क्यों परमेश्‍वर ने अब्राहम को इसहाक का बलिदान चढ़ाने के लिए आदेश दिया?



प्रश्न: क्यों परमेश्‍वर ने अब्राहम को इसहाक का बलिदान चढ़ाने के लिए आदेश दिया?

उत्तर:
अब्राहम ने परमेश्‍वर के साथ चलते हुए कई बार परमेश्‍वर की आज्ञा का पालन किया था, परन्तु कोई भी परीक्षा इस परीक्षा से ज्यादा गम्भीर नहीं हो सकती, जो उत्पत्ति 22 में दी हुई है। परमेश्‍वर ने आदेश दिया, "अपने पुत्र को अर्थात् अपने एकलौते पुत्र इसहाक को जिस से तू प्रेम रखता है, संग लेकर मोरिय्याह देश को चला जा, और वहाँ उसको एक पहाड़ के ऊपर जो मैं तुझे बताऊँगा होमबलि करके चढ़ा" (उत्पत्ति 22:2अ)। यह एक आश्चर्य में डाल देने वाली विनती थी क्योंकि इसहाक प्रतिज्ञा की हुई सन्तान थी। अब्राहम ने इसकी प्रतिक्रिया कैसे दी? उसने तुरन्त आज्ञा का पालन किया; अगली भोर को ही, अब्राहम ने अपने दो सेवकों, एक गदहा और उसके प्यारे पुत्र इसहाक के साथ, होमबलि के लिए लकड़ियों के साथ यात्रा को आरम्भ किया। परमेश्‍वर के उलझन भरे आदेश को पूर्ण करने के लिए उसके द्वारा उसके प्रश्‍नरहित आज्ञापालन ने परमेश्‍वर को उस महिमा को दिया जिसके वह योग्य है और यह हमारे लिए भी एक आदर्श ठहरा कि हमें कैसे परमेश्‍वर को महिमा देनी चाहिए। जब हम अब्राहम की तरह आज्ञापालन करते हुए, यह भरोसा करते हैं, कि परमेश्‍वर की योजना ही सबसे सम्भव सर्वोत्तम दृश्य है, तब हम उसके गुणों को उच्च ठहराते और उसकी स्तुति करते हैं। अब्राहम के द्वारा हृदय को तोड़ देने वाली आज्ञा के प्रति विश्‍वासयोग्य बने रहने से परमेश्‍वर के सर्वोच्च प्रेम, परमेश्‍वर की विश्‍वासयोग्यता और परमेश्‍वर की भलाई को महिमा प्रदान की, और उसने हमें भी अनुसरण करने के लिए एक आदर्श को प्रदान किया। परमेश्‍वर में उसका विश्‍वास जिसे वह जान गया था और परमेश्‍वर के प्रति उसके प्रेम ने अब्राहम को इब्रानियों 11 में वर्णित विश्‍वासयोग्य नायकों में स्थान प्रदान कर दिया।

परमेश्‍वर ने अब्राहम के विश्‍वास को उद्धार के एकमात्र तरीके के लिए एक नूमने के लिए उन सभों को उपयोग किया जो उसके बाद में आने वाले थे। उत्पत्ति 15:6 कहता है, “उसने यहोवा में विश्‍वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना।" यही सत्य मसीही विश्‍वास का आधार है, जिसकी पुष्टि को रोमियों 4:3 और याकूब 2:23 में दुहराया गया है। जिस धार्मिकता को अब्राहम के लेखे में गिना गया था, उसी धार्मिकता को हमारे लेखे में तब गिना जाता है, जब हम हमारे पापों के लिए परमेश्‍वर के द्वारा प्रबन्ध किए हुए बलिदान - यीशु मसीह को विश्‍वास के द्वारा ग्रहण करते हैं। "जो पाप से अज्ञात था, उसी को हमारे लिए उसने पाप ठहराया कि हम उसमें होकर परमेश्‍वर की धार्मिकता बन जाएँ" (2 कुरिन्थियों 5:21)।

नए नियम की प्रायश्चित की शिक्षा, अर्थात् मनुष्य के पाप के लिए प्रभु यीशु के द्वारा क्रूस के ऊपर दी हुई बलिदानात्मक भेंट का आधार अब्राहम की पुराने नियम की कहानी है। यीशु ने बहुत सी सदियों के पश्चात् ऐसा कहा, "तुम्हारा पिता अब्राहम मेरा दिन देखने की आशा से बहुत मगन था; और उसने देखा और आनन्द किया" (यूहन्ना 8:56)। नीचे बाइबल के दो वृतान्तों के मध्य में कुछ सामान्तर उदाहरण दिए गए हैं:

. “अपने पुत्र को अर्थात् अपने एकलौते पुत्र को ले" (वचन 2); "क्योंकि परमेश्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया..." (यूहन्ना 3:16)।

· “मोरिय्याह देश में चला जा, वहाँ पर उसे होमबलि करके चढ़ा..." (वचन 2); ऐसा विश्‍वास किया जाता है, कि यह वही स्थान है, जहाँ पर यरूशलेम का नगर बहुत वर्षों के पश्चात् निर्मित हुआ था, जहाँ पर यीशु को इस नगर की चारदीवारी के बाहर क्रूसित किया गया था (इब्रानियों 13:12)।

· “उसे वहाँ पर होमबलि करके चढ़ा दे" (वचन 2); "पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिए मर गया" (1 कुरिन्थियों 15:3)।

· “अब्राहम ने होमबलि की लकड़ी ले अपने पुत्र इसहाक पर लादी" (वचन 6); यीशु, "अपना क्रूस उठाए हुए..." (यूहन्ना 19:17)।

· “पर होमबलि के लिये भेड़ कहाँ है?" (वचन 7); यूहन्ना ने कहा, "देखो, यह परमेश्‍वर का मेम्ना है जो जगत का पाप उठा ले जाता है!" (यूहन्ना 1:29)।

· पुत्र, इसहाक, ने बलिदान बनते हुए पिता की आज्ञा का पालन किया (वचन 9); यीशु ने प्रार्थना की, "हे मेरे पिता, यदि हो सके तो यह कटोरा मुझ से टल जाए, तौभी जैसा मैं चाहता हूँ वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो" (मत्ती 26:39)।

· पुनरुत्थान - इसहाक (संकेतात्मक रूप में) वास्तविकता में यीशु: "विश्‍वास ही से अब्राहम ने, परखे जाने के समय में, इसहाक को बलिदान चढ़ाया, और जिस ने प्रतिज्ञाओं को सच माना था और जिससे यह कहा गया था, 'इसहाक से तेरा वंश कहलाएगा;' वही अपने एकलौते को चढ़ाने लगा। क्योंकि उसने मान लिया, कि परमेश्‍वर सामर्थी है, कि मरे हुओं में से जिलाए, अत: उन्हीं में से दृष्टान्त की रीति पर वह उसे फिर मिला" (इब्रानियों 11:17-19); यीशु "गाड़ा गया, और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:4)।



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