यीशु इतिहास के अन्य सभी लोगों की तुलना में कैसे महान् या बड़ा है?


प्रश्न: यीशु इतिहास के अन्य सभी लोगों की तुलना में कैसे महान् या बड़ा है?

उत्तर:
अभी तक के इतिहास में रहे हुए लोगों और आगे आने वाले लोगों के साथ तुलना करती हुई बाइबल यीशु को उनसे कहीं अधिक बड़ा प्रस्तुत करती है। कुलुस्सियों 1 निश्चित शब्दों में, मसीह की श्रेष्ठता अर्थात् बड़े होने के धर्मसिद्धान्त को मसीह "सब कुछ" होने के रूप में निर्धारित करता है (कुलुस्सियों 1:18)। इफिसियों 1:22 में कहा गया है, "और सब कुछ उसके पाँवों तले कर दिया; और उसे सब वस्तुओं पर शिरोमणि ठहराकर कलीसिया को दे दिया।"

यीशु सारी सृष्टि से बड़ा है — सभी वस्तुओं के सृष्टिकर्ता होने के नाते, उसे महान् होना ही होगा। यीशु ने सृष्टि के ऊपर अपने वर्चस्व को तब प्रमाणित किया जब उसने प्रचण्ड तूफान को शान्त किया (मरकुस 4:39), रोटियों और मछलियों को बढ़ा दिया (मरकुस 8:6-9), अन्धे को दृष्टि प्रदान की (मरकुस 8:22-25), और पानी के ऊपर चला (मरकुस 6:48)। "सारी वस्तुएँ उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं" (कुलुस्सियों 1:16)।

यीशु अब्राहम से बड़ा है — पिता अब्राहम किस समय रहा था और अभी भी इतिहास के सभी सम्मानित व्यक्तियों में से एक है। एक बार, जब यीशु यहूदियों से उनकी वंशावली के बारे में बात कर रहा था, तो उन्होंने उससे पूछा था कि, "क्या तू हमारे पिता अब्राहम से बड़ा है?" (यूहन्ना 8:53)। यीशु का उत्तर उनके लिए चौंकाने वाला था: "तुम्हारा पिता अब्राहम मेरा दिन देखने की आशा से बहुत मगन था; और उसने देखा और आनन्द किया... मैं तुम से सच सच कहता हूँ, कि पहले इसके कि अब्राहम उत्पन्न हुआ, मैं हूँ! "(यूहन्ना 8:56, 58)।

यीशु याकूब से बड़ा है — एक अन्य कुलपति याकूब था, जिसे परमेश्वर के द्वारा "इस्राएल" का नाम दिया गया था (उत्पत्ति 32:28)। जब यीशु सामरिया में याकूब के कुएँ पर एक स्त्री के साथ बातचीत कर रहा था, तब उसने उससे कहा कि वह उसे "जीवन का जल" (यूहन्ना 4:10) दे सकता है। यह सोचते हुए कि वह किसी और तरह के कुँए के जल की बात कर रहा था, उसने पूछा, "क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है?" (वचन 12)। यीशु ने अपने स्वयं के शाश्वतकालीन उपहार के साथ याकूब के सांसारिक उपहार की तुलना करते हुए उसके विपरीत उत्तर दिया: "जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा, परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (वचन 13–14)।

यीशु मूसा से बड़ा है — पुराने नियम में मूसा का सम्मान किसी भी अन्य भविष्यद्वक्ता से कहीं अधिक पाया जाता है। वह व्यवस्था को देने वाला, इस्राएल के लिए मुक्तिदाता और आश्चर्यकर्मों को प्रगट करने वाला था। मूसा को परमेश्वर के साथ "एक मित्र के रूप में आमने-सामने बात करने" का अनोखा सौभाग्य प्राप्त था (निर्गमन 33:11)। मरने से पहले, मूसा ने इस्राएलियों से एक और भविष्यद्वक्ता के आने की प्रतीक्षा करने के लिए आदेश दिया था, जिसमें मूसा जैसी कुछ समानता होंगी: "तू उसी की सुनना" (व्यवस्थाविवरण 18:15)। यीशु ने व्यवस्था को पूरा किया (मत्ती 5:17), हमें पाप और मृत्यु से मुक्त किया (रोमियों 8:2), और निश्चित रूप से वह आश्चर्यकर्मों को प्रगट करने वाला था (प्रेरितों के काम 2:22)। इब्रानियों 3:3 का कहना है कि "यीशु को मूसा से बढ़कर महिमा के योग्य समझा गया है।"

यीशु दाऊद से बड़ा है — यीशु के दिन में आने वाले मसीह के लिए एक सामान्य उपाधि "दाऊद का पुत्र" था (मत्ती 9:27 को देखें)। यहूदियों के द्वारा इस शब्द के प्रयोग ने उनके विश्वास को, भविष्यद्वाणी पर आधारित किया, कि मसीह दाऊद के वंश का होगा (2 शमूएल 7:16)। मन्दिर में किए गए एक संवाद में, यीशु ने भजन संहिता 110:1 का सन्दर्भ देते हुए कहा कि दाऊद मसीह को "मेरा परमेश्वर" (मत्ती 22:45) कह कर पुकारता है। दाऊद का पुत्र, इसलिए, दाऊद से बड़ा है और उसकी वंशावली इस पृथ्वी की रायकीय वैभव की तुलना में महान् है।

यीशु सुलैमान से बड़ा है — राजा सुलैमान बुद्धि, धन, सामर्थ्य और प्रतिष्ठा में अद्वितीय था (1 राजा 10:23–24)। सुलैमान के शासन के समय पूरे संसार के सम्राट यरूशलेम में उससे मुलाकात करने आए थे और उसकी प्रतिष्ठा की थी। तौभी यीशु ने कहा है कि, "यहाँ वह है जो सुलैमान से भी बड़ा है" (मत्ती 12:42)।

यीशु योना से बड़ा है — भविष्यद्वक्ता योना इतिहास में सबसे बड़ी जागृति लाने वालों में से एक था। उसके उपदेश के कारण, नीनवे के पूरे शहर ने अपने पाप से पश्चाताप किया और दया के लिए परमेश्वर की ओर मुड़ गए। मूर्तिपूजा और पाखण्ड के लिए कुख्यात एक राष्ट्र ने स्वयं को परमेश्वर की आँखों में दीन किया और अपने मूर्तिपूजा से मुड़ गया। तौभी यीशु ने कहा है कि, "देखो, यहाँ वह है जो योना से भी बड़ा है" (मत्ती 12:41)।

यीशु यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले से बड़ा है — यीशु ने कहा कि यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला "एक भविष्यद्वक्ता से कहीं बढ़कर था" और "यूहन्ना से बड़ा कोई नहीं है" (लूका 7:26, 28)। वास्तव में, यूहन्ना पुराने नियम के अन्तिम भविष्यद्वक्ता था, उसने मलाकी 3:1 को पूरा किया, और उसकी सामर्थ्य एलिय्याह जैसी थी (लूका 1:17)। परन्तु यूहन्ना ने यीशु को कैसे देखा? उसकी भविष्यद्वाणी से पता चलता है कि कौन बड़ा है: "मेरे बाद वह आने वाला है, जो मुझ से शक्‍तिमान है; मैं इस योग्य नहीं कि झुककर उसके जूतों का बन्ध खोलूँ" (मरकुस 1:7)। दूसरे शब्दों में, यहाँ तक कि यूहन्ना भी यीशु की श्रेणी में नहीं आता है। यूहन्ना पानी से बपतिस्मा देता है, परन्तु यीशु पवित्र आत्मा के साथ बपतिस्मा देगा (मरकुस 1:8)।

यीशु मन्दिर से बड़ा है — यरूशलेम में मन्दिर एक महिमामयी स्थान था, जो इतिहास, अर्थ और धार्मिक परिणाम से भरा हुआ था (मत्ती 24:1 को देखें)। तौभी यीशु ने फरीसियों से कहा, "पर मैं तुम से कहता हूँ कि यहाँ वह है जो मन्दिर से भी बड़ा है!" (मत्ती 12:6)। मन्दिर वह स्थान था जहाँ एक जाति के पुजारी परमेश्वर के सामने मध्यस्थता करते थे, और यीशु की मध्यस्थता की सेवकाई इससे कहीं अधिक महान् है (इब्रानियों 8:6)।

यीशु सब्त से बड़ा है — मूसा आधारित वाचा का चिन्ह सब्त को मनाते रहने के लिए था (यहेजकेल 20:12), और यहूदी लोग इस चिन्ह को बनाए रखने में निपुण थे। जब यीशु आया, तो वह व्यवस्था के अधीन आया (गलातियों 4:4), उसने व्यवस्था को पूरा किया (मत्ती 5:17), और दिखाया कि "मनुष्य का पुत्र सब्त का परमेश्वर है" (मत्ती 12:8)।

यीशु कलीसिया से भी बड़ा है — कलीसिया परमेश्वर के चुने हुए ऐसे लोग हैं जिन्हें संसार से बाहर बुलाया गया है, उनका छुटकारा किया, उन्हें धर्मी ठहराया गया, उन्हें पवित्र और महिमामयी किया गया है (रोमियों 8:30)। अन्त में, कलीसिया "न कलंक, न झुर्री, न कोई और ऐसी वस्तु हो वरन् पवित्र और निर्दोष होगी" (इफिसियों 5:27)। तौभी मसीह बड़ा है। वह कलीसिया का सिर है, और वह उसका शरीर है (कुलुस्सियों 1:18; की तुलना यूहन्ना 13:16; 15:20 से करें)।

यीशु स्वर्गदूतों से बड़ा है — स्वर्गदूत परमेश्वर के सेवक हैं, परन्तु यीशु परमेश्वर का दिया गया एकमात्र पुत्र हैं, जो महिमामयी परमेश्वर के दाहिने हाथ बैठा है (इब्रानियों 1:3, 5; यूहन्ना 3:16)। एक दिन स्वर्ग में और पृथ्वी पर सभी प्रधानताएँ और शक्तियाँ मसीह के सामने झुकेंगी (फिलिप्पियों 2:10)। यीशु "स्वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उनसे बड़े पद का वारिस होकर उत्तम नाम पाया" (इब्रानियों 1:4)।

यीशु का नाम अन्य सभी नामों से बड़ा है — यीशु, पूर्ण मनुष्य और पाप के लिए एक और केवल एक ही बलिदान, अत्यधिक ऊँचा किया गया है। परमेश्वर ने उसे "वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्‍ठ है" (फिलिप्पियों 2:9)। इतिहास के अन्य नामों में — बुद्ध, मोहम्मद, गांधी, कन्फ्यूशियस, कृष्ण, जोसेफ स्मिथ और सुन म्युंग मून इत्यादि सम्मिलित हैं — जो यीशु मसीह की महिमा के प्रकाश में धुन्धले पड़े जाते हैं। यह यीशु का नाम है जिसे हम पृथ्वी के छोर तक प्रचार करते हैं, क्योंकि यह केवल उसी ही का नाम है जिसमें उद्धार पाया जाता है (प्रेरितों के काम 4:12)।

"उसमें ईश्‍वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है" (कुलुस्सियों 2:9)। परमेश्वर के वचन के रूप में (यूहन्ना 1:1), यीशु परमेश्वर की ओर से मनुष्य के लिए पूर्णता से भरा हुआ प्रकाशन है। परमेश्वर इसके अतिरिक्त और अधिक स्पष्ट रूप से नहीं बोल सकता था।

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