क्या यीशु पुराने नियम में पाया जाता है?


प्रश्न: क्या यीशु पुराने नियम में पाया जाता है?

उत्तर:
यीशु पुराने नियम में अक्सर दिखाई देता है — उस नाम से नहीं, और उसी रूप में नहीं जैसा कि हम उसे नए नियम में देखते हैं, परन्तु तौभी वह वहाँ पर मिलता है। सम्पूर्ण बाइबल का विषय ही मसीह है।

यीशु ने स्वयं इस तथ्य की पुष्टि की कि वह पुराने नियम में है। यूहन्ना 5:46 में उसने कुछ धर्मगुरुओं को समझाया जिन्होंने उसे चुनौती दी थी कि पुराना नियम उसके बारे में बात करता है: "यदि तुम मूसा का विश्‍वास करते, तो मेरा भी विश्‍वास करते, इसलिये कि उसने मेरे विषय में लिखा है।" यीशु के अनुसार, मनुष्य के साथ परमेश्वर का कार्य समय के साथ आरम्भ हुआ, उसी की ओर इंगित करता है। एक और समय जब यीशु ने यह दिखाया कि वह पुराने नियम में है, उसके पुनरुत्थान का दिन था। यीशु अपने दो शिष्यों के साथ चल रहा था, और "उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्‍ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्रशास्त्र में से अपने विषय में लिखी बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया" (लूका 24:27)। इससे पहले, यीशु ने क्रूस पर चढ़ने से पहले को, यशायाह 53:12 की ओर इंगित करते हुए उन्हें दिखाया और कहा कि, "यह जो लिखा है : 'वह अपराधियों के साथ गिना गया' उसका मुझ में पूरा होना अवश्य है;, क्योंकि मेरे विषय में लिखी बातें पूरी होने पर हैं" (लूका 22:37)।

कुछ लोगों की गणना है कि, पुराने नियम की 300 से अधिक भविष्यद्वाणियाँ यीशु मसीह की ओर संकेत देती हैं और जो पृथ्वी पर उसके जीवन में पूरी हुईं। इनमें उसका अद्वितीय रूप से जन्म लेना (यशायाह 7:14), उसकी सांसारिक सेवकाई (यशायाह 61:1) के बारे में भविष्यद्वाणियाँ सम्मिलित हैं, और यहाँ तक कि जिस तरह से उसकी मृत्यु होगी (भजन संहिता 22)। यीशु ने उस समय की धार्मिक व्यवस्था को झटका दिया जब वह नासरत के आराधनालय में खड़ा हुआ और यशायाह 61 से पढ़ा, और इस टिप्पणी के साथ निष्कर्ष निकाला कि: "आज ही यह लेख तुम्हारे सामने पूरा हुआ है" (लूका 4:18–21)।

एक और तरीका है जिससे पता चलता है कि यीशु पुराने नियम में है, वह मसीह-का-प्रकाशन — अर्थात् परमेश्वर के पुत्र के देहधारण-से पूर्व के प्रगटीकरण। पुराना नियम में इन प्रगटीकरणों के लिए प्रभु का दूत वाक्यांश उपयोग प्रभु यहोवा के साथ किया गया है। मसीह का एक प्रगटीकरण उत्पत्ति 18:1-33 में पाया जाता है जब परमेश्वर मनुष्य के रूप में अब्राहम को दिखाई दिया था। ईश्वरत्व के साथ ऐसी मूर्त मुठभेड़ पूरे के पूरे पुराने नियम में दिखाई देती है (उत्पत्ति 16:7–14; 22:11–18; न्यायियों 5:23; 2 राजा 19:35; दानिय्येल 3:25)।

परन्तु इससे भी अधिक गहन तरीके पाए जाते हैं, जिनसे पता चलता है कि यीशु पुराने नियम में पाया जाता है। इन्हें उनमें देखा जाता है जिन्हें एक तरह से "प्रकार" कहते हैं। पुराने नियम में एक प्रकार का होना एक व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत है, जो कि किसी व्यक्ति या वस्तु को नए में होने का पूर्वाभास कराता है। उदाहरण के लिए, मूसा को एक प्रकार के रूप में मसीह के रूप में देखा जा सकता है। यीशु की तरह, मूसा का जन्म महत्वपूर्ण था, उसने अपने दिनों की बुरी शक्तियों का सामना किया, और उसने अपने लोगों को एक आश्चर्यजनक छुटकारे के माध्यम से स्वतन्त्रता के लिए अगुवाई दी। एक और जीवन यूसुफ का है जिसे मसीह के जीवन के प्रकार के रूप में देखा जा सकता है।

पुराने नियम की कई ऐतिहासिक घटनाएँ प्रतीकों के दो-गुणी अर्थों को प्रदान करती हैं कि मसीह के माध्यम से भविष्य में परमेश्वर में क्या करेगा। उदाहरण के लिए, परमेश्वर ने अब्राहम को उसके पुत्र इसहाक को एक बलिदान के रूप में भेंट करने के लिए बुलाया। इसहाक के प्रश्न के उत्तर में अब्राहम ने एक मेम्ने के बारे में भविष्यद्वाणी भरे इन शब्दों को बोला: "हे मेरे पुत्र, परमेश्‍वर होमबलि की भेड़ का उपाय आप ही करेगा" (उत्पत्ति 22:8)। इसहाक के स्थान पर निश्चित ही परमेश्वर ने एक मेम्ने को प्रदान किया, जो इस बात का प्रतीक था कि वह हजारों वर्षों बाद उसी पहाड़ पर वापस आएगा जब अपने ही पुत्र को हमारे स्थान पर बलिदान के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा (मत्ती 27:33)। इसहाक के बलिदान की चारों ओर की घटनाएँ इस तरह मसीह के बलिदान का कार्य प्रस्तुत करती हैं।

यीशु ने इस्राएल के इतिहास में एक अन्य घटना को उसके क्रूस पर चढ़ाए जाने के पूर्वाभास के रूप में सन्दर्भित किया है। जंगल में, मूसा के पीछे चलने वाले लोगों ने पाप किया था, और परमेश्वर ने उन्हें काटने के लिए साँपों को उनके बीच भेजा था। लोग मर रहे थे, और उन्होंने मूसा से सहायता के लिए आग्रह किया। परमेश्वर ने मूसा को एक पीतल का साँप बनाने और उसे एक खम्बे पर रखने के लिए कहा। वे सभी जिन्होंने उस की ओर देखा वे चँगे हो गए (गिनती 21:4–19)। यीशु ने यूहन्ना 3:14-15 में इस घटना इंगित करते हुए ऐसे कहा है कि: "जिस रीति से मूसा ने जंगल में साँप को ऊँचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊँचे पर चढ़ाया जाए; ताकि जो कोई उस पर विश्‍वास करे वह अनन्त जीवन पाए।"

मिलाप वाले तम्बू के लिए परमेश्वर की रूपरेखा एक और तरीका है, जिससे पता चलता है कि यीशु पुराने नियम में पाया जाता है। आँगन में पाए जाने वाली वेदी हमारे पाप का प्रायश्चित करने के लिए यीशु के बलिदान की आवश्यकता का प्रतीक है। धोना यीशु को जीवन का पानी प्रदान करने के रूप में दिखाता है (यूहन्ना 4:14)। पवित्र स्थान के भीतर, दीपदान संसार के ज्योति के रूप में यीशु के होने का सुझाव देते हैं (यूहन्ना 9:5)। मेज पर पड़ी हुई रोटी जीवन की रोटी के रूप में यीशु है (यूहन्ना 6:35)। धूप की वेदी में यीशु को हमारे स्वर्गीय मध्यस्थक के रूप में देखा जाता है, जो निरन्तर हमारे लिए प्रार्थनाओं की भेंट को चढ़ा रहा है (रोमियों 8:34; इब्रानियों 7:25)। इब्रानियों 10:20 के अनुसार, वाचा के सन्दूक के सामने का परदा यीशु के मानवीय शरीर का चित्र है।

परमेश्वर का पुत्र न केवल नए नियम में है; अपितु यीशु पुराने नियम में भी पाया जाता है। यीशु परमेश्वर का प्रतिज्ञा किया हुआ मसीह है। बेतलहम में कुवाँरी जन्म से लेकर (यशायाह 7:14; लूका 1:35; मीका 5:2), मिस्र की ओर यात्रा (होशे 11:1; मत्ती 2:14–15), उसकी चँगाई और आशा की सेवकाई में (उत्पत्ति 3:15; 1 यूहन्ना 3:8), उसके पुनरुत्थान इत्यादि सभी के माध्यम से (भजन संहिता 16:9–11; प्रेरितों के काम 2:31), यीशु मसीह पुराने और नए नियम दोनों का विषय है। यह कहा जा सकता है कि यीशु बाइबल के होने का कारण है। वह जीवित वचन है। सम्पूर्ण बाइबल एक प्रकाश स्तम्भ है जो हमें परमेश्वर की ओर प्रभु यीशु मसीह के माध्यम से मेल-मिलाप की आशा, क्षमा और अनन्त जीवन को दिए जाने की ओर संकेत देती है।

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