओं से सम्पर्क परामर्श प्राप्त करना "घृणित" है। स्पष्ट है कि परमेश्‍वर इन अभ्यासों को पाप से भरे हुए और पूर्ण रीति से बिना किसी लाभ के होने के रूप में देखता है।

शाऊल, इस्राएल का एक शक्तिशाली राजा, अन्ततः जब स्वयं के दु:खद अन्त के चरम पर पहुँच गया, तब वह भूत साधने वाले के सम्पर्क में आने से पूर्ण रीति से परमेश्‍वर से दूर हो गया। शाऊल ने जब उसके मन के अनुसार परमेश्‍वर उसे उत्तर नहीं दे रहा था, तब एक भूत-सिद्धि करने वाले उत्तर प्राप्त करने का निर्णय लिया। 1 शमूएल 28:6-20 में, शाऊल ने भविष्यद्वक्ता शमूएल की आत्मा को बुलाने के लिए एक भूत-सिद्धि करने वाली से पूछा। उसकी गम्भीर गलती को 1 इतिहास 10:13-14 में बाद में उल्लेख किया गया है, जो इस बात पर जोर देता है कि शाऊल का इस अभ्यास में भाग लेना गलत था: "उसने [शाऊल] यहोवा का वचन टाल दिया था, फिर उसने भूतसिद्धि करनेवाली से पूछकर सम्मति ली थी। उसने यहोवा से न पूछा था...।"

मसीही विश्‍वासी होने के नाते, हमें अपने प्रश्नों के लिए परमेश्‍वर के उत्तरों की खोज करनी चाहिए। किसी भी अन्य व्यक्ति से प्रार्थना करना या "आत्मा का आदान प्रदान" इत्यादि करना मूर्तिपूजा है। प्रेरितों, मरियम और किसी भी मृत व्यक्ति या ऐसे ही किसी अन्यों से प्रार्थना करना, प्रेतों का आह्वान् करना और एक मृत सम्बन्धी से सहायता प्राप्त करने से अधिक भिन्न नहीं है। अधिकांश तथाकथित ओझे वास्तव में धोखाधड़ी करते हैं, यह लोगों को मूर्ख बनाने के लिए स्मरण शक्ति सम्बन्धी युक्तियों, उनके पीछे लगाए हुए साथियों से जानकारी एकत्र करते, और विशेष प्रभाव का उपयोग करते हैं। जो लोग धोखाधड़ी नहीं कर रहे हैं, वे खतरनाक आत्मिक प्राणियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। शैतान के गुर्गे सहायक आत्माओं के रूप में प्रकट होने में कुशल होती हैं, जिससे उन्हें लोगों के भ्रम में डालने और भ्रष्ट करने में सहायता मिलती है, जो स्वयं को आत्मा के आदान प्रदान के लिए दे देते हैं।

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