मृत्यु के बाद क्या होता है
 
 

मृत्यु के बाद क्या होता है?



प्रश्न: मृत्यु के बाद क्या होता है?

उत्तर:
यह प्रश्न कि मृत्यु के बाद क्या होता है भ्रमात्मक हो सकता है । बाइबल में स्पष्ट नहीं है कि एक व्यक्ति अपनी अंतिम अनन्त निर्यात पर कब पहुँचता है । बाइबल हमें बताती है कि मृत्यु के क्षण के पश्चात एक व्यक्ति को स्वर्ग या नरक ले जाया जाता है उस आधार पर कि क्या उसने मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया । विश्वासियों के लिए, देह छोड़कर प्रभु के साथ उपस्थित रहना है (२कुरिन्थियों ५:६-८; फिलिप्पियों १:२३) । अविश्वासियों के लिये, मृत्यु पश्चात नरक में अनन्तकाल का दण्ड है (लूका १६:२२-२३) ।

यहाँ पर आकर भ्रम हो जाता है कि मृत्यु के पश्चात क्या होता है । प्रकाशित वाक्य २०:११-१५ वर्णन करता है कि नरक में सभी को आग की झील में डाला जाता है । प्रकाशित वाक्य के अध्याय नये आकाश तथा नयी पृथ्वी का वर्णन करते हैं । इसलिए, ऐसा प्रतीत होता है कि निर्णायक पुनरुत्थान तक, व्यक्ति मृत्यु पश्चात एक "अस्थाई" स्वर्ग या नरक में रहता है । एक व्यक्ति की अनन्त नियति नहीं बदलेगी, परन्तु एक व्यक्ति की अनन्त नियति का सही-सही "स्थान" बदलेगा । मृत्यु के पश्चात किसी द्घड़ी में विश्वासी नये आकाश तथा नयी पृथ्वी पर भेजें जायेंगे (प्रकाशित वाक्य २१:१) । मृत्यु पश्चात किसी द्घड़ी में अविश्वासियों को आग की झील में डाले जायेंगे (प्रकाश्ति वाक्य २०:११-१५)। यह सारे लोगों की निर्णायक (अंतिम) अनन्त नियतियॉ हैं-पूर्ण रूप से इस बात पर आधारित के व्यक्ति ने अपने पापों के उद्धार के लिये केवल यीशु मसीह पर भरोसा किया है ।



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