मैं स्वयं को विवाह के लिए कैसे तैयार कर सकता हूँ?



प्रश्न: मैं स्वयं को विवाह के लिए कैसे तैयार कर सकता हूँ?

उत्तर:
किसी को बाइबल आधारित विवाह के लिए तैयार करना ठीक वैसे ही जैसे किसी को जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए तैयार करना। एक सिद्धान्त है जिसे हमारे जीवनों के सभी पहलूओं के ऊपर नया-जन्म पाए हुए विश्वासियों के नाते शासन करना: "तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख" (मत्ती 22:37)। यह कोई मजाक में दी गई आज्ञा नहीं है। यह विश्वासी होने के नाते हमारे जीवन का केन्द्रीय हिस्सा है। यह परमेश्वर और उसके वचन के ऊपर अपने पूरे मन से ध्यान लगाने के लिए चुनाव करना है ताकि हमारे प्राण और हमारे मन उन बातों से भर जाए जो परमेश्वर को प्रसन्न करते हो।

वह सम्बन्ध जो प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारा है ऐसा है जो कि अन्य सभी सम्बन्धों को अपने दृष्टिकोण में डाल लेता है। वैवाहिक सम्बन्ध मसीह और उसकी कलीसिया के नूमने के ऊपर आधारित है (इफिसियों 5:22-23)। हमारे जीवनों का प्रत्येक पहलू विश्वासी होने के नाते हमारे समर्पण के द्वारा शासन किया जाता है कि हम प्रभु के निर्देशों और आज्ञाओं के अनुसार जीवन व्यतीत करें। परमेश्वर और उसके वचन के प्रति हमारा आज्ञापालन हमें विवाह में और इस संसार में परमेश्वर की ओर से दी हुई-भूमिकाओं को पूरा करने के लिए सुसज्जित करता है। और प्रत्येक नए-जन्म प्राप्त विश्वासी की भुमिका हर बात में परमेश्वर की महिमा करना है (1 कुरिन्थियों 10:31)।

स्वयं को विवाह के लिए तैयार करने के लिए, यीशु मसीह में अपनी बुलाहट के लिए योग्य चाल चलना, और उसके वचन के द्वारा परमेश्वर के साथ निकटता के सम्बन्ध में आते हुए (2 तीमुथियुस 3:16-17), हर बात में आज्ञाकारिता के ऊपर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। परमेश्वर के साथ आज्ञाकारिता में चलने के लिए कोई आसान योजना सीखने के लिए नहीं है। यह एक चुनाव है जिसे हमें प्रतिदिन परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए संसारिक दृष्टिकोण को एक तरफ रखने के लिए चुनना है। मसीह के योग्य चाल चलने के लिए स्वयं को एक ही मार्ग, एक ही सत्य और एक ही जीवन के प्रति नम्रता के साथ दिन-प्रति-दिन, पल-दर-पल के आधार पर अधीन करते हुए चले जाना चाहिए। यह वह तैयारी है जिसे आवश्यक रूप से प्रत्येक विश्वासी को उस बड़े उपहार के लिए करनी चाहिए जिसे हम विवाह कह कर पुकारते हैं।

एक व्यक्ति जो आत्मिक रूप से परिपक्व और परमेश्वर के साथ चल रहा है किसी भी अन्य व्यक्ति की अपेक्षा विवाह के लिए ज्यादा तैयार होगा। विवाह समर्पण, जोश, नम्रता, प्रेम और आदर की मांग करता है। ये गुण सबसे ज्यादा एक व्यक्ति में दिखाई देते हैं जिसका परमेश्वर के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध है। जब आप स्वयं को विवाह के लिए तैयार करते हैं, अपने ध्यान को परमेश्वर पर आकार देने के लिए लगाएँ कि वह आपको ऐसे पुरूष और स्त्री के रूप में आकार दे दे जैसा वह बनाना चाहता है (रोमियों 12:1-2)। यदि आप स्वयं को उसके अधीन करेंगें, तो वह आपको जब वह सुन्दर दिन आएगा तो विवाह के लिए तैयार करने के लिए योग्य कर देगा।



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मैं स्वयं को विवाह के लिए कैसे तैयार कर सकता हूँ?