बाइबल में फिलिप्पुस कौन था?


प्रश्न: बाइबल में फिलिप्पुस कौन था?

उत्तर:
बाइबल में फिलिप्पुस नाम के चार भिन्न पुरुष पाए जाते हैं। फिलिप्पुस भिन्न पत्नियों के द्वारा राजा हेरोदेस महान् के दो पुत्रों का नाम था (लूका 3:1 और मत्ती 14:3)। बाइबल में अन्य दो फिलिप्पुस मसीह के सेवक थे और आरम्भिक कलीसिया में की वृद्धि में सहायक रहे थे: शिष्य और मसीह का प्रेरित फिलिप्पुस और सुसमाचार प्रचारक फिलिप्पुस।

फिलिप्पुस नाम का शिष्य, पतरस और अन्द्रियास के साथ, गलील के बेतसैदा से था (यूहन्ना 1:44; 12:21)। यीशु ने फिलिप्पुस को बुलाया, जो बपतिस्मा देने वाला यूहन्ना का शिष्य था (यूहन्ना 1:43), और तत्पश्‍चात् फिलिप्पुस ने जाकर नतनएल को ढूँढा और उसे यीशु के बारे में बताया। नतनएल भी यीशु का शिष्य बन गया। फिलिप्पुस या किसी भी अन्य शिष्यों के जीवन के बारे में बाइबल में बहुत विवरण नहीं देती है, परन्तु जब फिलिप्पुस ने यीशु से बात की तो यूहन्ना ने इसे कई बार लिपिबद्ध किया।

यीशु के शिष्य के रूप में फिलिप्पुस का पहला लिपिबद्ध किया गया कार्य यह था कि उसने जाकर अपने मित्र नतनएल को यीशु के बारे में बताया था। इसके पश्‍चात्, फिलिप्पुस से कुछ अन्यजातियों के द्वारा सम्पर्क स्थापित किया गया, विशेष रूप से, बैतसैदा के यूनानियों ने, जिन्होंने फिलिप्पुस को उन्हें यीशु से परिचित कराने के लिए विनती की थी (यूहन्ना 12:20–22)। फिलिप्पुस ही वह शिष्य था, जिसने 5,000 को भोजन खिलाने के लिए खर्च होने वाली राशि की गणना की थी (यूहन्ना 6:7)। अन्तिम भोज के पश्‍चात्, फिलिप्पुस ने अनुरोध किया कि यीशु ने उन्हें पिता को दिखाया, जिसके लिए यीशु ने यह कथन दिया था, "जिसने मुझे देखा है, उसने पिता को देखा है" (यूहन्ना 14:8–9)। अन्तिम बार बाइबल में शिष्य फिलिप्पुस का उल्लेख तब किया गया है, जब वह प्रभु के स्वर्गारोहण के पश्‍चात् प्रार्थना करने के लिए यरूशलेम में इकट्ठे हुए लोगों में से एक था (प्रेरितों के काम 1:13)। परम्परा बताती है कि फिलिप्पुस मिशनरी के रूप में फ्रूगिया (आधुनिक तुर्की में) गया था और वहाँ हियरापुलिस में शहीद हुआ था।

दूसरे फिलिप्पुस को सामान्य रूप से उसी नाम के शिष्य को परन्तु "सुसमाचारक फिलिप्पुस" या "डीकन फिलिप्पुस" के नाम से जाना जाता है। अक्सर यह विश्‍वास किया जाता है कि यह फिलिप्पुस उन सत्तर लोगों में से एक था, जिन्हें यीशु ने लूका अध्याय 10:1, में सुसमाचार की सेवा के लिए भेजा था, यद्यपि बाइबल उसके साथ कोई सम्बन्ध स्थापित नहीं करती है। हम नहीं जानते हैं कि फिलिप्पुस यरूशलेम की कलीसिया में सेवा करने के लिए चुने गए मूल रूप से सात डीकनों में से एक था (प्रेरितों के काम 6:5)। फिलिप्पुस के पास सुमसाचार प्रचार के लिए मन था, और, जब प्रेरितों के काम 8:1 में "बड़ा उपद्रव" हुआ, तो फिलिप्पुस ने यरूशलेम को सामरिया में एक प्रचारक बनने के लिए छोड़ दिया था (प्रेरितों के काम 8:5–12)। सामरिया में कलीसिया के आरम्भ होने के पश्‍चात्, फिलिप्पुस को पवित्र आत्मा के द्वारा इथोपिया या कूश की रानी कन्दाके के दरबार के एक सदस्य, एक इथोपियाई खोजे को सुसमाचार देने के लिए उपयोग किया गया था। फिलिप्पुस ने खोजे को अपने रथ में बैठा हुआ, यशायाह की पुस्तक को पढ़ते हुए और भविष्यद्वक्ता के शब्दों को समझने का प्रयास करते हुए पाया। फिलिप्पुस ने समझ प्रदान के लिए प्रस्ताव दिया और खोजे ने उसे अपने साथ आने और बैठने के लिए आमन्त्रित किया। अन्त में, खोजे को बचाया गया और उसे बपतिस्मा दिया गया (प्रेरितों के काम 8:26-39)। बपतिस्मे के तुरन्त पश्‍चात्, प्रभु की आत्मा फिलिप्पुस को कैसरिया में ले गई, जहाँ वह सुसमाचार का प्रचार करता रहा (प्रेरितों के काम 8:40)।

बीस वर्षों के पश्‍चात्, फिलिप्पुस का एक बार फिर से उल्लेख किया गया है, वह अभी भी कैसरिया में ही है (प्रेरितों के काम 21:8–9)। पौलुस और लूका और अन्य लोग यरूशलेम की ओर यात्रा कर रहे थे, और वे कैसरिया में फिलिप्पुस के घर पर रुके थे। वे फिलिप्पुस के साथ कई दिनों तक रहे। फिलिप्पुस की उस समय चार अविवाहित पुत्रियाँ थीं, जिनमें से सभी के पास भविष्यद्वाणी का वरदान था। यही पर अन्तिम बार बाइबल में सुसमाचार प्रचारक फिलिप्पुस का उल्लेख किया गया है।

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