वैवाहिक सम्बन्धों में आयु की भिन्नता के बारे में बाइबल क्या कहती है?


प्रश्न: वैवाहिक सम्बन्धों में आयु की भिन्नता के बारे में बाइबल क्या कहती है?

उत्तर:
बाइबल कदाचित् ही हमें विवाह के लिए बनाए जाने वाले सम्बन्धों (या फिर इसी अर्थ में, किसी अन्य स्थिति में) में आयु के उदाहरण देती है। हमें पता है कि अब्राहम की आयु सारा (उत्पत्ति 17:17) से 10 वर्ष अधिक थी, परन्तु बाइबल में कोई अन्य जोड़ा ऐसा नहीं मिलता है, जिनकी दोनों की आयु दी गई हो। उदाहरण के लिए, अक्सर यह माना जाता है कि यूसुफ की आयु मरियम से बहुत अधिक थी। तथापि, बाइबल में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो इसकी ओर इंगित करता है।

आयु एक विवाह में अति महत्वपूर्ण हो सकती है, परन्तु यह मुक्ति, आत्मिक परिपक्वता, पूरकता इत्यादि जैसे अन्य विषयों की तुलना में बहुत ही कम महत्वपूर्ण की है। जैसे-जैसे लोग अपनी आयु में बड़े होते जाते हैं, आयु के अन्तर का अर्थ कम होता चला जाता है। स्पष्ट है कि एक 40 वर्षीय यदि एक 20 वर्षीय से विवाह करता है, उसके बारे में पूछताछ की जाएगी, जबकि यदि कोई भी 80 वर्षीय किसी एक 60 वर्षीय से विवाह करे तो वह इसके विषय में वह पहले दो बार सोचगा। विवाह में आयु के बारे में एकमात्र चेतावनी यह है कि किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करने से बचना चाहिए, जो वासना के साथ जलते हुए उद्देश्यों में होकर विवाह करता है, और धन के उद्देश्य से किसी बुजुर्ग से विवाह करने से बचना चाहिए। किसी भी भावी सम्बन्ध को बनाने से सम्बन्धित ज्ञान की प्राप्ति के लिए परमेश्‍वर से प्रार्थना करना सबसे अच्छा तरीका है (याकूब 1: 5)।

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