हस्तमैथुन - क्या यह बाइबल के अनुसार पाप है?



प्रश्न: हस्तमैथुन - क्या यह बाइबल के अनुसार पाप है?

उत्तर:
बाइबल हस्तमैथुन का विशेष रूप से कहीं उल्लेख नहीं करती है या यह बताती है कि क्या हस्तमैथुन करना पाप है अथवा नहीं । यह सत्य कि बाइबल में हस्तमैथुन के उल्लेख की कमी है पर उसको आवश्यक रूप से सही नहीं बना देती है । बाइबल में व्यभिचार की चर्चा तक को परिहार करने के लिये कहा गया है (इफिसियों ५:३) । मैं नहीं देखता कि हस्तमैथुन उस विशेष परीक्षण में उत्तीर्ण होता है । कभी-कभी यह देखने के लिये कि कोई कार्य पाप है या नहीं का अच्छा परीक्षण ऐसे होता है कि क्या आपको लोगों को यह बताते हुए गर्व होगा कि आपने अभी क्या किया है । अगर वो कोई ऐसा कार्य है जिसका लोगों को पता लगने पर शर्मिदगी उठानी या आप चिंतित हो, तो बहुत संभव है कि वो पाप है । एक अन्य अच्छा परीक्षण यह निर्णय करना है कि हम ईमानदारी से, अच्छे विवेक में, परमेश्वर से यह कह सकते हैं कि उस विशेष क्रिया को अभीष्ट करें तथा अपने अच्छे उद्देश्यों में उपयोग करे । मैं नहीं समझता कि हस्तमैथुन उन कार्यों में से है जिनपर हमें "गर्व" होना चाहिये या हम उसके लिये सही रूप से परमेश्वर का धन्यवाद करें ।

बाइबल हमें शिक्षा देती है, "सो तुम चाहे खाओ, चाहे पियो, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो" (१कुरिन्थियों १०:३१) । अगर वहॉ संदेह के लिये कोई जगह है कि वो परमेश्वर को प्रसन्न करेगा, तो उसे छोड़ देना ही सबसे अच्छा है । हस्तमैथुन के विषय में संदेह की एक निश्चित जगह है । "जो कुछ विश्वास से नहीं वह पाप है" (रोमियो १४:२३) । मैं नहीं देखता कि कैसे, बाइबल के अनुसार, हस्तमैथुन को परमेश्वर की महिमा को बढ़ाना माना जा सकता है । इसके अतिरिक्त हमें यह स्मरण रखने की आवश्यकता है कि

हमारे शरीर तथा हमारी आत्माऐं को मुक्त की गई है तथा परमेश्वर की है । "क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मंदिर है; जो तुम मे बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हों, इसलिए अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो" (१कुरिन्थियों ६:१९, २०) । इस महान सत्य का इस बात से वास्तविक संबंध होना चाहिये कि हम अपने शरीर के साथ क्या करते हैं तथा कहॉ जाते हैं । इसलिये, इन सिद्धांतो के प्रकाश में, मैं यह निश्चित रूप से कहना चाहूँगा कि बाइबल के अनुसार हस्तमैथुन एक पाप है । मैं यह विश्वास नहीं करता कि हस्तमैथुन परमेश्वर को प्रसन्न करता है, व्याभिचार की चर्चा को उजागर करता है, या परमेश्वर का हमारी देह पर अधिकार की परीक्षा पर खरा उतरता है ।



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हस्तमैथुन - क्या यह बाइबल के अनुसार पाप है?