कबूतर को अक्सर पवित्र आत्मा के प्रतीक के रूप में क्यों प्रयोग किया जाता है?


प्रश्न: कबूतर को अक्सर पवित्र आत्मा के प्रतीक के रूप में क्यों प्रयोग किया जाता है?

उत्तर:
सभी चारों सुसमाचार यीशु के बपतिस्में को यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के द्वारा यरदन नदी में दिए जाने के वृतान्त का उल्लेख करते हैं (मत्ती 3:16; मरकुस 1:10; लूका 3:22; यूहन्ना 1:32)। लूका कहता है, "और पवित्र आत्मा शारीरिक रूप में कबूतर के समान उस पर उतरा।" क्योंकि पवित्र आत्मा केवल — आत्मा है — इसलिए वह हमें दिखाई नहीं देता है। इस अवसर पर, आत्मा ने उसके स्पष्ट प्रगटीकरण को प्रस्तुत किया और बिना किसी सन्देह के लोगों के द्वारा दिखाई दिया। कबूतर शुद्धता और हानि रहित होने का प्रतीक है (मत्ती 10:16), और यीशु के बपतिस्मा के समय कबूतर के रूप में यह संकेत मिलता है कि जिस आत्मा को यीशु को दिया गया था वह पवित्र और निर्दोष था।

कबूतर से जुड़ा एक और प्रतीक उत्पत्ति 6-8 में जल प्रलय और नूह के जहाज के वृतान्त से आता है। जब पृथ्वी कुछ समय के लिए जल से हुई प्रलय से ढकी हुई थी, तो नूह यह देखने के लिए जाँच करना चाहता था कि पृथ्वी पर कहीं सूखी भूमि थी, इसलिए उसने जहाज से कबूतर को बाहर भेजा; कबूतर अपनी चोंच में एक जैतून की डाली को वापस ले आया (उत्पत्ति 8:11)। उस समय से, जैतून की डाली शान्ति का प्रतीक रही है। प्रतीकात्मक रूप से नूह के कबूतर की कहानी हमें बताती है कि जल प्रलय के द्वारा पृथ्वी से दुष्टता को शुद्ध करने के पश्‍चात् परमेश्‍वर ने लोगों के साथ शान्ति की घोषणा की थी। कबूतर ने परमेश्‍वर की आत्मा का प्रतिनिधित्व किया और मनुष्य के साथ मेल-मिलाप करने के लिए अच्छे समाचार को ले आया। इसमें कोई सन्देह नहीं है कि यह केवल एक अस्थायी मेल-मिलाप था, क्योंकि परमेश्‍वर के साथ स्थायी रूप से आत्मिक मेल-मिलाप केवल यीशु मसीह के माध्यम से ही आता है। परन्तु यह महत्वपूर्ण है कि पवित्र आत्मा को यीशु के बपतिस्मा के समय कबूतर के रूप में चित्रित किया गया था, जिस के कारण एक बार फिर से यह परमेश्‍वर के साथ शान्ति स्थापना प्रतीक बन गया।

पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा ने प्रेरितों के सन्देश की आश्‍चर्यजनक सामर्थ्य और उनके मूल रूप से परिवर्तित हुए जीवन को दर्शाने के लिए अन्य भाषाओं को "आग की सी जीभों को फटता" हुआ दिखाया (प्रेरितों 2:3)। यीशु के बपतिस्मा के समय कबूतर के रूप में पवित्र आत्मा की उपस्थिति सौम्य उद्धारकर्ता का प्रतीक है, जो अपने बलिदान के द्वारा मानव जाति के लिए शान्ति को ले आता है।

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कबूतर को अक्सर पवित्र आत्मा के प्रतीक के रूप में क्यों प्रयोग किया जाता है?