रहस्योदघाटन क्या है?



प्रश्न: रहस्योदघाटन क्या है?

उत्तर:
शब्द "रहस्योदघाटन" यूनानी शब्द एपोक्लूपसिस से आता है जिसका अर्थ "प्रकाशन, प्रगटीकरण, ढक्कन को हटा देने से है।" प्रकाशितवाक्य की पुस्तक को कई बार "यूहन्ना का प्रकाशन" कह कर इसलिए उद्धृत किया गया है क्योंकि यह प्रेरित यूहन्ना को परमेश्‍वर के द्वारा अन्त समय के प्रकाशन का दिया जाना है। इसके अतिरिक्त, यूनानी शब्द "रहस्योदघाटन" प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के यूनानी मूलपाठ का सबसे पहला शब्द भी है। यह वाक्यांश "प्रकाशनात्मक साहित्य" भविष्य में घटित होने वाले घटनाओं के चित्रण के लिए प्रतीकों, चित्रों और सँख्या के उपयोग को वर्णित करता है। प्रकाशितवाक्य से पृथक, बाइबल में दानिय्येल 7-12 और यशायाह 24-27, यहेजकेल 37-41 और जकर्याह अध्याय 9-12 प्रकाशनात्मक साहित्य के उदाहरण मिलते हैं।

क्यों प्रकाशनात्मक साहित्य इस तरह के प्रतीकों और काल्पनिक चित्रों के साथ लिखा हुआ है? प्रकाशनात्मक पुस्तकें तब लिखी गई जब स्पष्ट भाषा में सन्देश देने की अपेक्षा प्रतीकों और काल्पनिक चित्रों के साथ छिपा कर दिया जाने वाला सन्देश ज्यादा विवेकपूर्ण था। इसके अतिरिक्त, प्रतीकों ने समय और स्थान के वर्णन के बारे में रहस्य के तत्व को उत्पन्न कर दिया। तथापि, इस तरह के प्रतीकों का उद्देश्य किसी तरह की कोई उलझन को उत्पन्न करना नहीं अपितु इसकी अपेक्षा कठिन समयों में परमेश्‍वर का अनुसरण करने वालों को निर्देशित और उत्साहित करना था।

विशेष बाइबल आधारित अर्थों के अतिरिक्त, शब्द "रहस्योदघाटन" का अक्सर उपयोग सामान्य रूप में अन्त के समय को, या विशेष रूप से अन्तिम समय की घटनाओं को उद्धृत करने के लिए किया जाता था। अन्त-समय की घटनाएँ जैसे मसीह के दूसरे आगमन और हर-मगिद्दोन के युद्ध को कई बार रहस्योदघाटन के रूप में उद्धृत किया जाता है। रहस्योदघाटन अन्तत: परमेश्‍वर का प्रकाशन, उसके क्रोध, उसके न्याय, और अन्त में उसके प्रेम को प्रगट करती है। यीशु मसीह परमेश्‍वर का सर्वोच्च "रहस्योदघाटन" है जिसने परमेश्‍वर को हम पर प्रकाशित किया (यूहन्ना 14:9; इब्रानियों 1:2)।



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